मनोज का डर-उनकी शादी और सालिज का भविष्य
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
मनोज रिया से अपना हाथ छुड़ा लेता है और नीचे चलने को कहता है।
ठंडी हवा चल रही थी और कुछ तारे चमकने लगे थे। उनके शरीर अब भी एक-दूसरे से सटे हुए थे। जैसे ही उनके होंठ एक-दूसरे को छूने वाले थे, मनोज ने अपना चेहरा घुमा लिया। “रिया, मुझे लगता है हमें नीचे जाना चाहिए,” उसने कहा।
“नहीं जीजू, मैं यहीं रहना चाहती हूँ। मेरे साथ रहिए,” रिया ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा।
मनोज ने रिया की पीठ पर हाथ फेरते हुए कहा, “रिया , मैं अभी भी शादीशुदा हूँ। आगे बढ़ने से पहले हमें और सोचना होगा।”
रिया ने कांपते होंठों से कहा, “मैं आगे बढ़ने के लिए तैयार हूँ, जीजू।”
“तुम्हारी बहन हमें बुला रही है, बेहतर होगा कि हम नीचे चलें। हमें अभी वहाँ होना चाहिए,” मनोज ने कहा और चलने लगा। रिया ने खुद को संभाला; वह समझ गई कि यह सही समय नहीं था क्योंकि घर मेहमानों से भरा हुआ था।
मनोज हॉल में आया जहाँ सब लोग नाच रहे थे। उसने अपनी पत्नी का हाथ पकड़ा और खुशी से उसके साथ नाचने लगा। रिया फर्श के एक कोने पर खड़ी थी। उसकी आँखें प्यासी थीं और होंठ सूखे थे। मनोज ने उसे अनदेखा करने की कोशिश की।
तभी रिया की बहन मीना ने उसका हाथ पकड़ लिया और तीनों एक साथ नाचने लगे।
मीना ने कहा, “रिया, तुम नाच में बहुत अच्छी हो। अपने जीजू के साथ नाचो, मैं बहुत जल्दी थक जाती हूँ,” फिर वह कुछ पीने के लिए चली गई।
रिया मुस्कुराई और बोली, “देखो, तुम्हारी पत्नी भी तो हम दोनों को साथ देखना चाहती थी।”
मनोज ने जवाब दिया, “मैं भी तो चाहता हूँ कि हम साथ रहें, लेकिन तुम्हें एक दिन शादी करके अपना घर बसाना होगा। मैं नहीं चाहता कि हम ऐसा कुछ करें जिससे तुम्हारे भविष्य पर असर पड़े। तुम जानती हो कि मेरी जिंदगी कितनी जटिल है।”
“जीजू, मुझे पता है। लेकिन मुझे यकीन है कि दीदी कभी नहीं बदलेंगी। आपको खुशी से जीने का पूरा अधिकार है। मेरी शादी करने की कोई योजना नहीं है। मुझे आपके साथ आगे बढ़ने में कोई समस्या नहीं है,” रिया ने दृढ़ता से फिर कहा।
मनोज ने गहरी सांस लेते हुए उत्तर दिया, “नहीं, नहीं रिया । मैं अभी तैयार नहीं हूँ, मुझे और समय चाहिए। मुझे पहले अपनी शादी की उलझनों को सुलझाना होगा। उसके बाद ही हम अपने रिश्ते के बारे में सोच सकते हैं। मुझे पता है यह मुश्किल है, लेकिन हमें धैर्य रखना होगा।”
रिया समझती थी कि जीजू उससे प्रेम करते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में वे उसके साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं थे। उसे उन्हें मनाने के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे।