भाग-37
जीजू और उनकी सचिव की रंगीन शाम
श्रेणी : जीजू और सालीजी
पढ़ने का समय: 6 मिनट | शब्द: 837
शनिवार का दिन था, एलिना घर पर थी, जीजू और सालीजी के पास कुछ भी करने का मौका नहीं था। शाम को जीजू ने मीनू से उसके जन्मदिन पर मिलने का वादा किया था । उन्होंने एलिन और सालीजी से कहा कि वह शाम को अपने दोस्त की जन्मदिन पार्टी में जा रहे हैं। दोपहर के भोजन से पहले जीजू लिविंग रूम में बैठे थे। उन्हें मीनू का संदेश मिला, वह चाहती थी कि जीजू उसके घर आएं, वह वहां पार्टी का आयोजन करेगी। जीजू ने उससे आने का वादा किया।
“जीजू आप क्या सोच रहे हैं?” सालिजी ने कमरे में आते हुए पूछा,
“क्या मैं आज दूध पी सकता हूँ?”
“दूध तैयार है।” साली जी ने अपना टॉप ऊपर कर लिया। उसने ब्रा नहीं पहनी थी। जीजू थोड़ी देर उसके निप्पल चूसे l
“एलिना कहाँ है,सालीजी ?”
“वह रसोई में रोटी पका रही है।”
फिर जीजू ने उसको पकड़ा और पूछा,”आज यह कैसी है?
“निराश,आज किसी ने उसे चाटा नहीं।”
जीजू ने कुछ बार छुआ और कहा, “आज इसे थोड़ा आराम दो, सोमवार को मैं इसे थका दूंगा।
“रात को आजना। जीजू मैं इंतज़ार करूंगी l ”
“मैं शायद देर से आऊँगा, या शायद नशे में। मेरा इंतजार मत करना ।साली जी l ”
“आप नशे में अच्छी लगते हैं, मुझे अच्छा लगा जब हम होटल मे थे । मैं फिर से चिल्लाना चाहती हूँ।” साली जी हँसी।
“मुझे लगा कि बहुत ज्यादा हों गया था।”
“मुझे अच्छा लगता है जब हमारे नंगे शरीर एक साथ चिपके रहते हैं, जीजू ।”
फिर एलिना ने लंच के लिए बुलाया l जीजू, सालिजी की रोमांटिक बातें खत्म हो गईं l
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शाम हो चुकी थी। जीजू मीनू के घर आये। वह उन्हें देखकर बहुत खुश हुई। “सर अंदर आइये, मैं आपका इंतजार कर रही थी।”
जीजू अंदर गये, उन्हें आश्चर्य हुआ, वह अकेले थे। “मीनू, क्या मैं जल्दी आ गया , आपका दोस्त अभी तक नहीं आये ।”
“सर मैंने अपने दोस्त को फोन किया, वे शायद थोड़ा देर से आएंगे।”
“आप क्या पीना चाहते हैं सर l ”
“ कुछ भी।” मीनू हंस पड़ी। वह दो गिलास और रेड वाइन की बोतल लेकर आई। उन्होंने पीना शुरू कर दिया। “मीनू मेरी तरफ से जन्मदिन की बहुत शुभकामनाएं l” जीजू ने उसे उपहार दिया।
वह बातचीतकरने लगे । समय तेजी से बीत गया। अब वे पूरी तरह से नशे में थे।
“मीनू बहुत देर हो चुकी है, तुम्हारे दोस्त अभी भी नहीं आए ।”
“उन्हें भूल जाओ सर। मुझे उनकी जरूरत नहीं है।” मीनू ने शराब पीते हुए कहा।
“मीनू तुम मेरी अच्छी दोस्त हो। तुम हमेशा मेरी मदद करती हो। अगर तुम्हें कुछ चाहिए तो मैं तुम्हारी अवश्य मदद करूंगा।”
“मुझे आज तुम्हारी मदद चाहिए सर। मेरे साथ आओ।” मीनू ने जीजू का हाथ पकड़ा और उसे अपने बेडरूम में ले गई।”
“मीनू ये तुम क्या कर रही हो।” जीजू ने आश्चर्य से पूछा l
उसने जीजू को बिस्तर पर धकेल दिया। फिर उसके लिंग को अपने हाथ में पकड़ा और कहा , “मुझे इसकी जरूरत है, कृपया मुझे आज दो।”
“मीनू, तुम्हें पता है कि मेरी पत्नी है, मैं तुम्हारे साथ ऐसा कैसे कर सकता हूँ।”
“सर, तुम्हारी गर्लफ्रेंड भी है, अब तुम्हारी दो गर्लफ्रेंड हैं।”
इससे पहले कि जीजू कुछ सोचते या बोलते, मीनू ने उनकी पैंट खींच ली । जीजू भी नशे में थे। वे मीनू को रोक नहीं पाए। फिर मीनू ने अपनी अंडरवियर उतार दी और उसके लिंग पर बैठ गई।
कमरा मीनू की मीठी चीखों से भरने लगा। कुछ देर के बाद दोनों को चरमसुख प्राप्त हुआ।
“सर, मैंने बहुत दिनों के बाद किया था। इसीलिए मैं आक्रामक हो गई l”
मीनू एक जवान लड़की थी। वह थोड़ी मोटी थी l कभी-कभी जीजू को लगता था कि वह उन्हें पसंद करती है। लेकिन जीजू ने कभी उसे आज़माया नहीं था , वह हमेशा उसे एक अच्छी दोस्त मानते थे।
“तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड क्यों नहीं है, मीनू।”
“मुझे नहीं चाहिए। मैं तुम्हें पसंद करती हूँ लेकिन मुझे पता है कि तुम शादीशुदा हो, अगर तुम कभी-कभी मेरे घर आओ तो मुझे खुशी होगी।”
जीजू और मीनु आधी रात तक मौज-मस्ती करते रहे। फिर जीजू ने घर लौटने का फैसला किया और मीनु से वादा किया कि वह फिर से उसके घर आएंगे। मीनु जानती थी कि घर पर उनकी पत्नी है, इसलिए उसने उन्हें नहीं रोका।
जब जीजू घर आए तो एलीना सो रही थी। उन्होंने खुद को तरोताजा किया। जीजू ने चुपके से सलीजी के बेडरूम का दरवाजा खोला, वह जाग रही थी और फोन पे कोई फिल्म देख रही थी।
जीजू को देखकर, सालीजी की आँखें चमक उठीं। उसने अपनी बाहें आगे कीं, उन्होंने जोश के साथ चूमा। जीजू ने थोड़ी देर तक उसके निप्पलों को पिया, फिर उसके पेट को चूमा। “शुभ रात्रि प्रिय। मुझे जाना होगा।”
साली जी बहुत खुश थी। वह जीजू का इंतजार कर रही थी। जब जीजू उसके कमरे से बाहर आए तो उसने फोन बंद कर दिया और सो गई।
जीजू के कोमल स्पर्श से सालिजी भी उत्तेजित हो गईं। गीले होंठ खुलने लगे। गहरे लाल रंग का छेद किसी सख्त और मोटे पदार्थ का इंतजार कर रहा था।