भाग-11

मिस X के सुझाव: साली जी से नज़दीकी कैसे बढ़ाएं

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 724

मैं अपने कार्यालय में बैठा था l  मिस अक्स  ने अभी तक मुझे ईमेल भी नहीं भेजा था l मैं सोच रहा था कि मेरी पत्नी साली जी को हॉस्टल में क्यों रखना चाहती थी l क्या उसने कुछ नोटिस किया l 

यह भी संभव था  कि सालीजी खुद हॉस्टल में रहना चाहती हों l मुझे इसके बारे में सालीजी से भी पूछना चाहिए l

फिर  मैं मिस एक्स का संदेश पढ़ने लगा l

“प्रिय, मुझे बहुत खुशी हुई तुमने मुझे वापस संदेश लिखा l पत्नी सुन्दर शरीर वाली है यह मैं जानती हूँ l लेकिन तुम्हारी साली भी कुछ कम नहीं है l अगर कभी मौका मिले तो उसे छोड़ना मत।”

मैं मन ही मन मुस्कुरा रहा था,मुझे उसके संदेश अच्छे लगने लगे थे l मैं भी साली जी के साथ ऐसा कुछ करना चाहता था लेकिन मुझमें हिम्मत नहीं थी l मैं अपनी पत्नी से डरता था, शायद वह मुझे कभी माफ नहीं करेगी l मैं बस इंतजार कर रहा था कि साली जी कुछ करें l मुझे पता था कि सालीजी  को भी पता था कि उसे पकड़ना मेरे लिए आसान नहीं ।

मैने पढ़ना जारी रखा l

“तुमने सोचा होगा कि यह आसान नहीं है l  लेकिन याद रखें अगर उसने चिल्लाकर सबको बता दिया तो उसकी बहन का घर और रिश्ते भी टूट जाएंगे l वह ऐसा कभी नहीं करना चाहेगी l यदि उसकी हरकतें दर्शाती हैं, वह तुमसे कुछ चाहती है तो आगे बढ़ो और खोल दो उसकी l”


वाओ!  मैंने ऐसा तो कभी सोचा ही नहीं था l मिस एक्स  अद्भुत थी l मुझे उसकी बातों में और दिलचस्पी होने लगी l साली जी को पकड़ना अब बहुत आसान काम लगने लगा था l यह मिस एक्स तो एक तूफान थी l

उसने आगे लिखा l

“यदि वह स्नान करते जा सोते समय दरवाज़ा खुला छोड़ दे और तुम घर पर अकेले हो, यह एक अच्छा संकेत हो सकता है। कोशिश करने में संकोच न करें। प्रिय, मैं अब मेल बंद कर रही हूं, बाद मे और लिखूगी l

तुमभी कुछ लिखना l तुमरी मिस अक्स l”

अब मेरा सिर घूम रहा था l  वह जो कह रही थी उसमें कुछ भी गलत नहीं था l सालिजी  तो पहले ही इतनी आगे बढ़ चुकी थी और मैंने  तो उसे अच्छे से छुआ भी नहीं था l 

मिस अक्स बहुत अच्छे से जानती थी कहाँ और कब, क्या करना होगा l उसे कोई जलन नहीं हो रही थी l उसकी बातो मे दम था l 

मैंने उसे लिखने का फैसला किया l

“प्रिय मिस एक्स,मुझे आपकी बातें पसंद आने लगीं है l तुम लड़की हो और तुम लड़कियों के स्वभाव को मुझसे कहीं बेहतर जानती हो। यह सच है कि मुझे सालीजी पसंद हैं और उनका शरीर मुझे हमेशा आकर्षित करता है। कभी-कभी जब वह मेरे पास बैठती हैं तो मुझे अपनी भावनाओं को छिपाना पड़ता है, मैं उत्तेजित हो जाता हूँ।

मैंने गौर किया कि वह अक्सर मेरे पायजामे को ऐसे देखती थी जैसे किसी क्रिया की प्रतीक्षा कर रही हो।

वह पहले से ही वही सब कर रही जो आपने मुझसे कहा ,एक दिन हम घर पर अकेले थे l जब वह नहाने गई तो उसने दरवाज़ा खुला छोड़ दिया,फिर उसने अपनी ब्रा और पैंटी बाहर फेंक दी l वह जानती थी कि मैं बाहर पास में बैठा हूँ l मैंने बस उसे नजर अंदाज कर दिया l कुछ सुरक्षित तरीके बताएं l मुझे नहीं पता मुझे क्या करना चाहिए l कुछ बताओ l”

मुझे पता था कि वह जल्द ही मुझे लिखेगी l

मैंने  कार्यालय का काम जांचने लगा ,हेल्पर मेरे लिए चाय लेकर आया l कुछ देर बाद मुझे उसका संदेश मिला l

“प्रिय मैं बहुत खुश हूं, तुमने मुझे बता दिया l अगर वह नहाते समय दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ती है तो जाकर दरवाज़ा पूरा खोल दें l अगर यह पूरी तरह से बंद नहीं  तो यह हवा से भी खुल सकता है l तुम हवा बन जाओ l यदि वह अपनी ब्रे और पैंटी फेंक देती है, तो आप टोकरी में रख दें l जब आप उसकी ब्रा, पैंटी को अपने हाथ में रखेंगे तो वह निश्चित रूप से उत्तेजित होगी l इसमें कोई जोखिम नहीं है।”

मुझे गुस्सा आने लगा, मैंने कितने मौके गँवाये l भगवान का शुक्र है मिस एक्स मिलगई,वरना कोई ओर सालीजी को ले जाता और मै ऑफिस मे बैठ सपने देखता रहता l
   

साली जी  नहाने चली गई l उसने वही किया । दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ दिया और फिर अपनी ब्रा और पैंटी बाहर टोकरी के पास फेंक दी l

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