पाँच शब्दों का सच — लिली के अतीत और समीर का खुलासा

पाँच शब्दों का रहस्य

श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ

लिली के अतीत और समीर  का  खुलासा

वह जादुई वाक्य—”तुम्हें कैसे पता कि मुझे लाल कपड़े पसंद हैं, खासकर छोटे कपड़े? यह रंग तो सचमुच जादू कर देता है।” वास्तव में कोई जादुई शब्द नहीं थे, बल्कि एक गहरा राज़ थे।

लिली अठारह वर्ष की एक युवा लड़की थी, जिसका परिवार बेहद रूढ़िवादी विचारों का था। वह भली-भांति जानती थी कि उसका परिवार किसी भी लड़के के साथ उसके प्रेम-संबंध को कभी स्वीकार नहीं करेगा। इसके बावजूद, कुछ समय पहले लिली को एक लड़के से बेपनाह मोहब्बत हो गई थी। 

जब भी वे दोनों बंद कमरे में एक-दूसरे के करीब होते, तो वह लड़का लिली के पहनावे को देखकर हमेशा यही शब्द दोहराता था: “तुम्हें कैसे पता कि मुझे लाल कपड़े पसंद हैं, खासकर छोटे कपड़े? यह रंग तो जादू कर देता है।” इसके बाद वे दोनों कामुकता और चरम आनंद के सागर में डूब जाते थे। धीरे-धीरे, हर अंतरंग मुलाकात के साथ ये शब्द उनके बेडरूम की जिंदगी का एक अटूट हिस्सा बन गए।

कहानी में मोड़ तब आया जब एक दिन पड़ोसी लड़के समीर ने भी यही शब्द कहे। समीर के मुंह से ये शब्द सुनते ही लिली के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह बुरी तरह डर गई। उसे लगा कि समीर को उसके इस बेहद निजी और गुप्त संबंध के बारे में सब कुछ पता चल चुका है।

 चूंकि समीर उनका पड़ोसी था, इसलिए लिली को यह डर सताने लगा कि वह जल्द ही यह राज़ सबको बता देगा। यदि ऐसा हुआ, तो यह उसके और उसके रूढ़िवादी परिवार के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति होगी , जिसके कारण शायद उन्हें वह शहर तक छोड़ना पड़े । 

इस घबराहट और डर के मारे, समीर का मुंह बंद रखने के लिए लिली ने एक आत्मघाती कदम उठाया और उसके साथ भी शारीरिक व प्रेम संबंध बनाने का फैसला कर लिया।

लेकिन कहानी का अंत तब पूरी तरह बदल गया, जब बाद में लिली को इस बात का अहसास हुआ कि समीर को वास्तव में उन शब्दों के पीछे छिपे किसी भी रहस्य या उसके अतीत के बारे में कुछ भी पता नहीं था। वह तो बस एक इत्तेफाक था, जिसने लिली की जिंदगी में यह नया तूफान खड़ा कर दिया था।

रही बात इस रहस्य की कि आखिर ‘बाबा’ को ये शब्द कैसे पता चले, तो इसका खुलासा मैं कहानी के अगले भाग में करूँगा।

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