समीर उससे सहमत नहीं हुआ
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
समीर को बाकी चीजों से ज्यादा उसकी शरीर में दिलचस्पी थी।
समीर ने उसकी बातें ध्यान से सुनीं। वह मुस्कुराया और उसे शांति से बिस्तर पर बैठने को कहा। लिली उसकी प्रतिक्रिया जानने के लिए उत्सुक थी।
समीर को उसकी बातों में ज़्यादा दिलचस्पी नहीं थी। वह जानता था कि उन शब्दों में कुछ रहस्य छिपा है, इसीलिए लिली उससे बात करने और मिलने के लिए तैयार हुई थी। उसके मन में प्यार जैसी कोई बात नहीं थी। वह बस प्रेम संबंध बनाने का दिखावा कर रही थी। सच्चाई इससे बिल्कुल अलग थी।
समीर कई महीनों से लिली का पीछा कर रहा था। लिली ने उसे कभी हल्की सी मुस्कान से ज्यादा कुछ नहीं दिया। वह एक दिन में कैसे बदल गई?
उसे याद आया जब उसने उससे वो खास शब्द सुने थे। उसका चेहरा लाल हो गया था। वह बहुत डर गई थी। उसने फैसला किया कि समझौता करने का यह सही समय नहीं है। लिली के सारे शब्द झूठे हैं। अब सभी इच्छाओं को पूरा करने का समय है।
उसने उसका हाथ पकड़कर कहा, “लिली, मैं तुम्हारी बात समझता हूँ, लेकिन मैं अब और इंतजार नहीं कर सकता। मैं तुम्हारे साथ आगे बढ़ना चाहता हूँ। प्यार और रिश्ते की शुरुआत कहीं से भी हो सकती है। कभी-कभी यह भावनाओं से शुरू होता है और कभी-कभी शारीरिक आकर्षण से।”
लिली शर्मा गई और बोली, “यह आप पर निर्भर करता है। मुझे आपसे प्यार हो गया है। आप जो चाहें कर सकते हैं। मैं तैयार हूँ।”
समीर मन ही मन हँस पड़ा। वह जानता था कि लिली उतनी मासूम नहीं थी जितना वह दिखावा कर रही थी।अच्छा हुआ कि वह खुद मान गई। उसे बाबा की कुटिया में दोबारा जाने की जरूरत नहीं है। वह अपनी नई मांग बता सकता था ।
जब समीर ने उसे चूमने के लिए अपना चेहरा आगे बढ़ाया, तो लीली ने अपनी नज़रें झुका लीं और कहा, “क्या हम कल मिल सकते हैं? आज मुझे जल्दी घर जाना है।”
समीर ने उसे अपनी ओर खींचते हुए कहा, “सिर्फ एक चुंबन।” लीली ने उसे हल्के से चूमा l“
“तुम्हारे होंठ बहुत मुलायम हैं।” लिली l
लिली मुस्कुराई और शर्मा गई। फिर अपना बैग उठाया और कमरे से बाहर चली गई।