भाग-32

एलिना, जीजू के भाई घर पर अकेली

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 625

जीजू ने ऑफिस का काम शुरू कर दिया था । उनकी मेज कागजों से भरी हुई थी, जीजू दोपहर के भोजन के बाद घर जाना चाहते थे, उन्होंने सलीजी से वादा किया था। तभी उनकी सहकर्मी एक युवा मोटी लड़की कुछ फाइल लेकर आई।

मीनू कुछ महीनों से जीजू के साथ काम कर रही थी, वह अच्छी लड़की थी लेकिन वह मोटी थी। वह जीजू से मज़ाक करती थी और कहती थी, अगर वह शादीशुदा नहीं होते तो वह उनसे शादी कर लेती,जीजू हमेशा कहते थे भगवान का शुक्र है कि मैं शादीशुदा हूं।

जीजू ने उससे पूछा कि क्या वह उसका कुछ काम कर सकती है क्योंकि वह दोपहर के भोजन के बाद घर जाना चाहता था, उसने कहा “निश्चित रूप से मैं कर सकती हूं, लेकिन मुझे आपसे क्या मिलेगा ।” जीजू मुस्कराया । वह हमेशा मजाक करती थी  जीजू को पता था। 

“आप क्या चाहते हैं मुझसे।” 

वह भी हँसी। “एक शाम बार में, रेड वाइन l” 

जीजू ने कहा “ठीक है, लेकिन मैं अपनी पत्नी को अपने साथ लाऊंगा।”

“नहीं, यह ऑफिस का काम है, पारिवारिक मामला नहीं।” जीजू सहमत हो गया और उस ने उसका बाकी काम करने का वादा किया।

यह जीजू के लिए एक बड़ा दिन हो सकता था । उसने सलीजी को सावधानी से शेव करने के लिए कहा था और  सलीजी ने  बताया उसकी हमेशा शेव होती  है।

****

आज भी एलीना ने काम के बाद संजू से मिलने का वादा किया था। वह रवि के बारे में संजू को सब कुछ बताना चाहती थी। उसे अभी भी यकीन नहीं था कि वह उस पर विश्वास करेगा। लेकिन यह लगभग निश्चित थी कि वह अपने भाई को कुछ नहीं बताएगा।

वह संजू के घर पहुंची, वह उसका इंतजार कर रहा था।

“क्या तुम कुछ पीना या खाना चाहोगी भाभी ?” संजू ने उसका हाथ पकड़ते हुए पूछा l

“तुमने मेरे लिए क्या पकाया?” एलिना ने मुस्कुराते हुए पूछा।

“मैंने आपके लिए पिज़्ज़ा बनाया । मुझे आशा है कि आपको पसंद आएगा l”

एलिना समझती थी कि उसे संजू के साथ दोस्ताना व्यवहार करना होगा। संजू भी अब उससे नाराज़ नहीं था।  उसे अपनी मनचाही चीज़ मिल रही थी। एलिना जानती थी कि उसके साथ शारीरिक संबंध ही उसकी शादी बचा सकता है। उसे भी उसका स्पर्श अच्छा लगने लगा था।

वे रसोई की ओर चलने लगे। संजू एलीना के नितंबों को देख रहा था,वे उसकी साड़ी में अच्छे से हिल रहे थे। वह संजू के सामने अधिक लचीलापन भी दिखा रही थी। उसकी हर हरकत के साथ संजू बेचैन होता जा रहा था l

“तुमने पिज़्ज़ा बहुत अच्छा बनाया, मैं बाद में खाऊंगी।” उसने पिज़्ज़ा का छोटा टुकड़ा खाया और कहा।

“क्या आप शराब पीना चाहेंगी या चाय भाभी ?”

“मैं पहले तरोताज़ा होना चाहती हूँ ।”

धीरे-धीरे उसने अपनी साड़ी उतारनी शुरू कर दी। संजू लगातार उसकी गतिविधियों को देखकर उत्तेजित हो रहा था। वह यही चाहती थी और वह यह भी चाहती थी कि संजु उसके शरीर का पूरा आनंद ले।

वह भी उसे अधिक से अधिक उत्तेजित करना चाहती थी। वह चाहती थी कि वह भूखे बाघ की तरह उस पर झपट पड़े और उसके शरीर को कुचल दे।

उसने अपनी साड़ी और ब्लाउज उतार दिया और छोटे कपड़ों में  नहाने चली गई।

जब संजू ने पानी गिरने की आवाज सुनी, तो वह खुद को रोक नहीं पाया और उसने एलिना को पीछे से पकड़ लिया। फिर वे दोनों शावर में मजे करने लगे।

कुछ समय बाद वे तौलिये में लिपटे हुए वे बेडरूम में आए। एलिना जानती थी कि संजू अभी उसे नहीं छोड़ेगा।

एलिना ने रवि के बारे में बात करने की कोशिश की , लेकिन संजू कहा  कि वह अभी कुछ भी सुनना नहीं चाहता। मुझे उससे अभी सिर्फ एक ही चीज़ चाहिए। एलिना समझ गई और उसे चूमने लगी ।

सालीजी ने अपनी फ्रॉक और ब्रा उतारी और  उनके शरीर पर लेट गईं। उनके गर्म शरीर पहली बार मिले।

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