भाग-16

साली जीजू और रेड वाइन

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 683

आज ऑफिस में बहुत व्यस्त दिन रहने वाला था। मुझे कुछ मीटिंग्स में शामिल होना था। मेरी पत्नी ने मुझे मैसेज भेजा था। वह रेस्टोरेंट में डिनर करना चाहती थी। मुझे भी उसका सुझाव अच्छा लगा।

शाम को जब मेरा काम खत्म हुआ, तो मैं सीधे रेस्टोरेंट चला गया। मेरी पत्नी और सालीजी वहां मेरा इंतजार कर रहे थे।

हम रेस्टोरेन्ट में बैठे थे l मेरी पत्नी और साली जी मेरे सामने बैठी थी l साली जी गहरे लाल रंग के सूट में बहुत सुंदर लग रही थी l 

मेरी पत्नी ने रैड वाइन का ऑर्डर दिया। मैं सालिजी के बारे में निश्चित नहीं था, वह अल्कोहल पीती थी। लेकिन मेरी पत्नी ने उसे गिलास पकड़ा  दिया l हम सब पीने लगे l

“मुझे नहीं पता था,हमारी सालिजी रैड वाइन पीती हैं मैं घर पर कुछ बोतलें खरीद लाता”। मैंने मुस्कुराते हुए कहा l
हम सब हँसने लगे l

“हम कभी-कभी घर पर माँ के साथ पीते थे,यह एक ही गिलास से नशे में  हो जाती थी ।” मेरी पत्नी ने सालीजी को देखते हुए कहा l सालीजी कुछ नहीं बोली l

मैं भी ज़्यादा अल्कोहल नहीं पीता था l शादी से पहले कभी-कभी अपने भाई या दोस्त के साथ पब जाता था l मैं सालीजी को नशे में देखने के लिए बहुत उत्सुक था। 

साली जी कई बार मुझे देख रही होती थी l मुझे नहीं पता था कि वह क्या देखने की कोशिश कर रही थी। मैंने आज तो कोई पायजामा नहीं पहना था। कभी कभी वो अपने पैर मेरे पैर से छू देती थी। पत्नी पास बैठी थी इसलिए बह ज्यादा कुछ नहीं कर पा रही थी l 

हम पहले ही अपना पहला ड्रिंक पी चुके थे l

मेरी पत्नी खड़ी हुई और वॉशरूम की ओर चली गई l अब हम मेज़ पर अकेले थे l

“जीजू,  इस सूट में कैसी दिख रही हूँ ?”सलीजी ने पूछा। 

“आप तौलिए से भी ज्यादा खूबसूरत इस सूट में दिख रहे हैं।“

सलीजी शर्माते हुए बोलीं, “मैं रात में तौलिया भी पहन सकती हूँ,अगर आप मेरे कमरे में आने का वादा करें।”

मेरी आंखें चौड़ी हो गईं। इससे पहले कि मैं कुछ कह पाता, मेरी पत्नी वापस आ गई।

सालीजी ने अपना हाथ अपनी बहन के हाथ पर फेरने लगी। उसने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया। मुझे वह कुछ असाधारण बात लगी, शायद साली जी नशा मे थी l

मेरी पत्नी ने सालिजी से पूछा, “तुम ठीक हो ?” 

सालिजी ने कहा, “हां, मैं ठीक हूं। लेकिन मैं और पीना नहीं चाहती।”

फिर हम खाना खाने लगे l

****

रात के लगभग एक बजे थे l  मैं अपनी पत्नी के साथ बिस्तर पर था l मैं सालीजी की कही बातों के बारे में सोच रहा  थी। मुझे पता था कि वो नशे में थीं, लेकिन मैं देखना चाहता था कि उस ने क्या पहना है। क्या उस ने सच में सिर्फ तौलिया पहना रखा था?

मैं लिविंग रूम में आया, मैंने अपना लैपटॉप खोला । साली जी के कमरे में अंधेरा था और दरवाज़ा भी बंद था l शायद वो भी सो गई  थी l
मै कुछ देर काम करता रहा, वहां बहुत शांति थी l  फिर सालीजी के कमरे का दरवाजा खुला, वह बाहर आई l  उसने मुझे देखा, फिर वह किचन की ओर चली गई। 

उसने नीले रंग का नाइट गाउन पहना था l यह इतना लंबा नहीं था,मैं उसकी खूबसूरत टाँगें देख सकता था।

कुछ देर बाद वह वापस आई और मेरे साथ सोफे पर बैठ गई। 

मैंने पूछा,” क्या तुम्हें भी नींद नहीं आ रही?”

उसने ना कहने के लिए अपना सिर हिलाया, फिर उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया।

” जीजू , तुम बहुत काम करते हो l”

मैं आपसे मिलने आया था सालिजी। मुझे लगा शायद आप मेरा इंतजार कर रही होंगी। जैसा कि आपने रेस्टोरेंट में कहा था।

माफ़ करना जीजू, मैं भूल गई थी। उसने मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए कहा।

तुम्हारी टाँगें बहुत खूबसूरत हैं। मैंने पहले कभी नहीं देखी । मैंने भी अपना हाथ उसकी जांघ पर रख दिया । उसने तुरंत अपना हाथ मेरी जांघ से हटा लिया।

फिर उसने कहा, “जीजू, मुझे सोना है। कल बात करेंगे।”

हमारी पिछली मुलाकातों के बाद शायद उसे लगने लगा  मुझे उसके स्तन देखना पसंद है।

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