भाग-15
साली जी तैयार जीजू मुसीबत में
श्रेणी : जीजू और सालीजी
पढ़ने का समय: 4 मिनट | शब्द: 534
मैं अपने कार्यालय में बैठा था l मेरी पत्नी ने कल रात मुझे बताया सालीजी कॉलेज और छात्रावास को देखना चाहती थी। मेरी पत्नी कार नहीं चला सकती थी, इसलिए मुझे ही जाना होगा । मैं खुश था, मुझे सालीजी के साथ अकेले समय मिल सकता था।
मैं सोच रहा था, कॉलेज में दाखिला लेने से पहले मुझे कुछ करना होगा । साली जी इतनी खूबसूरत थी l मैं नहीं चाहता था कि वह अपनी वर्जिनिटी किसी और लड़के को दे। मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की थी।
साली जी ऑनलाइन थी l मैंने मैसेज लिखा,
रानी: कैसी हो लिली? क्या कर रही हो?
साली जी : आई आम फाइन,मैं किताब पढ़ रही थी l
रानी : अकेली हो घर पर l
साली जी : हा, बहन, जीजू जॉब पर हैं l
रानी : लिली तुम्हारे जीजू कैसे हैं, मेरी एक फ्रेंड हैं वह बता रही थी, उसके जीजू उस पर भी ट्राई लगाते हैं,कभी कभी हाथ उसके खास अंगों पर भी लगा देते हैं l
साली जी : नहीं,नहीं, मेरे जीजू बहुत भोले हैं l मै कभी- कभी ट्राई जरूर लगाती हुं लेकिन उन्होने मुझे कभी नहीं छुआ l
साली जी सच बोलती है,मै भोला ही तो हुं l
रानी: तुम चाहती हैं कि वह तुमको छुए, तुम्हारे अंगों को छुए l
मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा, साली जी अब क्या कहेंगी l
साली जी : मुझे नहीं पता लेकिन जब वह मेरे करीब होते है तो मुझे बहुत अच्छा लगता है l वह हमेशा बहुत शांत रहते है l
रानी : तुम भी बहुत नादान हो l सावधान पगली, कुछ खामोश लोग बहुत खतरनाक होते हैं l किसी दिन वह तुम्हें पकड़ लेगा और पिछला, अगला सब दरवाज़े खोल देगा।
साली जी :अगर वह मेरे दरवाजे खोलना चाहता तो शायद मैं उसे रोक नहीं पाऊंगी, लेकिन फिर उसे अपनी पत्नी को भी ये अधिकार देना होगा, अगर वह किसी के पास जाने लगे तो l
रानी : मुझे लगता है तुम्हें उससे प्यार हो गया है l तुम चाहती हैं कि वह तुम्हे छुए और बैड पर… l
साली जी: मुझे नहीं लगता कि मैं उससे प्यार कर सकती हूँ क्योंकि वह मेरा जीजा है, मेरी बहन का पति है। लेकिन फिर भी मैं किसी और तरह का रिश्ता रख सकती हूँ।
रानी : लिली, तुम्हारा मतलब दूसरे तरह के रिश्ते से क्या है? क्या उसमें छूना, साथ सोना या… शामिल है?
मैं यह पक्का करना चाहता था कि सालिजी मेरे साथ कुछ करना चाहते हैं या नहीं।
साली जी: कुछ भी हो सकता है… यह स्थिति और मनोदशा पर निर्भर करता है।
रानी : लिली, तुम सही कह रही हो। यह परिस्थिति पर निर्भर करता है। हम पहले से तय नहीं कर सकते। कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है जिसकी हम कल्पना भी नहीं करते।
साली जी :हाँ, तुम सही हो। लेकिन मैं हर चीज़ के लिए तैयार हूँ।
रानी : तुम साहसी हो।
साली जी : हाँ, कोई बात नहीं। मुझे मस्ती करना अच्छा लगता है l
साली जी :रानी, मुझे कुछ काम है। बाद में बात करते हैं।
रानी : मुझे तुमसे बात करना अच्छा लगता है, अपना ख्याल रखना।
सालीजी की सोच एकदम स्पष्ट थी। वह सब कुछ करने को तैयार थीं। लेकिन कब और कैसे, यह बात मुझे अभी भी समझ नहीं आ रही थी।
साली जी कई बार मुझे देख रही होती थी l मुझे नहीं पता था कि वह क्या देखने की कोशिश कर रही थी। मैंने आज तो कोई पायजामा नहीं पहना था। कभी कभी वो अपने पैर मेरे पैर से छू देती थी।