नौकर माला की सेक्स इच्छा

नौकर माला की इच्छा

श्रेणी: प्रेम और रिश्ते

पढ़ने का समय: 6 मिनट | शब्द: 824 

इस कहानी में, नौकरानी माला को अपनी मालकिन से प्यार हो जाता है। वह उसे सब कुछ देना चाहती है। फिर बिस्तर पर कुछ अप्रत्याशित घटनाएँ घटित होती हैं।

   माला अपने मालिक के घर पहुंचने के लिए तेजी से चल रही थी। उसे आज थोड़ी देर हो गई , वह लगभग दो साल से जूसो के घर पर काम कर रही थी। जूसो उसके लिए बहुत अच्छा था, हमेशा उसे समय पर भुगतान करता था। पत्नी के चले जाने के बाद वह अकेले रह रहा  था l माला उसे पसंद करती थी। लेकिन  उसे छूने  या काम के अलावा कुछ और  बात करने से डरती थी। जूसो ने कभी भी उसके प्रति कोई आकर्षण नहीं दिखाया था । वह जानता था  कि वह शादीशुदा है।

माला तेजी से उसके घर के अंदर गई और  घर की सफाई करने लगी , उसने देखा कि वह अभी भी लेटा हुआ था, आम तौर पर वह उस समय काम पर चला जाता था।

“सर क्या हुआ, क्या आप ठीक हैं?आप अभी तक काम पर नहीं गए l” 

“माला, मेरे पैरों और नितंबों में कुछ दर्द है, मैंने कल काम पर अपने सहकर्मी के साथ फुटबॉल खेला था l ”

“क्या आपने कोई दवा ली सर ?”

“मुझे लगता है कि मुझे मालिश की ज़रूरत है। मैं बाद में किसी को बुलाऊंगा l”

माला ने सोचा कि यह उसके करीब आने का मौका हो सकता था l  वह विशेषज्ञ नहीं थी लेकिन वह कुछ मालिश कर सकती थी, कभी-कभी वह अपने पति और माँ की मालिश करती थी।

“सर, अगर आप चाहें तो मैं मालिश कर सकती  हूं, मैं हमेशा अपनी मां की मालिश करती  हूं ,उन्हें हमेशा नितंबों या पीठ में दर्द रहता है l”

“ठीक है, यहाँ आओ l”

उसने शॉर्ट पहना हुआ था, माला मुस्कुराते हुए उसके बिस्तर पर गई, उसने थोड़ा तेल लगाया और मालिश करने लगी।

वह उसके पैरों की मालिश करते हुए अपना हाथ ऊपर की ओर ले जाने लगी। धीरे-धीरे उसका हाथ उसकी जाँघ पर पहुँच गया l

“माला, तुम अच्छा कर रही हो। मुझे अच्छा लग रहा है l”

माला को थोड़ी हिम्मत मिली, उसने अपना हाथ उसकी जाँघ के अंदर ले जाना शुरू कर दिया, कभी-कभी उसका हाथ उसके लिंग को भी छू जाता। 

जूसों समझ गया कि वह उसे उत्तेजित करने की कोशिश करने लगी थी,लेकिन उसने कुछ नहीं कहा l  वह इंतजार करना चाहता था और देखना चाहता था कि वह आगे क्या करती है। उसने उसके चेहरे की ओर देखा, उसकी साड़ी उसके ब्लाउज से नीचे गिरी हुई थी। स्तन ब्रा से बाहर आने को तड़प रहे थे।

जैसे ही माला का हाथ अधिक से अधिक लिंग को छूने लगा, वह ऊपर उठने लगा, माला की आँखें चमकने लगीं, वह तेजी से साँस लेने लगी, जूसों अभी भी बहुत शांत था। उसका पाजामा  मीनार जैसा होने लगा था l 

“सर,अब आपको कैसा लग रहा है ?” माला ने शरमाते हुए पूछा l उसका कठोर लिंग उसके सामने था।

जूसों मुस्कुराया और बोला। “माला मैं बहुत तेजी से उत्तेजित हो जाता हूं, लंबे समय से मेरे साथ कोई महिला नहीं है l मैं अब ठीक हूँ। आप अपने बाकी काम पूरे कर लीजिए।”

“सर, अगर आप चाहें तो मुझे छू सकते हो”, माला ने अपनी नजरें नीचे करते हुए कहा l

“माला, तुम्हारा पति कहां है ?”

“वह किसी काम का नहीं है, कई महीनों से  उसने मुझे नहीं छुआ, मैं महिला हूं, मुझे भी  कभी-कभी पुरुष की जरूरत होती है” माला ने धीरे से कहा l

“माला, तुम यहाँ बहुत अच्छे से काम करती हो। लेकिन कई लड़कियों को मेरे साथ सेक्स करना पसंद नहीं है। उन्हें लगता है कि मैं सामान्य नहीं हूँ।”

“सर, शायद वे लड़कियां आपको अच्छी तरह से नहीं जानतीं। मैं यहां आपके साथ काम करती हूं, मुझे नहीं लगता कि आप खतरनाक हैं। आप मेरे साथ कुछ भी कर  सकते हैं, मैं तैयार हूं। – मैंने लंबे समय से लिंग को इस तरह कठोर नहीं देखा l” माला ने  लिंग को छूते हुए कहा।

“ठीक है माला, अगर तुम तैयार हो तो हम कोशिश कर सकते हैं।” जूसों ने उसके स्तनों को छूते हुए कहा।

माला ने तुरंत अपना ब्लाउज और ब्रा उतार दी। वह इसी पल का इंतजार कर रही थी। जूसों ने उसके स्तनों पर हाथ फेरा, फिर उसकी अंडरवियर उतार दी। उसने उसे पेट के बल लिटा दिया। माला एकदम शांत थी और जूसों जो कर रहा था उसका आनंद ले रही थी। उसकी नंगी नितंबें जूसों के सामने थीं। वह उन्हें जोश से चूम रहा था। 

फिर जूसों  नितंबों को सही स्थिति में लाया और अपने लिंग से उसकी गुदा को छूने लगा । माला बेसब्री से इंतजार कर रही थी कि उसका लिंग उसकी गीली योनि में प्रवेश करे।

जब लिंग उसके तंग गुदा को छूने लगा, तो माला ने विनम्रता से कहा, “सर, मैं योनि में लिंग चाहती हूँ। मैंने कभी गुदा में लिंग नहीं लिया है।”

“आह ठीक है। मुझे तंग गुदा पसंद है।” जूसों ने कहा और अपना लिंग उसकी गुदा में डालने लगा। माला कांपने लगी। उसने कभी इस तरह के सेक्स की उम्मीद नहीं की थी। जूसों ने उसकी गुदा को बुरी तरह खोल दिया। वह चिल्लाती रही। जोसु उसकी गुदा को भरता रहा।

जब मैं उस लड़की से पहली बार मिला तो उसके शरीर को देखकर दंग रह गया। मेरे मन में कई तरह की इच्छाएं उठने लगीं। टाइट ड्रेस में उसके बड़े-बड़े स्तन, हिलते  उभरे  नितंब मेरी आंखों में घूमने लगे।

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