लिली ने समीर की मांग मानने से मना किया
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
लिली ने अपनी समस्या बताई
रात का समय था। लिली बिस्तर पर बैठी थी। समीर के शब्दों ने उसे बेचैन कर दिया। समीर को ये शब्द किसने कहे? वह उसके या उसके परिवार के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। यह सोचकर ही वह कांप उठी। लिली के मन में डर और उलझन का एक बवंडर सा उठ रहा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि समीर ने अचानक ऐसी बात क्यों कही।
उसे अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता थी, क्योंकि समीर का व्यवहार अब सामान्य नहीं लग रहा था। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके मन में क्या चल रहा है, यही बात उसे बेचैन कर रही थी।
नहीं-नहीं, मैं कोई समस्या नहीं चाहती। मुझे समीर को खुश रखना होगा। लेकिन उसके साथ बिस्तर पर जाना ठीक नहीं है। यह हद से ज़्यादा है। मैं ऐसा नहीं करूंगी। हम दोस्त बन सकते हैं। लिली ने खुद को समझाया कि अपनी गरिमा और मूल्यों से समझौता करना किसी भी रिश्ते की नींव को कमजोर कर सकता है। उसने तय किया कि वह अपनी सीमाओं का सम्मान करेगी ।
लिली को पूरी रात अच्छी नींद नहीं आई। उसके दिमाग में विचारों का चक्र चलता रहा। अगले दिन उसने समीर से मिलने का वादा किया था। स्कूल के बाद वह उसके घर गई। रास्ते भर वह सोचती रही कि उसे अपनी बात कैसे कहनी है। जब वह समीर के घर पहुँची, तो उसका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। समीर बेसब्री से उसके फैसले का इंतजार कर रहा था। उसके चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी, जो लिली को और भी डरा रही थी।
“समीर, तुम अच्छे लड़के हो। हम बात कर सकते हैं और मिल भी सकते हैं, लेकिन मैं किसी भी तरह का रिश्ता नहीं चाहती। मुझे सोचने के लिए और समय चाहिए। इस समय मैं बहुत असमंजस में हूँ।” लिली ने हिम्मत जुटाकर अपनी बात रखी। उसने स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी शारीरिक संबंध के लिए तैयार नहीं है।
समीर चुपचाप उसकी बातें सुनता रहा। जब वह कुछ नहीं बोला, तो लिली की बेचैनी बढ़ने लगी। मन ही मन वह डर रही थी। उसके पास ज्यादा विकल्प नहीं थे। उसे किसी भी कीमत पर समीर को राजी करना ही था।
लिली ने फिर पूछा, समीर, तुम क्या सोच रहे हो?