भाग-9

जीजू के जीवन में सीक्रेट लड़की कौन!

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 4 मिनट | शब्द: 556

मैं ऑफिस में बैठा था l आज ज्यादा काम नहीं था l  मैं अपना ईमेल पढ़ रहा था और अपने स्पैम फ़ोल्डर को चेक कर रहा था, कभी-कभी मुझे वहां कुछ महत्वपूर्ण ईमेल आते थे l

“तुम्हें मेरा नाम जानने की जरूरत अभी नहीं है, तुम मुझे अच्छे से जानते हो l”

मुझे वह ईमेल किसने भेजा, मैं बहुत उत्सुक था। मैंने पढ़ने लगा l मेरे पास प्रेषक के बारे में कोई जानकारी नहीं थी,शायद प्रेषक कोई लड़की थी l      

“मैं जानती हुं कि तुम शादीशुदा हो, तुम अपनी पत्नी से प्यार करते हो। मैं तुमसे कुछ नहीं चाहती थी  लेकिन अब मुझे तुमसे प्यार हो गया है, खासकर तुम्हारे शरीर से। जब बिस्तर पर लेटती हुं तो तुम्हारा आकर्षक शरीर मेरे सामने घूम जाता है l मुझे नहीं पता कि तुम कितने आक्रामक हो और तुम्हारा आकार क्या है। मैं चाहती हूँ कि कभी तुम मेरे ऊपर आओ और मेरे अंगों और शरीर को नोचो।”

मैं पूरी तरह असमंजस था ऐसा कौन लिख सकता था l वह लड़की कौन थी ?, वह मुझे कैसे जानती थी ? क्या वह सुगी मेरी पुरानी क्लास फेलो थी l वह कुछ दिन पहले मुझसे पुस्तकालय में मिली थी और उसके पास मेरा ईमेल पता भी था l
मीनू भी हो सकती थी lमीनू मेरे ऑफिस में काम करती थी, वह ज्यादा खूबसूरत नहीं थी, मोटी थी, कभी-कभी कोई उसकी गंदी चैटिंग के बारे में बात करता था l 

साली जी, नहीं,नहीं सालीजी मुझे ईमेल नहीं भेजेंगी। वह तो केवल मुझे उत्तेजित करना चाहती थी l वह इस तरह का ईमेल नहीं लिख सकती ।

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हर शाम की तरह, मैं घर पर टीवी देख रहा था। मैं अभी भी उस ईमेल के बारे में सोच रहा था। कोई लड़की मुझे इस तरह क्यों लिख रही थी ?, यह भी संभव था कि उसने गलत ईमेल पता लिखा हो,मुझे इस बारे में नहीं सोचना चाहिए,शायद उसने गलत व्यक्ति को संदेश भेज दिया था l

“जीजू किस सोच मे हो,चाय लो”, सालीजी ने चाय देते हुए कहा l

” कुछ काम के बारे में सोच रहा था,आओ बैठो l”

सालीजी  मेरे पास बैठ गई l मुझे नहीं लगता था कि वह मुझे ईमेल भेज सकती थी l लेकिन मैं जानता था कि जब वह मेरे पास बैठेगी तो मुझे उत्तेजित करने के लिए कुछ न कुछ जरूर करेगी।

उसने हल्के नीले रंग की शर्ट और पायजामा पहन रखा था l शर्ट का केवल एक ऊपरी बटन ही खुला था l  हम एक-दूसरे को आसानी से देख सकते थे l मैं चाय पीने और टीवी देखने में व्यस्त था।

मैं सोच रहा था  कि अगर मैं उस पर ध्यान नहीं दूँगा तो वह बेचैन होने लगेगी l

सालीजी  कुछ देर चुपचाप बैठी रही l  फिर उसने अपनी शर्ट के बटन खोलने लगी l  मुझे पता था कि वह नग्न नहीं होगी l लेकिन मेरा दिल धड़कने लगा l उसने सारे बटन खोल लिए । उसने शर्ट के नीचे सफेद रंग का छोटा टॉप पहना हुआ था, जिससे केवल उसके स्तन ढके हुए थे। यह वही टॉप था जो मैंने उसे बाजार में सुझाया था।

वह अब भी शांत थी, लेकिन उसने मेरी पायजामे को कुछ बार देखा। उसने पहले भी कई बार ऐसा किया था। मुझे यकीन होता जा रहा था कि वह मेरी उत्तेजना देखना चाहती है।

“क्या वह सचमुच मुझे तैयार देखना चाहती है? लेकिन क्यों !! ” मैंने सोचा।

मेरे प्रिय, यह मत सोचो,मैं अनजान लड़की हूं l हम पहले ही मिल चुके हैं l मैं जानती हुं तुम्हें मेरा शरीर पसंद है l अब मैं तुमसे कह रही हूँ, आओ और जो चाहो करो। मेरा शरीर तुम्हारा है l

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