भाग-40
जीजू घर पर हॉट सालीजी और पत्नी
श्रेणी : जीजू और सालीजी
पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 625
मिस एक्स का ईमेल पढ़ने के बाद जीजू के लिए काम पर ध्यान केंद्रित करना असंभव हो गया था। उनके मन में विचारों का बवंडर चल रहा था। उन्हें अहसास हुआ कि सालीजी के साथ उनका रिश्ता सिर्फ उन दोनों तक सीमित नहीं था; वह उनके परिवार का एक अभिन्न हिस्सा थीं। उन्हें होने वाली किसी भी तकलीफ का असर पूरे परिवार पर पड़ता।
मिस एक्स की बातों ने जीजू की आँखें खोल दी थीं। उन्हें समझ आ गया कि सालीजी की अपनी एक स्वतंत्र जिंदगी है, उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं—उन्हें शादी करनी है और अपना घर बसाना है। वह इस रिश्ते में और आगे नहीं बढ़ सकती थीं क्योंकि यह उनके भविष्य के लिए जोखिम भरा हो सकता था। जीजू को इस कड़वी सच्चाई का सामना करना पड़ा कि यदि आज की सामाजिक मान्यताओं के बीच वह अपनी मर्यादा (कौमार्यता) खो देती हैं, तो संभव है कि उनका होने वाला पति उन्हें कभी पूरे मन से स्वीकार न कर पाए।
जीजू ने फैसला किया कि वह सालीजी के साथ पहले की तरह ही संबंध बनाए रखेंगे। वह उन्हें कभी किसी बात के लिए मजबूर नहीं करेंगे, खासकर यौन संबंध के लिए। वह सालीजी को अपनी पत्नी या किसी अन्य लड़की के रूप में नहीं देखेंगे – सालीजी सिर्फ सालीजी हैं।
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शाम का समय था। जीजू लिविंग रूम में टीवी देख रहे थे। साली जी हमेशा की तरह चाय लेकर आईं।
“जीजू आपका दिन कैसा रहा? आपने मुझे मैसेज भी नहीं किया।”
“सालजी, क्षमा करें। मैं बहुत व्यस्त था। मेरे बॉस का मूड कुछ ठीक नहीं था।”
“ठीक है जीजू,आपको क्या पीना है,पहले चाय या दूध?”
“पहले दूध फिर चाय,” सालीजी जीजू के करीब आईं, उसने चारों ओर देखा फिर अपना टॉप उठाया अपने स्तन जीजू के मुंह में डाल दिए, जीजू ने थोड़ी देर पीएं l फिर वह पीछे मुड़ी और पूछा,
“आज स्वाद कैसा था ?”
जीजू ने मुस्कुराते हुए कहा, “दूध दिन-ब-दिन मीठा होता जा रहा है।”
“यह तुम्हारी वजह से है,” सालीजी भी मुस्कुराईं।
वे चाय पीने लगे। साली जी जीजू के सामने कुर्सी पर बैठी थी। कुछ देर तक कोई बात नहीं हुई। फिर साली जी ने पूछा। “जीजू आप क्या सोच रहे हैं ?”
“जब आप मेरे साथ होती हैं तो मैं बस आपको छूने की सोचने लगता हूँ।”
“जीजू ,आओ और मुझे छूओ, मेरी भी इच्छा है l”
“मैं डरता हूं, तुम्हें पता है,” जीजू ने धीरे से कहा l
“कल जल्दी आ आना ,हम एक साथ स्नान करेंगे l”
“मैं रात को तुम्हारे कमरे में आने की कोशिश करूँगा l”
“ ठीक है, मैं इंतजार करूगी।”
“आज वह कैसा है?” सालीजी ने लिंग की ओर इशारा करते हुए कहा।
जीजू ने भी वही किया जो सालीजी हमेशा करती थीं। वे सालीजी के सामने खड़ा हुया और पजामा नीचे कर दिया।
“देखो, अभी इतना सख्त नहीं है।”
इसे मेरी मदद की जरूरत है, सालिजी मुस्कुराईं।
तभी जीजू का फोन बजा। उसका भाई संजू वहां था, जीजू उससे बात करने लगे, साली जी रसोई में चली गईं।
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रात हो चुकी थी l जीजू साली जी के बारे में सोच रहे थे कि वह उनका कितना इंतजार करती थी । जीजू उदास थे, वह साली जी के साथ एक रात भी सो नहीं सके। साली जी उन्हें हर रात कितना याद करती होंगी।
पिछले शनिवार को वह दो बजे तक जीजू का इंतजार करती रही, जब जीजू मीनू के घर से आये।
सोचते-सोचते आधी रात हो गई। जब जीजू ने देखा कि एलिना सो गई तो वे बेडरूम से बाहर आ गए। उसने धीरे से साली के कमरे का दरवाजा खोला। वह अपना फोन देख रही थी और इंतज़ार कर रही थी। वह जीजू को पूरी तरह से नग्न देखकर हैरान हो गई, उसने तुरंत अपना टॉप उतार दिया, उसने कोई अंडरवियर नहीं पहना था। वह जीजू के शरीर से चिपक गई।
हमारी पिछली मुलाकातों के बाद शायद उसे लगने लगा मुझे उसके स्तन देखना पसंद है।