लेखक दिलबर
श्रेणी: विशेष कहानियाँ
पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 814
एक युवती एक लेखक की कहानियों की दुनिया में खोई रहती थी। उसे उन कहानियों के शब्दों से इतना लगाव हो गया कि वह लेखक के ही प्यार में पड़ गई। एक दिन, उसने हिम्मत जुटाई और उस लेखक से मिलने का फैसला किया, ताकि वह उन वयस्क कहानियों में लिखी गई कल्पनाओं को हकीकत में जी सके।
शाम का समय था, दिलबर अपने पहले वाइन ग्लास के साथ एक बार में बैठा था l बार खचाखच भरा हुआ था। लोग आ-जा रहे थे। वह कोने में बैठा अपनी नई कहानी के बारे में सोच रहा था। वह एक पेशेवर लेखक था। फिर एक युवती उसकी मेज के पास आई और चिल्लाई।
“प्रिय दिलबर, तुम कहाँ खो गए थे , तुमने मुझे क्यों छोड़ दिया!” वह उसके बगल में बैठ गई।
दिलबर ने उसे हैरानी से देखा। वह तीस साल की खूबसूरत महिला थी।
“मुझे लगता है आपने गलत समझा,मैं आपको नहीं जानता!” उसने विनम्रता से कहा,
वह पीता रहा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह उसका नाम कैसे जानती थी । फिर उसने चुपचाप बैठने का फैसला किया।
महिला फिर बोली,
“प्लीज़ ऐसा मत कहो, तुम्हें पता है मैं तुमसे कितना प्यार करती हूँ,तुम अपनी छाया को कैसे भूल सकते हो!” वो रोने लगी।
दिलबर और भी ज्यादा भ्रमित हो गया। “प्लीज रोओ मत! आराम से बैठो, हम बात करेंगे, क्या तुम्हें शराब पीना पसंद है?” उसने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कहा।
“हाँ, अगर तुम चाहो तो” उसने धीरे से कहा।
उसने उसके लिए शराब मंगवाई और उसकाे आंखें साफ करने के लिए टिशू दिया।
दिलबर चालीस साल का आदमी था, वह काम के सिलसिले में वहाँ यात्रा कर रहा था, वह शादीशुदा था और उसके दो बच्चे थे l वह पास के होटल में रह रहा था और अपने खाली समय में वयस्क कहानियाँ लिखता था l
वह छाया को नहीं जानता था, यह उससे उसकी पहली मुलाकात थी l वह पंद्रह साल से शादीशुदा था और उसकी पत्नी कामकाजी महिला थी। उसे उसकी वयस्क कहानियाँ पसंद नहीं थीं l उसने उसे लिखना बंद करने के लिए कभी नहीं कहा था, लेकिन उसने उसे चेतावनी दी थी वह उनके यौन जीवन के बारे में कुछ भी न लिखे। वह हमेशा हंसता था क्योंकि उनकी यौन जीवन लगभग शून्य थी।
कभी-कभी वह प्रेमिका के बारे में भी सोचता था, लेकिन काम, बच्चों की ज़िम्मेदारी उसे रोक देती थी।
“क्या सोच रहे हो प्रिये?” छाया ने शराब का दूसरा गिलास पीते हुए पूछा। उसने पहला बहुत तेजी से पी लिया था।
जैसे‑जैसे दिलबर ने कुछ पेग लिए, उसका मन हल्का होने लगा। नशे की हालत में उसकी सोच बदलने लगी, और वह लड़की की मुस्कान और उसके आत्मविश्वास की ओर खिंचता हुआ महसूस करने लगा।
“क्यों न आज रात वह उसके साथ बिताए?” उसने फुसफुसाते हुए कहा। लेकिन वह यह स्पष्ट करना चाहता था कि वह उसका दिलबर नहीं है। वह एक अलग ही इंसान है।
“मैं बस यह याद करने की कोशिश कर रहा हूं,मैं आखिरी बार आपसे कब मिला था l”
“पुरानी बातें सोचना बंद करो प्रिये, अब हम साथ हैं, मैं हर क्षण का आनंद लेना चाहती हूँ l”
आप सही कह रहे हैं, लेकिन मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि क्या हम पहले सच में मिले थे या नहीं। मैं नहीं चाहता कि बाद में आपके साथ धोखा हो।
छाया ने उसका हाथ पकड़ा और उसके करीब आ गई। “दिलबर जी, मैंने आपसे कहा ना, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम पहले मिले थे या नहीं। अब हम साथ हैं। आइए इस रात का साथ में आनंद लें।”
वे काफी देर तक पीते और बातें करते रहे। बारह बजने के बाद जब बार बंद होने वाला था, छाया ने पूछा,
“क्या आप यहीं पास में रहते हैं?”
दिलबर ने कहा, “हाँ, मैं होटल में रहता हूँ। यहाँ से बस दस मिनट की पैदल दूरी पर है। अगर आप चाहें तो हम मेरे कमरे में जाकर बातें कर सकते हैं।”
छाया की आँखें चमक उठीं। यही तो वो चाहती थी। उसने तुरंत कहा, “जी दिलबर जी। मुझे आपके साथ होने में खुशी है। चलिए वहाँ चलते हैं।”
कुछ मिनट चलने के बाद वे होटल पहुचे l
” वाओ !, आपके पास बहुत अच्छा कमरा है l” वह बिस्तर पर बैठ गई,और कमरे में इधर उधर देखने लगी l
जब दिलबर रिफ्रेश रूम से लौटा, तो वह बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसका आधा शरीर चादर के नीचे था। उसके सारे कपड़े सोफे पर पड़े थे। दिलबर समझ गया कि वह किसका इंतजार कर रही है। बिना कुछ कहे वह बिस्तर पर गया और उसके साथ लेट गया।
उन्होंने एक साथ रात बिताई और जो कुछ भी वे चाहते थे, वह सब किया।
सुबह दिलबर लगभग नौ बजे उठा, उसे आश्चर्य हुआ, वह बिस्तर पर नहीं थी, उसने चारों ओर देखा l
फिर उसने शॉवर की जाँच की। वह कहीं नहीं थी l उसने मेज पर एक कागज देखा, वह पढ़ने लगा l
“प्रिय यह सच है, हम एक दूसरे को नहीं जानते l मैं जब भी आपकी वयस्क कहानियाँ पढ़ती थी तो उत्तेजित हो जाती थी l मैं आपसे मिलना चाहता थी और वो सब करना चाहता थी जो आपने अपनी कहानियों में लिखा है। खूबसूरत रात के लिए धन्यवाद, मैं तुमसे प्यार करती हूँ, अच्छी कहानियाँ लिखते रहना “आप कि छाया l
माला एक शरारती लड़की थी, कभी-कभी जब गोल्डी घर पर होता था तो वह अपने शरीर को और अधिक दिखाने की कोशिश करती ।