जीजू सुरक्षित रूप से अपने कमरे में पहुँच गया।

जीजू सुरक्षित-पत्नी गहरी नींद में

श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ

जीजू का सालिजी के शयनकक्ष और पत्नी के शयनकक्ष के बीच आना-जाना।

सालीजी बिस्तर पर मुस्कुरा रही थी। जीजू का दिल डर से धड़क रहा था। वह खुद को छिपाने की पूरी कोशिश कर रहा था। 

कुछ नहीं होगा जीजू। “हम प्यार में हैं, हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।” सलीजी बोली l 

जीजू ने अपनी उंगली होठों पर रखते हुए उसे चुप रहने का इशारा किया

उसे पता था कि सालिजी अभी भी नशे में हैं। वह खतरे को नहीं समझ पा रही थी। उनकी एक गलती उनके रिश्ते को बर्बाद कर सकती थी।

“जीजू इधर आइए, यहाँ कोई नहीं है। मेरे बिस्तर पर आइए। मुझे छुइए, प्लीज़। आप वहां मच्छरों के साथ क्या कर रहे हैं? “ सलीजी ने फिर कहाँ l 

जीजू को पता था कि सालीजी रुकने वाली नहीं हैं। वह खुद ही मुसीबतें खड़ी कर रही थीं।वह जल्दी से बाहर निकल जाना चाहता था।

“जीजू, आप इतने डरे हुए क्यों हैं? मैं अपनी बहन से बात कर लूंगी। इधर आओ। हम अब बच्चे नहीं हैं। मेरे शरीर को देखो। तुम्हें कैसा लगता है?”

जीजू  ने बस मुस्कुरा दिया। सलीजी तो ख़ूबसूरत थीं, लेकिन स्थिति अच्छी नहीं थी।

बाहर का शोर शांत होते ही जीजू ने अपनी साली की बातों को अनसुना कर दिया। वह धीरे से कमरे से बाहर निकल गया । उन्होंने चारों ओर देखा। वहाँ कोई नहीं था। फिर वह धीरे-धीरे अपनी पत्नी के बिस्तर की ओर बढ़ा । वह अभी भी सो रही थी। जीजू ने गहरी साँस ली।

वह बिस्तर पर लेट गया। धीरे-धीरे उसका डर कम होता गया, लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी। रीया का आकर्षक शरीर बार-बार उसकी आँखों के सामने आ रहा था। इससे वह बार-बार उत्तेजित हो रहा था।

सालीजी की बातें सोच कर उसे हंसी भी आ रही थी। उसने उसे  पहले कभी इतना नशे में नहीं देखा था। लेकिन इससे उन्हें मदद भी मिली क्योंकि सालीजी ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और सभी संदेह दूर हो गए।

वह सोच रहा था कि क्या उसकी सलीजी  को सुबह तक सब कुछ याद रहेगा। आपसी समझ के साथ आगे बढ़ने में कोई हर्ज नहीं था। उसकी शादी में प्यार और भावनाओं का कोई नामोनिशान नहीं था। सालीजी भी यह बात अच्छी तरह जानती  थी ।

guest
0 Comments