बिना समझ के रिश्ते - रिया की कहानी
श्रेणी: जवानी की गलतियां
पढ़ने का समय: 2 मिनट | शब्द:275
रिया एक सरल और समझदार लड़की थी, जो स्कूल से लौटते वक्त अक्सर अपनी दोस्त रानी के साथ वक्त बिताती थी। एक दिन, रास्ते में बारिश होने लगी और रिया रानी के घर छुपने चली गई। उसके भाई ने दरवाजा खोला और रिया को अंदर ले गया। उसे नहीं पता था कि उसकी दोस्त घर पर नहीं है। उसके भाई ने उसे रानी के कमरे की ओर इशारा किया और उसे खुद को सुखाने के लिए तौलिया दिया।
उसकी कमीज गीली थी, जिससे उसकी गोरी त्वचा दिख रही थी। गीले कपड़ों की वजह से वह शर्म रही थी। उसने रानी के भाई से कुछ नहीं कहा। उसे पता था कि रानी जल्द ही आ जाएगी। रिया ने अपनी कमीज़ उतारी और शरीर को सुखाने लगी l फिर दरवाजा धीरे से खुला। रानी का भाई कमरे में आया। और उसे अधनंगी हालत में पकड़ लिया। रिया चौंक गई, लेकिन उसने उसका विरोध नहीं किया। उसके नंगे स्तन उसके हाथों में थे। उसने उसे बिस्तर पर लिटाया और बिना किसी परेशानी के उसके अंतर्वस्त्र उतार दिए। रानी के भाई ने उससे वह सब कुछ किया जो वह चाहता था। वह चुपचाप बिस्तर पर लेटी रही।
उस घटना के बाद, रिया के मन में कई सवाल उठने लगे। उसने चिल्लाकर उसे क्यों नहीं रोका? वह डर गई, शर्मिंदगी महसूस करने लगी और खुद को दोषी समझने लगी। फिर उसने हिम्मत जुटाई और अपनी मां से बात की। मां ने प्यार और समझदारी से उसका समर्थन किया, उसे बताया कि अनजाने में हुई गलतियों या घटनाओं से डरना नहीं चाहिए। सही मार्गदर्शन और प्यार से हम खुद को बेहतर समझ सकते हैं और जीवन में आगे बढ़ सकते हैंl
एक दिन संजु ने नेहा को अपनी भावनाएँ जताई और दोनों के बीच दोस्ती का रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया। नेहा ने सोचा कि यह उसके सपनों का प्यार है।