गीता और उसके सौतेले पिता

गीता और उसके सौतेले पिता

श्रेणी:जबरदस्ती सेक्स

पढ़ने का समय: 6 मिनट | शब्द: 962

इस वयस्क कहानी में, लेखक बताता है कि गीता जैसी एक युवा लड़की का जीवन एक छोटी सी गलती से कैसे बदल जाता है।

   गीता लिविंग रूम में बैठी टीवी देख रही थी, जसी अंदर आया और सोफे पर बैठ गया l

“गीता मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता था!”   उसने हल्की सी मुस्कुराहट के साथ कहा l

“क्या?” गीता ने उत्सुकता से पूछा l

बह अपना फोन टीवी से कनेक्ट करने लगा l

जसी पैंतालीस साल का आदमी  उसकी माँ का दोस्त था l   गीता की माँ तलाकशुदा थी l अब जसी उसकी माँ के साथ रहने लगा था l गीता उसके बारे में ज्यादा नहीं जानती थी l

 गीता अठारह साल की  लड़की थी, वह कॉलेज में थी और अपने पिता के साथ रहती थी l छुट्टियों में वह अपनी माँ के घर आती थी। कुछ साल पहले उसकी मां घर छोड़कर चली गई और यहां रहने लगी l  गीता अपनी मां से बहुत प्यार करती थी,लेकिन उसका कॉलेज उसके पिता के घर के बहुत पास था, इसलिए उसने उनके साथ रहने का फैसला किया। 

 माँ ऑफिस में काम कर रही थी और सुबह घर से निकल जाती थी । जसी भी काम करता था लेकिन रोज़ नहीं।

 गीता का कोई बॉयफ्रेंड नहीं था। उसे पोर्न या कामुक वीडियो देखना पसंद था, कभी-कभी वह बहुत उत्तेजीत हो जाती थी और हस्तमैथुन करती थी l उसके मन में एक अजीब विचार था,वह किसी को सेक्स करते हुए लाइव देखना चाहती थी।

 एक देर रात जब वह पोर्न देख रही थी, तो वह बहुत उत्तेजित थी l  उसने अपनी माँ को आनंद से चिल्लाते हुए सुना। उसे पता था कि उसका प्रेमी अपना काम बहुत अच्छे से कर रहा होगा। इसीलिए माँ चिल्ला रही थी। मां के चिल्लाने से उसकी  उत्तेजना और बढ़ गई । उसने उनके लाइव प्रदर्शन देखने का फैसला किया।

वह धीरे-धीरे बाहर की खिड़की तक चली गई। और खिड़की की तरफ से एक छोटे से छेद से अंदर देखने लगी l मां के पैर ऊपर उठे हुए थे। जसी का मोटा लिंग बहुत तेजी से आगे-पीछे हिल रहा था। माँ  चिल्ला रही थी l

वह बहुत उत्तेजित हो गई और उसने अपना हाथ अपने अंडरवियर में डाल दिया और अपनी योनि को रगड़ने लगी l  जसी  के सख्त लिंग  ने उसे और अधिक उत्तेजित कर दिया। वह तब तक रगड़ती रही  जब तक उसे संभोग प्राप्त नहीं हुआ l वह अपने कमरे में वापस आई। उसकी आंखों के सामने जसी का लिंग घूम रहा था। 

 गीता को उसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी।

 वे अभी भी लिविंग रूम में थे और जसी ने अपना फोन लगभग ठीक कर लिया था,लेकिन उसने अभी तक कोई वीडियो शुरू नहीं किया था, वह सिर्फ मुस्कुरा रहा था।

 “जसी आप मुझे क्या दिखाने जा रहे हैं?”  वह बहुत उत्सुक थी, और जसी के साथ बैठ गई l

“शुरू करें! , वह वीडियो थोड़ा सेक्सी है, क्या यह ठीक है?” उसने मुस्कुराते हुए कहा।

गीता जानती थी  वह उसे कोई अश्लील या सेक्सी वीडियो नहीं दिखाएगा।

उसने वीडियो चलाया और गीता वीडियो देखकर दंग रह गई, उसे नहीं पता था  उनके घर के बाहर जसी ने सुरक्षा कैमरा लगा दिया था और जब वह खिड़की से उन्हें देख रही थी तो उसमें सब कुछ रिकॉर्ड हो गया था । वो उनको देखते हुए अपनी योनि  रगड़ रही थी l

उसके पास कहने के लिए शब्द नहीं थे,वह तो बस नजरें झुकाये बैठी थी l जसी चुपचाप उसे देख रहा था। फिर उसने कहा।

 “मुझे क्षमा करें, मैं मूर्ख हूं!”

“गीता, तुमने मुझे अपनी माँ के साथ नग्न अवस्था में देखा। तुमने हमारी निजता का उल्लंघन किया। यह ठीक नहीं है। तुमने मुझे और अपनी माँ को दुख पहुँचाया। और अगर तुम्हारे पिता को पता चला तो उन्हें भी दुख होगा।”           

गीता का चेहरा लाल था, वो शरमा रही थी, वह धीरे से बोली,  “मुझे पता है मैंने गलत किया। मैं आपके लिए क्या कर सकती  हूँ?”

“आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है। मैं यह वीडियो आपके माता-पिता को दिखाऊंगा। आपको उन्हें जवाब देना होगा।”

“कृपया ऐसा मत करो। मैं पहले ही तुमसे माफी मांग चुकी हूँ।” गीता ने कहा। 

“ठीक है, मैं ऐसा नहीं करूँगा। लेकिन तुमने मुझे नग्न देखा है, मैं भी तुम्हें नग्न देखना चाहता हूँ।”  उसने कहा। 

“तुम क्या कह रहे हो, मैं लड़की हूँ। तुम मुझे ऐसे कैसे कह सकते हो?” गीता चिल्लाई।

“यह आप पर निर्भर है। आप तय करें कि आप क्या करना चाहते हैं।” जसी ने अपना फोन बंद किया और जाने के लिए खड़ा हो गया।

“कृपया रुकिए, हम बात कर सकते हैं।”

“ ठीक है। आप क्या करना चाहते हैं?”

“ मैं आपके सामने नग्न होने के लिए तैयार हूँ, लेकिन आप मुझे स्पर्श नहीं करेंगे।”

“ आपने मुझे देखते हुए हस्तमैथुन किया, मैं भी आपकी योनि को देखते हुए हस्तमैथुन करना चाहता हूँ।” जसी मुस्कुराते हुए कहा।

“ठीक है। अगर तुम ऐसा करना चाहते  हो तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।” गीता ने कहा और अपने कपड़े उतारने लगी।

“ अपने सारे कपड़े उतार दो और बिस्तर पर लेट जाओ, अपने पैर पूरी तरह खोल दो ताकि मैं तुम्हारी योनि साफ-साफ देख सकूँ। वरना मेरा लिंग खड़ा नहीं होगा।”

गीता ने धीरे-धीरे अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसके आदेशानुसार बिस्तर पर लेट गई। उसने अपने गुप्तांग को हाथ से ढक लिया। वह अभी भी शर्मा रही थी।

जसी ने अपना अंडरवियर उतारकर अपना लिंग बाहर निकाल लिया। गीता ने अपनी आँखें बंद कर लीं। उसे पता नहीं था कि जसी  क्या करने वाला है। वह  एकदम  उसके पैरों पर कूद पड़ा और उसके हाथ पकड़ लिए। उसने

अपने शरीर से गीता के शरीर को ज़ोर से दबाया। वह चिल्लाई। वह उसके नीचे पूरी तरह नग्न थी और कहीं भी हिलने-डुलने में असमर्थ थी।

 “जसी, ऐसा मत करो। तुमने वादा किया था कि तुम मुझे नहीं छूओगे ।” 

“चिल्लाना बंद करो बेबी, अब मेरे लिंग का आनंद लो।” उसने एक झटके में अपना लिंग उसकी योनि में डाल दिया।

गीता चिल्लाती रही।  जसी उसकी योनि में अपने वीर्य भरता रहा।

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