अनिल और उसके दोस्त मोटू की बातचीत: रहस्यमयी लड़की और रानी का रहस्य
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
मोटू दोस्त ने अनिल की मदद करने का वादा किया।
अनिल ने अपने दोस्त ‘मनु मोटू’ से बात करने का फ़ैसला किया। वह पैंतीस साल का था और फ़िलॉसफ़ी का टीचर था। वह भी भूतों के बारे में जानकारी जुटा रहा था और हमेशा भूतों के बारे में बात करने के लिए तैयार रहता था।
दोपहर में मोटू अनिल के घर आया और वे बातें कर रहे थे। तभी रानी उनके लिए चाय लेकर आई। उसने नमस्ते कहा और कमरे से चली गई।
मोटू ने पूछा, “वह खूबसूरत लड़की कौन है?”
अनिल हँसा और बोला, “वह हमारी पड़ोसी है। कभी-कभी माँ मदद के लिए उसे बुलाती हैं।”
मोटू ने शरारत से पूछा, “ओह, तो वह सिर्फ़ माँ की मदद करती है, तुम्हारी नहीं?” वे दोनों हँसे। अनिल ने गंभीर होकर कहा, “कभी-कभी मुझे लगता है कि वह मेरी मदद करना चाहती है, लेकिन मैं नहीं चाहता। वह अच्छी लड़की है।”
मोटू ने विषय बदलते हुए कहा, “ठीक है, तो तुम उस ‘भूतिया लड़की’ के बारे में बात कर रहे थे। तुम क्या करना चाहते हो?”
“मोटू, मैं वहाँ जाकर उससे बात करना चाहता हूँ, उसका राज़ जानना चाहता हूँ। लेकिन मुझे डर लगता है। यकीन मानो, वह बहुत खूबसूरत है। जब वह चाँदनी रात में छोटी सी बिकिनी पहनकर घास पर लेटती है, तो कोई भी मर्द उत्तेजित हो सकता है।”
मोटू ने थोड़ी देर सोचा और सुझाव दिया, “क्यों न हम रात में उसके घर के बाहर इंतज़ार करें? अगर वह भूतनी होगी, तो दरवाज़े का इस्तेमाल नहीं करेगी। अगर वह असली लड़की होगी, तो वापस जाने के लिए दरवाज़े का ही इस्तेमाल करेगी। तब हम उसका पीछा करेंगे और उसका घर पता लगा लेंगे।”
मोटू ने आगे कहा, “तुम सही कह रहे हो। पहले हमें यह पता लगाना होगा कि वह भूत है या असली लड़की। वह खतरनाक हो सकती है।”
अनिल ने सहमति जताते हुए कहा, “मोटू, आज रात मेरे कमरे में ही रुको। हम आज कोशिश करेंगे।”
यह योजना उनके लिए एक रोमांचक मोड़ साबित होने वाली थी, क्योंकि वे तर्क और अंधविश्वास के बीच का अंतर समझना चाहते थे।
अनिल और मोटू ने तय किया कि वे रात के सन्नाटे में उस रहस्यमयी पड़ोसी की गतिविधियों पर नज़र रखेंगे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या वह वास्तव में कोई अलौकिक शक्ति है या केवल एक साधारण इंसान।