जीजू सालीजी ने अपने रिश्ते को रखा गुप्त
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
सालिज और जीजू ने हमेशा साथ रहने का वादा किया।
जीजू और साली के बीच का रिश्ता सामाजिक बंधनों और नैतिक दुविधाओं के बीच फंसा हुआ था। उन्होंने समाज की मर्यादाओं को पीछे छोड़कर एक-दूसरे को अपना तो लिया था, लेकिन वास्तविकता का सामना करना अब भी बाकी था।
जीजू के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनकी शादी थी, क्योंकि तलाक का मतलब था अपनी पत्नी और साली के बीच हमेशा के लिए एक गहरी खाई पैदा कर देना। वे अपनी पुरानी, नीरस जिंदगी में वापस नहीं लौटना चाहते थे, क्योंकि साली ने उनके जीवन में एक नई ऊर्जा और उम्मीद भर दी थी। वे एक ऐसी दुनिया का सपना देख रहे थे जहाँ वे बिना किसी डर के साथ रह सकें, लेकिन समाज और परिवार की बंदिशें उनके हर कदम पर सवाल खड़ी कर रही थीं।
तभी सालीजी नहाकर कमरे में आई और बिस्तर पर जीजू के पास बैठ गई और पूछा कि वे क्या सोच रहे हैं। जीजू ने उसका हाथ थामते हुए अपनी उलझन जाहिर की कि वे हमेशा साथ रहना चाहते हैं, लेकिन यह कैसे मुमकिन होगा?
साली ने मुस्कुराते हुए कहा ,”जीजू भविष्य की चिंता छोड़कर हमे वर्तमान के पलों का आनंद लेना चाहिए।” उसने अपना तौलिया एक तरफ फेंक दिया और जीजू के साथ लिपट गई।
“सालीजी, मैं आपकी बहन के बेडरूम में दोबारा नहीं जाना चाहता।” जीजू ने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा।
“जीजू, हम सब कुछ वैसे ही करेंगे जैसे पहले करते थे। मुझे यकीन है कि हमारे साथ रहने का कोई न कोई रास्ता जरूर होगा। हम सब कुछ गुप्त रखेगे और सही समय का इंतजार करेगे।”
“साली जी, थोड़े समय के लिए तो ठीक है, लेकिन मैं आपकी बहन के साथ ज्यादा देर तक नहीं रहना चाहता। मुझे किसी के साथ खेलना पसंद नहीं है। मैं कुछ दिनों में आपकी बहन को बता दूंगा। मुझे उम्मीद है कि वह हमारे रिश्ते को समझ जाएगी।”
“ठीक है जीजू। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं हमेशा आपके साथ हूँ। हम जल्द ही अपना घर बसा लेंगे। और मुझे यकीन है कि बहन हमसे नाराज़ नहीं होगी।”
“सालीजी, क्या आप शादी के बाद भी मुझे जीजू कहकर बुलाएंगी ?”
सालीजी मुस्कुराईं। “हां, मुझे यह नाम पसंद है, जीजू।”
“सालीजी…l “ जीजू के कुछ कहने से पहले ही सालीजी ने उन्हें रोक दिया।
“जीजू अब बात नहीं, कुछ और …..l सालीजी ने अपनी आँखें बंद कर लीं। जीजू ने उसे अपनी बाहों में भर लिया।