भाग-35
एलिना दूसरे आदमी के घर पर और जीजू साली जी साथ - साथ
श्रेणी : जीजू और सालीजी
पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 631
सलीजी अपने कमरे में बिस्तर पर लेटी हुई किताब पढ़ रही थी। उसे पता था कि जीजू जल्दी आ रहे थे। जीजू वादे के मुताबिक आ गए।
“जीजू, चाय या शराब?” सालीजी ने मुस्कुराते हुए कहा।
“सालीजी, सब कुछ आपके दूध और जूस में है।”
“जीजू, जूस? ये क्या होता है?”
“ये तो तब बनता है जब मैं तुम्हें चाटता हूँ।”
“ओह। तो फिर पहले क्या पीना चाहोगे? दूध या जूस?”
“दूध।” सालीजी ने अपने टॉप्स ऊपर उठा लिए। जीजू ने उन्हें चूमा।
फिर जीजू ने अपना हाथ अंडरवियर पर फिराया और पूछा, “क्या यह तैयार है” सालीजी ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह तुम्हारा ही इंतजार कर रही है।”
“डार्लिंग मैं पहले नहाना चाहता हूँ l”
जीजू स्नान करने चले गए ।
जीजू तौलिया पहन कमरे के अंदर आए । सालीजी बिस्तर पर नहीं थीं। वह उनके पीछे दर्पण देख रही थीं, जीजू ने ध्यान नहीं दिया। सलीजी ने चुपके से तौलिया खींच लिया। जीजू तुरंत मुड़े,तौलिया गिर चुका था l
“वाह, मुझे बाल पसंद हैं। तुम्हारा आदमी अभी भी सो रहा है। सालिजी ने लिंग छूते हुए कहा।”
“यह आपके स्पर्श की प्रतीक्षा कर रहा है।”
सालीजी छूने लगी। जीजू की उत्तेजना बढ़ने लगी। सालीजी ऐसे मालिश कर रही थीं जैसे उन्होंने पोर्न फिल्मों में देखा था ।
जीजू ने माहौल को और भी रोमांचक बनाने के लिए अपना हाथ उनके टॉप के अंदर डाला और स्तन पकड़ लिए ।
“जीजू,अब यह तैयार है। यह मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ा है।” फिर सालीजी ने इसे अपने मुंह में लिया और चाटना शुरू कर दिया। जीजू को इसकी उम्मीद नहीं थी। सालीजी को सब पता था क्योंकि वह लगभग हर रात पोर्न फिल्में देखती थीं।
“सालीजी, मैं आ रहा हूँ। क्याआप मुँह में लेना चाहती हैं?”
सालीजी ने जीजू की बात अनसुनी कर दी और आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने अपनी गति बढ़ा दी। फिर जीजू चरम आनंद पर पहुँच गए और सारा वीर्य सालीजी के मुँह में डाल दिया। सालीजी नहाने के कमरे में गईं और अपना मुँह धोया। उन्होंने कुछ नहीं खाया।
“जीजू, आपका जूस बहुत गर्म था।”
जीजू हँसे और बोले, “यह आपके जूस जैसा ही है।”
सालीजी ने फिर से जीजू के लिंग को पकड़ा और पूछा, “यह कब तक तैयार होगा?”
जीजू ने कहा, “चलिए चाय पीते हैं, फिर हम जारी रखेंगे।”
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एलिना फिर से संजू के घर पर थी।
“भाभी, आप बहुत मजबूत हैं। मुझे कुछ दिन आराम की जरूरत है।”
एलिना हंसते हुए बोली। “अच्छा हुआ कि तुम्हें कुछ महीनों से जो चाहिए था वो मिल गया।”
“भाभी, आपने तो मुझे खाली कर दिया।” संजू हंसा l
“संजू, मैं तुमसे उस तस्वीर के बारे में बात करना चाहती थी।” एलिना ने लिंग पर हाथ फिराते हुए कहा।
“भाभी, तस्वीरों के बारे में भूल जाओ,आप वही करें जो आपको सही लगता है।”
“नहीं संजू। मैं चाहती हूं कि तुम्हें सच पता चले l”
“ठीक है भाभी। तुम क्या कहना चाहती हो।” एलिना ने संजू को रवि के बारे में सब कुछ बता दिया।
“मुझे रवि का व्यवहार पसंद नहीं आया, इससे कई गलतफहमियां पैदा होती हैं।” भाभी l
“तुम सही हो संजू। लेकिन यह मेरी जानकारी के बिना हुआ था l”
“मुझे माफ़ करें भाभी, मैं आप पर गुस्सा हो गया था। हम इस बारे में दोबारा बात नहीं करेंगे।”
“धन्यवाद संजू, तुमने मुझ पर भरोसा किया l”
“भाभी, मैं चाहता हूं कि आप यहां आएं और हम प्यार करें, मुझे तुम्हारा शरीर बहुत पसंद है।”
“मैं आऊँगी। मैं तुम्हारे इस मोटे आदमी से प्यार करने लगी हूँ l” वे दोनों हँसे l
एलिना इस बात से खुश थी कि संजू ने उसकी बात सुनी और उस पर भरोसा किया। उसने वादा किया कि वह रवि से फिर कभी नहीं मिलेगी, लेकिन संजू के साथ उसका रिश्ता पहले ही बदल चुका था। उसने संजू के साथ संबंध जारी रखने का फैसला किया।
जीजू ने उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी। वह जीजू के ऊपर लेट गई। उनके अंग आपस में छूने लगे। सालीजी अपने क्लिटोरिस को लिंग से छूने की कोशिश करने लगी ।