छोटी भाभी की तस्वीर
श्रेणी: जबरदस्ती सेक्स
पढ़ने का समय: 20 मिनट | शब्द: 2198
इस वयस्क कहानी में आप देखेंगे कि कैसे एक छोटी सी गलती संजना की जिंदगी बदल देती है। इस कहानी में आपको यौन संबंध, हिंसा और ब्लैकमेलिंग देखने को मिलेगी।
मदन ने अभी-अभी काम शुरू किया था कि उसके फोन पर एक संदेश आया। उसने संदेश देखा और दंग रह गया। संदेश में उसके छोटे भाई की पत्नी की बिना कपड़ों वाली तस्वीर थी।और पूछा रही थी कि वह अब कैसी दिखती है।
मदन लगभग 35 वर्ष का व्यक्ति था। उसका भाई राहुल लगभग 20 वर्ष का था। कुछ महीने पहले ही उसकी शादी संजना से हुई थी। वह एक खूबसूरत युवती थी। मदन ने कभी उसके साथ यौन संबंध बनाने के बारे में नहीं सोचा था।
एक सुबह वह शॉर्ट टॉप पहनकर व्यायाम कर रही थी। तभी मदन अचानक वहां आ गया। वह तुरंत अंदर चली गई, लेकिन मदन ने उसके टाइट शॉर्ट्स में उसके नितंब देख लिए। वह एक आम आदमी की तरह मोहित हो गया। उस दिन के बाद से उसकी इच्छा उसके शरीर को और अधिक देखने की होने लगी।
वह छुपकर उसे व्यायाम करते देखने की कोशिश करता था। शादी के दो महीने बाद राहुल विदेश चला गया। लेकिन उसकी पत्नी उसके माता-पिता और बड़े भाई मदन के साथ घर पर ही रहने लगी । वह हर सुबह व्यायाम करती थी।
मदन ने उसकी तस्वीर दोबारा देखी। उसके स्तन शानदार थे। उसने अभी भी छोटी अंडरवियर पहनी हुई थी। मदन को उसकी नंगी योनि या नितंब दिखाई नहीं दे रहे थे। उसने सोचा, शायद संजना उसे पसंद करने लगी है। उसका अपना पति तो यहाँ नहीं है। शायद उसे भी किसी पुरुष की ज़रूरत होगी और उसने सोचा हो कि मैं एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प हो सकता हूँ।
या शायद उसने यह भी देख लिया हो कि जब वह व्यायाम कर रही थी तो मैं छुपकर उसके शरीर को देख रहा था और मैं उसे पसंद करता हूं।
मदन उसके शरीर और छवि के बारे में सोचकर उत्तेजित हो गया। वह फुसफुसाया, “क्यों न मैं उसे वही दे दूं जो वह चाहती है? उसे लिंग चाहिए, अगर मैं उसे नहीं दूंगा तो वह बाहर कोशिश कर सकती है।”
मदन जानता था कि वह उससे सीधे तौर पर नहीं कहेगी। उसे शर्म आएगी। इसीलिए उसने अपनी इच्छा बताने के लिए तस्वीर भेजी। बात करने की कोई ज़रूरत नहीं, बस आओ और काम करो। मदन का लिंग पूरी तरह से कड़ा हो चुका था। उसे पता था कि अब उसे उसके साथ यौन संबंध बनाने से कोई नहीं रोक सकता। वह बहुत जल्द उसके पतले, कामुक शरीर का आनंद उठाएगा।
मदन अपने काम पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। दोपहर के भोजन के बाद वह घर चला आया । उसके माता-पिता घर पर थे। उसने संजना से बाद में बात करने का फैसला किया। घर पर सब कुछ सामान्य लग रहा था। संजना उसके लिए चाय लेकर आई।
“आप आज जल्दी आ गए। क्या आप ठीक हैं मदन जी?”
मदन ने उसकी ओर देखा। उसने सूट और सलवार पहनी हुई थी।
“संजना, तुम इस सूट में बहुत सुंदर लग रही हो। तुम्हारा शरीर अब और भी खूबसूरत लग रहा है।”
ये शब्द सुनकर संजना स्तब्ध रह गई। वह शर्मा गई और मुस्कुराई। फिर जल्दी से कमरे से बाहर निकल गई।
“क्या गजब की औरत है! ये कैसे खेल खेल रही है! इसे लिंग चाहिए, लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे इसे सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं पता। मैं अब तुम्हें नहीं छोडूंगा। मैं अपना लिंग तुम्हारी नितंबों और योनि में डालूंगा। तुमने शुरुआत की, पर मैं इसे पूरा करूंगा। तुम्हें मुझसे ही पहला बच्चा मिलेगा।” मदन ने फुसफुसाते हुए कहा।
दिन बीत गया, कुछ नहीं हुआ। अगली सुबह उसके माता-पिता काम पर चले गए। मदन ने संजना के साथ घर पर रहने का फैसला किया। संजना के साथ शारीरिक संबंध बनाए बिना उसके लिए अब काम करना असंभव था।
जब वह चाय देने उसके कमरे में आई, तो मदन ने पूछा, “संजना, तुम्हारी कसरत कैसी चल रही है?”
“अच्छी चल रही है। मेरा वज़न कम हो रहा है। राहुल को मोटी लड़कियाँ पसंद नहीं थीं।” संजन ने मुस्कुराते हुए कहा l
“मुझे भी मोटी लड़कियाँ पसंद नहीं हैं। इधर आओ, मैं तुम्हारा पेट देखना चाहता हूँ।”
“ क्या मदन जी? आप चाहते हैं कि मैं आपको अपना पेट दिखाऊँ? क्या आप पागल हैं?” संजना चिल्लाई।
“चिल्लाओ मत। मुझे पता है तुम क्या चाहती हो। अपना सूट उतारो, मैं तुम्हारा पेट और स्तन देखना चाहता हूँ।”
“ सावधान रहो मदन जी। अगर आपने मुझे छुआ तो मैं सबको बता दूँगी कि आप क्या कर रहे हैं।” संजना फिर चिल्लाई।
“देखो संजना, मैं पागल नहीं हूँ। हम सब कुछ शांति से कर सकते हैं। तुम्हारा पति यहाँ नहीं है, मेरी पत्नी भी यहाँ नहीं है। अब शर्माने की कोई ज़रूरत नहीं है। अपने कपड़े उतारो और बिस्तर पर आ जाओ।”
“मदन जी, आपने सारी हदें पार कर दीं। मेरे पास कोई विकल्प नहीं बचा है। मुझे माता-पिता को सूचित करना ही होगा। मैं अब यहाँ नहीं रह सकती।”संजना रोने लगी।
“ठीक है। अगर तुम मुझसे बात नहीं करना चाहती , तो कोई बात नहीं। लेकिन याद रखना, तुम्हें वही करना होगा जो मैंने कहा है। तुम अपने माता-पिता को बताना चाहती हो, तो कोई बात नहीं, मैं ही तुम्हारे माता-पिता, भाई और राहुल को बता दूँगा। देखो, तुमने मुझे यह तस्वीर भेजी है। मैं सबको दिखा दूँगा कि तुम मुझे किस तरह की तस्वीर भेज रही हो।”
मदन ने अपने फोन की स्क्रीन पर उसकी अधनंगी तस्वीर दिखाई। संजना अपनी नग्न तस्वीर देखकर दंग रह गई। उसने चिल्लाते हुए कहा, “तुम्हें मेरी यह तस्वीर किसने दी?”
मदन ने कहा, “खेल खेलना बंद करो, तुमने खुद मुझे भेजी है।”
संजना ने तुरंत अपना फोन चेक किया। उसने गलती से वह तस्वीर मदन को भेज दी थी जो वह अपने पति राहुल को भेजना चाहती थी।
“हे भगवान! मैंने क्या कर दिया!” संजना रोने लगी।
“रोना बंद करो। मैं तुम्हारे परिवार और अन्य बड़ों को बुलाता हूँ। हम इस मामले पर बात करेंगे।” मदन ने कहा। संजना जानती थी कि यह उसके और उसके परिवार के लिए बहुत बड़ी शर्म की बात होगी, जब राहुल को पता चलेगा तो वह उसे तुरंत छोड़ देगा।
उसने धीरे से कहा, “मदन जी, मुझे माफ़ कर दीजिए। मुझे आपसे इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी। मेरा संदेश देखने के बाद कोई भी मेरे साथ रिश्ते बनाने के बारे में सोच सकता है।”
“संजना, तुम्हें कोई भी फैसला जल्दी लेने की जरूरत नहीं है। मैं किसी को नहीं बताऊंगा , लेकिन ये तुम पर निर्भर करता है। मैं तुम्हारे फैसले का इंतजार करूंगा । हम शाम को बात करेंगे। मुझे अब काम पर जाना है।
”संजना कमरे से चली गई। मदन काम पर जाने की तैयारी करने लगा। “अब तुम देखोगी कि मैं तुम्हारा गुदा कैसे खोलता हूँ,” मदन ने उसके नितंबों को देखते हुए फुसफुसाया।
शाम को जब मदन काम से लौटा, संजना उसके लिए चाय लेकर आई। मदन ने देखा कि उसके ब्लाउज का बटन खुला हुआ था और वह बहुत चुप थी। चाय लेते हुए मदन ने कहा, “तुम्हारे ब्लाउज का बटन खुला है?” मदन ने चाय पीते हुए कहा।
छिपाने जैसा कुछ नहीं है। तुमने सब कुछ देख ही लिया है। संजना मुस्कुराई।
“मैं तो तुम्हारा पेट भी देखना चाहता था, पर तुमने दिखाया नहीं।” मदन भी मुस्कुराया।
संजना ने अपना सूट ऊपर उठाया और अपना पेट दिखाया। मदन ने उसके सलवार के नाले पर हाथ रखकर नीचे दबाया। उसके कुछ गुप्तांग के बाल दिखने लगे। उसने उन बालों को पकड़ा और खींचा।
संजना चिल्लाई, “क्या कर रहे हो मदन जी ?”
“संजना, मुझे ये बाल पसंद नहीं हैं, इन्हें शेव कर लो। मुझे तुम्हारी योनि पूरी तरह से शेव की हुई चाहिए।” संजना शर्मा गई और उसने अपना सूट नीचे कर लिया।
“मदन जी, क्या हम ऐसा करने से पहले थोड़ी और बात कर सकते हैं?”
“ किसलिए बात करनी है? आप कुंवारी नहीं हैं। आपको शादी बचानी है, शादी करानी नहीं है।”
“मुझे नहीं पता, मुझे लगता है यह सही नहीं है। मैं चाहती हूँ कि तुम मुझे समझो।” संजना ने विनम्रता से कहा।
“ संजना, मैं तुम्हें समझना नहीं चाहता और न ही तुम्हारे साथ कोई रिश्ता रखना चाहता हूं। हम दोनों शादीशुदा हैं। मुझे बस तुम्हारा शरीर चाहिए, और कुछ नहीं।” मदन ने सीधे-सीधे कहा।
“ठीक है मदन जी। मैं समझ गई।” संजना बाहर जाने लगी।
“रुको संजना, अपने ब्लाउज के बटन कसकर बंद करो। माता-पिता को यह पसंद नहीं आएगा। रात को मेरे कमरे में आना जब माता-पिता सो जाएं। मैं तुम्हारा इंतजार करूंगा।”
संजना ने कुछ नहीं कहा और बाहर चली गई।
संजना जानती थी कि उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। मदन के फोन पर उसकी नग्न तस्वीर होना कोई छोटी बात नहीं थी। वह चाहे जो भी स्पष्टीकरण दे, कोई भी उस पर विश्वास नहीं करेगा। वह यह भी समझ गई कि मदन एक आसान आदमी नहीं है। उसने उसके गुप्तांग के बाल नोचकर तोड़ दिए, तो यह एक सामान्य व्यक्ति का व्यवहार नहीं था। वह कुछ भी कर सकता है। लेकिन वह उस पर भरोसा कर सकती थी क्योंकि वह जो चाहता था उसे लेकर बहुत स्पष्ट था और सीधे-सीधे बोलता था। लेकिन उसके साथ सोना और उसे शारीरिक संबंध बनाने देना भी संजना के लिए बहुत बड़ी बात थी। वह ऐसा कभी नहीं चाहती थी।
रात हो चुकी थी। सब सो रहे थे। संजना जानती थी कि मदन उसका इंतजार कर रहा है। उसका शरीर कांप रहा था। उसने धीरे से मदन के दरवाजे पर दस्तक दी।
“अंदर आ जाओ। दरवाजा खुला है।” मदन ने कहा।
संजना अंदर आई और दरवाजा बंद कर लिया। वह एकदम शांत थी और उसके बिस्तर पर बैठ गई। मदन ने अपना हाथ उसके टॉप के अंदर डाला और उसके स्तनों को पकड़ लिया।
“वाह !!! ये तो बड़े और सख्त हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे मैंने तुम्हारी तस्वीर देखकर उम्मीद की थी।”
संजना शरमा गई और कुछ नहीं बोली।
“अपनी टॉप और पायजामा उतार दो। मैं तुम्हारा पूरा शरीर देखना चाहता हूँ।” मदन ने आदेश दिया।
संजना ने अपने कपड़े उतार दिए और बिस्तर पर आ गई। मदन ने उसके शरीर पर हाथ फेरने लगा । संजना बिस्तर पर बहुत चुपचाप लेटी हुई थी। उसकी आँखें बंद थीं। फिर मदन ने अपना हाथ उसकी अंडरवियर में डाल दिया। उसकी योनि पूरी तरह से शेव की हुई थी, जैसा कि मदन चाहता था।
“वाह! मुझे तुम्हारी योनि पसंद है। अच्छी लड़की हो तुम।”
जब उसने उसकी क्लिटोरिस को छुआ, संजना धीरे से चिल्लाई। फिर मदन ने उसका अंडरवियर उतार दिया और उसे पेट के बल लिटा दिया। उसका सुंदर गोल नितंब उसके सामने था। उसने अपना हाथ उसके नितंबों पर फेरा। फिर उसने उसके गुदा को छूना शुरू कर दिया।
“रुको मदन जी । मुझे वह जगह छूना पसंद नहीं ।”
मदन ने उसके नितंबों पर चुटकी काटी और कहा, “क्या मैंने तुमसे पूछा कि तुम्हें क्या पसंद है और क्या नहीं?”
उसने अपनी उंगली गुदा में डाल दी। संजना चीख पड़ी, उसके नितंब कांप रहे थे। मदन अपनी उंगली गुदा में घुमाने लगा ।
“तुमने अपने नितंबों को बहुत सेक्सी बना लिया है। व्यायाम से फायदा होता है। अब मैं तुम्हारी गुदा खोलूंगा। तुम्हारे नितंब और भी सेक्सी दिखेंगे।”
“कृपया मदन जी। मुझे उंगली पसंद नहीं । मुझे बहुत बुरा लग रहा है। कृपया रुक जाइए।”
“आपको जल्द ही अच्छा लगेगा।”
मदन ने अपना लिंग अंडरवियर से बाहर निकाला और उसे गुदा के मुख पर रख दिया।
“अपने नितंबों को मत हिलाओ और आनंद लो।”
उसने लिंग को गुदा में धकेलना शुरू कर दिया। संजना चिल्लाने लगी। मदन ने अपना पूरा लिंग गुदा के अंदर तक धकेल दिया।
संजना का शरीर कांप रहा था, उसका चेहरा लाल हो गया था। वह रो रही थी। लेकिन मदन तब तक करता रहा जब तक कि उसके वीर्य से गुदा भर नहीं गई। उसने अपना लिंग बाहर निकाला और उसे पीठ के बल लिटा दिया। उसके चेहरे से पता चल रहा था कि उसे कितना दर्द हो रहा था।
“ठीक है, प्रिय, अगला दौर तुम्हारी पसंद का। तुम्हें किस तरह का सेक्स चाहिए?”
“मैं अब थक गई हूँ, मुझे अपने कमरे में सोना है।” संजना ने धीरे से कहा।
“ओह। तुम थक गई हो। इसके बिना मैं कैसे सो सकता हूँ?” मदन ने उसकी योनि को पकड़ते हुए कहा।
“फिर, मेरी ले ली, तुम्हें कौन रोक रहा है?” संजना ने धीरे से कहा l
“ठीक है, आओ और मेरे लिंग को चाटो। मुझे ओरल सेक्स चाहिए।”
“नहीं ,मदन जी, मैंने ऐसा कभी नहीं किया।”
“अपना मुंह खोलो, हम धीरे-धीरे शुरू करेंगे। मेरा लिंग अभी तैयार नहीं है, यह नरम है, चाटने का यही सही समय है।”
संजना ने अपनी आँखें बंद कर लीं और लिंग को मुँह में ले लिया। उसने धीरे-धीरे चाटना शुरू किया। लिंग फिर से सख्त होने लगा। संजना चाटती रही। जब लिंग इतना सख्त हो गया कि उसकी गर्दन में अटकने लगा, तो वह रुक गई।
“यह बहुत सख्त है, मैं इसे और नहीं चाट सकती। इससे मेरी साँस रुक रही है।”
मदन हंसा और बोला , “ठीक है, चलो तुम्हारी योनि आजमाते हैं। यह तैयार लग रही है।”
मदन का यौन खेल पूरी रात चलता रहा। उसने संजना को ज़रा भी आराम नहीं दिया। संजना चुपचाप उसके वीर्य को अपनी योनि और गुदा में लेती गई।
कई दिन बीत गए। मदन जब भी वे अकेले होते, संजना के साथ शारीरिक संबंध बनाता था। संजना में कभी भी मना करने की हिम्मत नहीं हुई। अब उसने खुद को हालात के अनुसार ढाल लिया था।
एक बात उसे डरा रही थी। जब मदन ने उससे कहा कि वह उसके साथ बच्चा पैदा करना चाहता है।
उस मोटे आदमी ने मुझे बहुत जोर से पीछे से पकड़ रखा था l उस के हाथों मे मेरे दोनों स्तन थे l बह पूरे जोर से दबा रहा था l