अली की माफ़ी और नज़मा का असर
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
अली ने माफी माँगी, उसके इरादे साफ़ नहीं थे-नलेकिन ज़मा ने अली को बदल दिया।
असल में, अली सायरा को सबक सिखाना चाहता था। वह रोज़ कोई ऐसा तरीका सोचता था जिससे वह सायरा को अपने साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर कर सके। एक दिन उसकी मुलाक़ात अपनी पुरानी क्लासमेट नज़मा से हुई। अली जानता था कि नज़मा बहुत लालची है और पैसे के लिए कुछ भी कर सकती है। वह सायरा को भी जानती थी। नज़मा ने अली को अपने घर बातचीत के लिए बुलाया।
अगले दिन अली उसके घर गया और उसे सायरा से बदला लेने की योजना के बारे में बताया। नज़मा ने उसकी मदद करने का वादा किया। अली ने इसके बदले पैसे देने की पेशकश की, लेकिन उसने मना कर दिया। उन्होंने स्कूल में साथ बिताए समय के बारे में बात की।
बात करते हुए नज़मा ने अली का हाथ पकड़ा और कहा, “अली, तुम स्कूल में मेरे पसंदीदा थे, लेकिन मुझमें कभी तुमसे बात करने की हिम्मत नहीं हुई। देखो, किस्मत ने हमें फिर से मिला दिया।” उसने आगे कहा, “अगर तुम्हें सायरा पसंद है तो कोई बात नहीं, मैं तुम्हारी मदद करने की कोशिश करूँगी।”
अली उसकी बात सुनकर हैरान रह गया। नज़मा भी सायरा की तरह ही खूबसूरत और जवान थी। असल में, अली सायरा से प्यार नहीं करता था; वह बस उसे सबक सिखाना चाहता था क्योंकि वह उससे नाराज़ था।
अली एकदम शांत हो गया और बोला, “नज़मा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि तुम जैसी लड़की मुझसे प्यार कर सकती है। मैं बहुत बुरा इंसान हूँ और मैंने अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं की है।”
नज़मा मुस्कुराई और बोली, “अली, अभी देर नहीं हुई है। हम अभी भी युवा हैं। तुम अपनी पढ़ाई फिर से शुरू कर सकते हो। अगर हम साथ कॉलेज जाएं और क्लास में साथ बैठें, तो मुझे खुशी होगी।”
अली को यकीन नहीं हो रहा था कि वह क्या कह रही थी। नज़मा ने उससे कल फिर अपने घर आने को कहा। वे रोज़ मिलने लगे और अली का ध्यान सायरा से हटकर नज़मा की ओर बढ़ने लगाl
अली ने नज़मा के साथ मिलकर फिर से अपनी पढ़ाई शुरू करने का फ़ैसला किया। सायरा, अली के व्यवहार में आए इस सकारात्मक बदलाव को देखकर पूरी तरह हैरान रह गई। अब अली का ध्यान सायरा को परेशान करने के बजाय अपनी पढ़ाई और किताबों पर केंद्रित हो गया था।
एक दिन जब अली और नज़मा साथ बैठकर पढ़ाई कर रहे थे, तो उनके बीच की नज़दीकियां और बढ़ गईं। नज़मा ने खुद को अली के प्रति समर्पित कर दिया। उस रोमांटिक दिन के बाद जब अली घर लौटा, तो सायरा ने उसे वह किताब दी जिसे पाने के लिए वह काफी समय से उत्सुक था। अली ने उसकी ओर देखा और शांति से कहा, “सायरा, पुरानी बातें भूल जाओ, तुम मेरी सबसे अच्छी बहन जैसी हो। मैं तुम्हारी और तुम्हारे सपनों की रक्षा के लिए सब कुछ करूँगा।”
अली का यह हृदय परिवर्तन न केवल उसके और सायरा के बीच के कड़वे संबंधों को समाप्त करने वाला था, बल्कि यह उसके भविष्य के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक भी बन गया।