सायरा ने विरोध करने का फैसला किया
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
सायरा ने अपनी माँ को अली की ब्लैकमेलिंग के बारे में बताया।
सायरा अपने कमरे में चुपचाप बैठी थी। उसका दिल तेज़ धड़क रहा था, लेकिन इस बार वह डर नहीं रही थी—वह थक चुकी थी। तभी अली फिर उसके कमरे में आ गया। उसके चेहरे पर वही घमंडी मुस्कान थी। उसने दरवाज़ा बंद किया और बोला,
“तो सायरा… क्या सोचा? मुझे दिखाने के लिए तैयार हो या नहीं?”
सायरा ने उसकी आँखों में देखते हुए दृढ़ आवाज़ में कहा, “नहीं। मैं ऐसा कुछ नहीं करने वाली। मैंने फैसला कर लिया है।”
अली का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
“तो ठीक है, तैयार हो जाओ। मैं तुम्हारा वीडियो घर में सबको दिखा दूँगा। फिर देखना क्या होता है।”
सायरा ने गहरी सांस ली और शांत आवाज़ में बोली,
“ठीक है, जो करना है कर लो। मैं तुम्हारी बेवकूफी भरी माँगें कभी नहीं मानूँगी। अब बहुत हो गया। मैं अभी माँ से बात करती हूँ।”
अली को उम्मीद नहीं थी कि सायरा इस तरह जवाब देगी। वह कुछ पल चुप रहा, फिर बिना कुछ कहे कमरे से बाहर चला गया।
सायरा जानती थी कि अली इतनी आसानी से हार नहीं मानेगा। वह उसे परेशान करता रहेगा। इसलिए उसने तय किया कि अब चुप रहना ठीक नहीं है। उसे अपनी माँ को सब कुछ बता देना चाहिए।
सायरा रोते हुए अपनी माँ के पास गई और पूरी बात बता दी—अली की धमकियाँ, उसका डर, और वह वीडियो जिसके नाम पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था।
माँ ने उसे गले लगाया। वह जानती थी कि सायरा कभी परिवार की इज़्ज़त को नुकसान नहीं पहुँचाएगी। माँ ने तुरंत फैसला किया कि अब अली को सबक सिखाना ज़रूरी है।
माँ ने अली को बुलाया और सख्त आवाज़ में पूछा,
“क्या तुम्हारे पास सायरा का वीडियो है? मैं अभी देखना चाहती हूँ।”
अली घबरा गया। उसका आत्मविश्वास गायब हो गया।
“मां… वो… वो तो बस मज़ाक था। मेरे पास कोई वीडियो नहीं है,” उसने हकलाते हुए कहा।
माँ ने गुस्से से कहा,
“अगर मज़ाक था, तो याद रखना—ऐसा मज़ाक दोबारा मत करना। सायरा पढ़ाई करना चाहती है। उसे परेशान मत करो।”
अली ने सिर झुकाया और चुपचाप चला गया।
सायरा ने राहत की सांस ली। उसे पता था कि वह अकेली नहीं है। उसे अली से डरने की कोई ज़रूरत नहीं थी।