सेक्सी लड़की अलीना की वो रात
श्रेणी: जबरदस्ती सेक्स
पढ़ने का समय: 1 5 मिनट | शब्द: 2500
यह वयस्क कहानी एक ऐसी स्थिति का वर्णन करती है जिसमें एक युवती का बलात्कार होता है। यह उन कुछ बातों पर प्रकाश डालती है जिनके प्रति हमें अपने दैनिक जीवन में बहुत सावधान रहना चाहिए।
इस कहानी में यौन सामग्री, हिंसा और अपशब्द शामिल हैं।
गर्मी के दिन थे, अब्दुल स्कूल के कमरों को साफ करने की तैयारी कर रहा था l सफाई कक्ष के पास बाले कमरे में उसने कुछ लड़कियों को बात करते हुए सुना। सफाई कक्ष और ड्रेसिंग रूम के बीच एक दरवाज़ा था। यह हमेशा बंद रहता था, दरवाज़ा पुराना था और चाबियाँ लगाने के लिए एक छोटा सा छेद था। अब्दुल ने छेद से देखा, लड़कियाँ कपड़े बदल रही थीं और स्विमिंग सूट पहन रही थीं।
ड्रेसिंग रूम के दूसरी तरफ स्विमिंग हॉल था। अब्दुल उनके आधे नग्न शरीर को देखने लगा और आनंद लेने लगा। उसकी नज़र एक खूबसूरत जवान लड़की पर रुकी, वह अलीना थी। वह उसके कपड़े उतारने का इंतजार करने लगा l जब उसने अपनी शर्ट उतारी, वह ब्रा में कसे उसके बड़े स्तनों को देखा कर दंग रह गया l उसके सुडौल स्तन उसकी पतली कमर पर बिल्कुल उपयुक्त लग रहे थे। फिर उसने अपनी जींस उतार दी l उसके उभरे हुए गोल नितंब किसी भी पुरुष को आसानी से उत्तेजित कर सकते थे। लड़कियाँ स्विमिंग ड्रेस पहनकर कमरे से बाहर चली गईं।
अब्दुल लगभग चालीस साल का आदमी था। वह स्कूल में सफाई का काम कर रहा था। उसका विवाह रेशमा से हुआ था, जो कई लोगों के घरों में काम करने वाली ऐक नौकरानी थी। उनकी बारह साल की लड़की भी थी l
आम तौर पर अब्दुल दिन में काम करता था, लेकिन कभी-कभी उसका बॉस उसे रात में काम करने के लिए बुला लेता था । जब वह काम कर रहा था उसके दिमाग में अलीना के कामुक शरीर की छवि लगातार घूम रही थी।
“किसी लड़की का शरीर इतना आकर्षक कैसे हो सकता है? वह भाग्यशाली पुरुष कौन होगा जो उसकी कौमार्य भंग करेगा? काश वो इंसान मैं होता।” उसने फुसफुसाते हुए कहा।
अब्दुल उसके आकर्षक स्तनों और नितंबों के बारे में सोचता रहा। उसका लिंग पूरे दिन उत्तेजित रहा।
उसने अपना काम किया और घर जाने के लिए तैयार था, वह बाहर आया और घर चलने लगा, उसने देखा कि अलीना भी घर जा रही थी l उसने टाइट जींस और छोटा टॉप पहना हुआ था। टाइट जींस में उसके नितंबों की हरकतें बेहद सेक्सी लग रही थीं। अब्दुल उसका पीछा करने लगा l वह बहुत उत्तेजित था और उसका लिंग उसकी तंग नितंबों के अंदर जाने के लिए तैयार था।
अब्दुल जानता था कि वह अपनी मर्जी से कभी भी उसे अपनी योनि नहीं देगी। अगर वह उसके शरीर को मसलना चाहता है तो उसे उसकी इच्छा को भूलना होगा।
सड़क व्यस्त थी, उसे पकड़ना खतरनाक था। वे आधे घंटे तक चले, फिर वह अपने घर के अंदर चली गई। अब्दुल ने देखा कि उसका घर उसके घर से ज्यादा दूर नहीं था। वह अपने घर जाने लगा l
अलीना अठारह साल की जवान लड़की थी, वह पिछले महीने अपनी माँ के साथ अपने नए घर में शिफ्ट हुई थी । उसे तैराकी पसंद थी,और वह पिछले सप्ताह तैराकी स्कूल में शामिल हुई थी l वह अब्दुल और उसके परिवार के बारे में कुछ नहीं जानती थी l
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अब्दुल सफाई कक्ष में अलीना के आने का इंतजार कर रहा था। कई लड़कियाँ कपड़े बदल रही थीं, कुछ लड़कियाँ तो बिना ब्रा के घूम रही थीं , वह आनंद ले रहा था, तभी अलीना आई, उसका दिल तेजी से धड़कने लगा, वह अलग थी, उसने अपनी टी शर्ट उतार दी, फिर उसने अपनी सहेली से पूछा,
“मैं कैसी लग रही हूँ?” उसने अपने नितंब को एक तरफ और फिर दूसरी तरफ घुमाया।
बह बोली “परफेक्ट मॉल!” वे हँसी ।
अब्दुल सोच रहा था कि वह मॉल नहीं बल्कि सुपर मॉल बन गईं है । आज फिर वह बहुत उत्तेजित था और सोच रहा था कि एक दिन वह उसके ऊबरे नितंब को दो भागों में फाड़ देगा,और उसके स्तनों को अपने तेज़ दाँतों से काटेगा l वह अब शांति से काम नहीं कर पा रहा था, उसका मन यही सोच रहा था कि वह उसे कैसे फाड़ सकता था l
दोपहर के बाद वह काम ख़त्म करके घर आया, उसकी पत्नी उसका इंतज़ार कर रही थी l उसकी पत्नी ने उसे बताया कि उसने एक नए घर में काम शुरू किया है। घर की मालकिन एक महिला है, जो अपनी छोटी बेटी के साथ रहती है। उसने मुझसे कल रात रुकने के लिए कहा क्योंकि उसकी बेटी अलीना घर पर अकेली है। लेकिन मैंने कहा कि मैं आठ बजे तक रुक सकती हूँ क्योंकि मेरी अपनी बेटी अकेले नहीं रहना चाहती।
जब अब्दुल ने नए घर और अलीना के बारे में सुना, तो उसकी आँखें चमक उठीं, वह और जानना चाहता था,
” वह नया घर कहाँ है?” उसने उत्सुकता से पूछा।
“वह नया घर, फलों की दुकान के पास, काले गेट बाला “, उसकी पत्नी ने उसे बताया।
” वहाँ कौन रहता है? प्रिय l”
“उस महिला का पति नहीं है, वह अपनी बेटी अलीना के साथ रहती है l”
“आह,ठीक है! वह तुमसे क्या चाहती है?”
“वह कल देर रात की पार्टी में जा रही है , सुबह करीब चार बजे वापस आएगी,उसने पूछा कि क्या मैं रात को उसकी बेटी अलीना के साथ रुक सकती हूँ?”
अब्दुल जानता था कि यह वही सेक्सी अलीना का घर है। उसने उसे उस घर के अंदर जाते हुए देखा था । उसने सोचा कि वह रात में अकेली होगी और उसके पास उसकी फाड़ने का अच्छा मौका है l”
“आपने ठीक किया, कल रात मैं भी काम पर हूँ l”
“मैं आठ बजे वापस आऊँगी।” उसकी पत्नी ने दोहराया।
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शाम के लगभग सात बज रहे थे, कुछ अँधेरा हो चुका था। अब्दुल अलीना के घर के पास पेड़ के पीछे खड़ा था। और अलीना के घर और देख रहा था,बह बहुत शांत था और किसी जल्दी में नहीं था l
लगभग साढ़े सात बजे ऐक टैक्सी गेट के पास रुकी, कुछ मिनट बाद सुंदर पोशाक में एक महिला टैक्स में आ बैठी। वे चले गए। वह अलीना की माँ थी, अब्दुल को अभी भी अपनी पत्नी के बाहर आने का इंतज़ार करना था l
वह जानता था कि यह उसके लिए अविस्मरणीय रात होगी। सड़क बहुत सुनसान थी, अलीना के घर पर कुछ लाइट्स जल रही थीं।
तभी उसने अपनी पत्नी को बाहर आते देखा, उसने बाहर की सभी लाइटें बंद कर दीं और दूसरी तरफ चली गई।
अलीना के घर के पिछवाड़े में गहरा अंधेरा था, घर के अंदर केवल दो लाइटें थीं, एक शायद अलीना का बेडरूम और दूसरी लिविंग रूम की।वह तब अंदर जाना चाहता था जब अलीना पहले ही अपने बेडरूम में जा चुकी होगी।
लगभग नौ बज रहे थे, उसने देखा कि एक लाइट बंद हो गई l वह पिछवाड़े की दीवार कूदकर उसके घर में दाखिल हुआ, लिविंग रूम का दरवाज़ा बंद था लेकिन लॉक नहीं किया गया था। वहां पूरा अंधेरा था, उसने पहले खिड़की से अंदर देखा, अंदर कोई नहीं था l एक कमरे से लिविंग रूम में बहुत धीमी रोशनी आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि अलीना अपने शयनकक्ष में थी और वहाँ हल्की रोशनी थी। वह लिविंग रूम में दाखिल हुआ और उसके बेडरूम के दरवाजे की ओर बढ़ने लगा, उसने देखा अलीना नाइट गाउन पहने हुए बिस्तर पर थी। उसकी आँखें बंद थी l
उसने अपने बैकपैक से काला मास्क निकाला और पहन लिया l उसका चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था, केवल उसकी आँखें और होंठ बाहर थे। फिर उसने अपने बैग से बड़ा चाकू निकाला। वह अंदर जाने के लिए तैयार था।
अलीना अपनी पीठ के बल लेटी हुई थी। उसके दोनों हाथ बिस्तर पर फैले हुए थे। उसका गाउन उसके आधे स्तनों को उजागर कर रहा था, नुकीले निपल्स ढके हुए थे। उसकी पैंटी भी गाउन में ढकी हुई थी,बाल उसके चेहरे के चारों ओर फैले हुए थे।
अब्दुल उसके बिस्तर के पास चला गया,उसकी आँखें अभी भी बंद थीं।
वह उसके बिस्तर के पास गया और उसके होठों पर अपना हाथ रखा फिर जोर से दबाया। उसने अपनी आँखें खोलीं, बड़े चाकू वाले नकाबपोश आदमी को देखकर वह कांपने लगी l उसने अपना चाकू उसकी गर्दन पर रख दिया l
“चुप रहो। वरना मैं तुम्हें काट डालूंगा। मेरे आदेश का पालन करो।”
अलीना कांपने लगी और प्रार्थना करने लगी। “कृपया मुझे चोट मत पहुँचाओ, मैं आपके आदेश का पालन करूंगी।”
अब्दुल ने उसे पेट के बल घुमाया, और उसकी पीठ पर उसकी बाँहों को कपड़े से बाँध दिया l वह बिस्तर पर काप रही थी l उसने कपड़े का एक और टुकड़ा लिया और उसकी आँखों को कसकर बंद कर दिया l
अलीना में कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं थी, वह बहुत आक्रामक और खतरनाक दिखता था l वह रो रही थी और बहुत धीमी आवाज में गिड़गिड़ा रही थी l
उसने उसका गाउन कंधों से काट दिया और उसे फर्श पर फेंक दिया l उसके शरीर पर सिर्फ ब्रा और पैंटी बची थी और वह पेट के बल लेटी हुई थी l उसके सामने छोटी अंडरवियर में उसका गोल नितंब था। उसने उसके नितंबों की मालिश की। वे बहुत मुलायम लग रहे थे। फिर उसने उसकी अंडरवियर भी उतार दी। उसकी आँखों चमक उठी l
उसे याद आया कि कैसे वह चलते समय जीन्स में अपने नितंब हिला रही थी,अब यह उसके सामने थे और नग्न थे l
उसने अपना अंगूठा उसकी भूरी रेखा पर फिराया और फिर उसने उसकी गुदा को दबाया। वह सिसकते हुए बोली, “कृपया नहीं। मुझे यह पसंद नहीं है।”
“रुको बेबी, ये मेरी उंगली है, लिंग नहीं!”
फिर उसने अपनी उंगली गुदा में डाल दी। वह चिल्लाई, लेकिन वह गुदा के अंदर उंगली घुमाता रहा।
“तुम्हारा गुदाद्वार बहुत तंग है, उम्मीद है योनि भी उतनी ही तंग होगी। तुम क्या चाहती हो, मैं पहले खोलूँ? गुदाद्वार या योनि?”
“कृपया मुझे चोट मत पहुँचाओ, मैं अभी भी कुंवारी हूँ।” अलीना ने विनती की।
“ठीक है बेबी, मैं तुम्हारे नितंबों और स्तनों का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ। हम पहले तुम्हारी गुदा की कोशिश करेंगे। यह अब तैयार लग रही है, मेरा लिंग भी अंदर जाने के लिए उत्तेजित है।”
उसने अपने पायजामे से अपना लिंग बाहर निकाला। वह एक छड़ी की तरह पूरी तरह से सख्त था। अब्दुल ने अपना लिंग उसके नितंबों पर रगड़ा और फिर गुदा पर रोक दिया।
“बेबी, मुझे मजा नहीं आ रहा क्योंकि कमरा बहुत शांत है। चलो थोड़ा शोर मचाते हैं।”
अलीना को उसके अगले कदम के बारे में पता नहीं था। उसने उसके कुछ बाल पकड़े और उन्हें खींचने लगा। अलीना दर्द से चीखने लगी।
“वाह! मुझे ये पसंद है।”
उसने फिर से और ज़ोर से बाल खींचे। वह फिर से चीखी। उसी समय उसने अपना कठोर लिंग उसके नितंबों में घुसा दिया और उसकी गुदा को फाड़ दिया।
बालों को खींचना उसे और उत्तेजित करता था l धीरे – धीरे वह अपनी गति बढ़ाने लगा l अलीना कुछ राहत पाने के लिए अपने नितंबों को इधर-उधर हिला रही थी l वह जोरदार धक्के लगा रहा था । उसने उसके कई बाल खींच कर तोड़ दिए, तभी उसका लिंग फटा और उसकी गुदा को वीर्य से भर दिया l
फिर उसने अपना लिंग बाहर निकाला, नितंबों पर चुटकी ली और थप्पड़ मारा l
अलीना धीरे-धीरे रो रही थी, उसके नितंबों से वीर्य की बूंदें टपक रही थीं l
अब्दुल उसके पास बिस्तर पर बैठ गया, वह उसकी योनि को फाड़ने के लिए अपने लिंग को फिर से लोड करना चाहता था और अपने शुक्राणुओं को उसकी योनि में गहराई तक डालना चाहता था l
“तुम्हारी योनि सचमुच कुंवारी है, बेबी।”
“हाँ। मेरा कभी कोई बॉयफ्रेंड नहीं रहा। कृपया मुझे चोट मत पहुँचाओ, प्लीज़।”
“बहुत बढ़िया बेबी!” उसने अपना चाकू उसकी पीठ पर घुमाया और उसकी ब्रा की बेल्ट काट दी”
“आह्ह्ह!” अलीना चिल्लाई। उसके स्तन मुक्त हो गए।
वह पूरी तरह से नग्न थी l उसने उसे पीठ के बल घुमाया और उसकी टांगे को खोल दिया l उसके मोटे सतन आज़ाद थे, उसकी योनि के होंठ अभी भी एक दूसरे से चिपके हुए थे l वह कुछ देर तक उसे देखता रहा, शरीर बहुत मुलायम लग था, त्वचा चमक रही थी l
उसने चाकू उसकी योनि के होठों के बीच रखा और उन्हें धीरे से खोलने की कोशिश करने लगा l अलीना को अपनी योनि में ठंडा स्टील का चाकू महसूस हुआ। वह गिड़गिड़ाने लगी,
“कृपया, मुझे मत काटो!”
“ठीक है नहीं काटता” उसने अपना चाकू एक तरफ रख दिया और उसकी योनि को अपने हाथ से रगड़ने लगा l वह इतनी गीली नहीं थी लकिन उसे लगा वह शुरुआत कर सकता था l
वह उसके पैरों के बीच में कूद गया l लिंग पूर्ण सख्त हो चुका था,उसने बिना देर किये उसकी टाँगें अपने कंधे पर रखी और लिंग उसकी योनि के पास ले गया l
वह फुसफुसाया, “पहले लिंग का आनंद लीजिये बेबी!”
लिंग उसकी योनि के होंठों को छू रहा था, उसने उसेके स्तनों पर जोर से चुटकी काटी l वह उसकी चिल्लाहट सुनना चाहता था जो लिंग को और सख्त बनाती थी l
वह चिल्ला रही थी, लिंग उसकी योनि को दबा रहा था और किसी पल उसको फाड़ सकता था l वह कांप रही थी l वह जानती थी कि उसकी बड़ी हड्डी बहुत जल्द उसकी योनि मे घुसे गी और सुखी योनि की दीवारों को काट डाले गी l
अब्दुल योनि गीली होने के लिए और अधिक इंतजार नहीं कर सकता था l उसने ज़ोर से धक्का मारा। लिंग योनि की गहराई में चला गया l उसकी आधी गीली योनि फट गयी ,कौमार्य खो गई l वह आक्रामकता से अपना लिंग आगे पीछे हिलाने लगा l अलीना का शरीर कांप रहा था l वह अपनी गति बढ़ा रहा था,कुछ देर तक वो उसकी योनि फाड़ता रहा l उसके शुक्राणु आसपास भी नहीं थे।
उसने फिर से उसके बाल पकड़े और खींचे।
“कृपया!मेरे बाल मत खींचो , मुझे बहुत दर्द होता है” अलीना ने विनती की l
“ठीक है, जान, लेकिन मुझे कुछ तो करना होगा ताकि मेरे शुक्राणु तुम्हारी योनि में प्रवेश कर सकें। मैं इसे पूरी तरह से भरना चाहता हूँ।”
“अगर मैं तुम्हारे कोमल स्तनों का स्वाद चख लूँ, तो शायद इससे मुझे तुम्हारी योनि भरने में मदद मिलेगी।” उसने उसके स्तन के निप्पल को अपने मुंह में लिया और उसे अपने दांतों से दबा लिया।
अलीना फिर जोर-जोर से चीखने लगी, मानो यह उसकी आखिरी चीख हो। वह और दर्द सहन नहीं कर पा रही थी। लिंग उसकी योनि में तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था।अब्दुल पूरी ताकत से अपना लिंग अंदर धकेल रहा था। स्तनों को चुटकी काटने से उसकी उत्तेजना बढ़ रही थी। वह अलीना की ज़ोर-ज़ोर से चीखें सुनना चाहता था।
“बच्ची, ज़ोर से चिल्लाओ, मैं आ रहा हूँ।” अब्दुल ने उसकी निप्पल काटते हुए कहा। फिर उसका लिंग योनि के अंदर फट गया। उसके शुक्राणु योनि के अंदर गहराई तक फैलने लगे।
अब्दुल ने उसके होंठों को चूमा और कहा, “बधाई हो बेबी। अब तुम कुंवारी नहीं हो। तुम्हारा गुदा भी कुंवारी नहीं रही । वह मेरे शुक्राणुओं से भरी हुई है।”
अलीना लगभग बेहोश थी। उसकी योनि और आकर्षक गोल नितंबों से वीर्य बह रहा था। सब कुछ फट गया था।
“धन्यवाद बेबी । तुमने मेरा सपना पूरा कर दिया। मुझे तुमसे और कुछ नहीं चाहिए था। तुम्हारी माँ जल्द ही आने वाली है। मुझे अब जाना होगा।”
अब्दुल ने अपना सामान इकट्ठा किया और वह से भागने लगा l
गीता अठारह साल की लड़की थी, वह कॉलेज में थी और अपने पिता के साथ रहती थी l छुट्टियों में वह अपनी माँ के घर आती थी। कुछ साल पहले उसकी मां घर छोड़कर चली गई और यहां रहने लगी