अनिल की बेचैन रात – बगीचे में रहस्यमयी लड़की

पड़ोसन पकड़ी गई

अनिल की बेचैन रात - बगीचे में रहस्यमयी लड़की

श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ

अनिल ने आधी रात को अपने पड़ोसी के बगीचे में एक युवा लड़की को देखा।

रात का समय था। सुनील अपने छत पर बने बेडरूम में सोने की तैयारी कर रहा था। उसने कमरे की लाइट बंद की और बिस्तर पर लेट गया, लेकिन नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी। खिड़की के कोने से उसकी नज़र अचानक चाँद पर पड़ी, तो वह मंत्रमुग्ध होकर फिर से उठ खड़ा हुआ और खिड़की के पास जाकर आसमान को निहारने लगा। तभी उसकी नज़र पड़ोसी के बगीचे पर पड़ी, जहाँ सन्नाटा पसरा हुआ था। वहाँ लगभग 30 साल की एक महिला खड़ी थी। 

सुनील की नज़रें उस पर टिक गईं। वह महिला धीरे-धीरे फूलों की क्यारियों के पास गई और सतर्क होकर इधर-उधर देखा। फिर उसने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। सुनील का दिल ज़ोरों से धड़कने लगा; उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह कोई असली इंसान है या कोई साया। उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए, बस एक छोटी बिकिनी पहने रखी। वह घास पर लेट गई; चाँदनी में उसका बदन दूध की तरह चमक रहा था। वह बहुत शांत थी।

सुनील की उत्सुकता और घबराहट दोनों चरम पर थीं। वह अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रहा था, मानो किसी ने उसे पत्थर का बना दिया हो। उस महिला की हरकतें बहुत ही अजीब और रहस्यमयी थीं। वह घास पर ऐसे स्थिर लेटी हुई थी, मानो कोई उसकी तस्वीर बना रहा हो। उसका चेहरा सीधे आसमान की ओर था, जैसे वह तारे गिन रही हो।

लगभग एक घंटा इसी तरह बीत गया। और सुनील की आँखें उस दृश्य पर जमी रही । फिर अचानक, वह महिला उठी और सीधे सुनील की खिड़की की ओर देखने लगी। सुनील डर के मारे पीछे हट गया और अपने बिस्तर पर लेट गया। उसका दिल इतनी ज़ोर से धड़क रहा था कि उसे लगा उसकी आवाज़ बाहर तक सुनाई देगी। कुछ देर बाद जब उसने हिम्मत जुटाकर दोबारा खिड़की से बाहर देखा, तो बगीचा पूरी तरह खाली था। वहाँ कोई नहीं था, न ही कोई कपड़े थे और न ही कोई हलचल। लड़की गायब हो गई थी। बगीचा खाली और शांत था।

अनिल बिस्तर पर वापस आ गया। उसकी आँखों से नींद गायब हो गई थी। लड़की की आकृति उसकी आँखों में घूम रही थी।

उसके मन में कई सवाल उठने लगे। वह उस रहस्यमयी लड़की की सच्चाई जानना चाहता था। रात इसी उलझन में गुज़र गई।

अब कहानी आगे बढ़ाने के लिए एक विकल्प चुनें:
guest
0 Comments