भाग-31
साली जी ने जीजू की इच्छा पूरी करने का फैसला किया
श्रेणी : जीजू और सालीजी
पढ़ने का समय: 8 मिनट | शब्द:1040
जीजू दफ्तर में बैठे थे। एलिना ने कहा कि वह काम पर देर से जाएगी। वह सुबह साली जी से बात नहीं कर सके , लेकिन साली जी ने उसे सुप्रभात का संदेश भेजा था।
कुछ महत्वपूर्ण काम करने के बाद जीजू ने अपने नकली फेसबुक प्रोफाइल पर सलीजी से बात करने का फैसला किया।
रानी : हैलो लिली (सलीजी), आप कैसे हैं?” जीजू ने संदेश लिखा, सलीजी ऑनलाइन नहीं थी ।
सलीजी : कुछ मिनटों के बाद सालीजी ने लिखा, “हैलो रानी (जीजू) मैं ठीक हूं, आप कैसी हैं?
रानी : मैं भी ठीक हूँ, क्या कर रही हैं?
सलीजी : अभी भी बिस्तर पर हूँ, थोड़ा थका हुआ महसूस कर रही हूँ। सालीजी ने कहा।
रानी : क्या हुआ, क्या सब ठीक हैं?
सलीजी: हाँ रानी, मैं बिल्कुल ठीक हूँ, मैंने कल शराब पी थी, शायद उसी वजह से।
रानी : आप ने शराब पी लिली, किसके साथ?
सलीजी : मैं और जीजू कल शाम घर पर अकेले थे, इसलिए हमने शराब पी और बातें की, बस थोड़ी मस्ती के लिए।
रानी : वाह!! क्या जीजू ने तुम्हें छुआ l
सलीजी : कुछ नहीं किया, शायद उन्हें मैं पसंद नहीं , रानी।
रानी : तो तुम चाहती थी कि वह कुछ करे ,लिली l
सलीजी : मुझे नहीं पता मैं चाहती हूं या नहीं, लेकिन अगर वह छूते तो मैं नाराज नहीं होती ।
यह वही था जो जीजू लंबे समय से जानना चाहते थे। आज साली ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह क्या सोच रही थी।
रानी : मुझे लगता है लिली तुम्हारे जीजू कभी भी तुम्हारे शरीर को नहीं छुएंगे। तुम्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
सलीजी : मुझे भी ऐसा ही लगता है। यह अच्छी बात है कि वह बहन के साथ रहना चाहते है।
सालीजी क्या कह रही थी? मैं उसे कैसे छू सकता हूँ, जबकि मैं हमेशा से चाहता था। शायद मैं जरूरत से ज्यादा डरता हूँ। लेकिन अब डरने की कोई जरूरत नहीं है, मैं उसे पकड़ लूँगा।
जीजू ने जारी रखा l
रानी : अगर जीजू ने तुम्हें पकड़ लिया तो कुछ भी हो सकता है, क्या तुम इसके लिए तैयार हो?
सलीजी : मुझे नहीं लगता कि वह मेरी सहमति के बिना कुछ भी करेंगे। वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं, हमेशा मेरा सम्मान करते हैं l
रानी : वो तुम्हारे साथ अच्छा व्यवहार करता है, तुम्हें उसकी इच्छाओं का ख्याल रखना होगा, लिली।
सलीजी : अगर वो मुझसे कुछ नहीं चाहते तो ये उसकी गलती है, रानी।
“सालिजी, मैं चाहता हूँ, लेकिन धीरे-धीरे आपकी सहमति से,” जीजू ने फुसफुसाते हुए कहा।
दोपहर को जीजू को पूरा यकीन था कि एलिना घर पर नहीं होगी। उन्होंने सालिजी को संदेश भेजा।
“हैलो साली जी। आप क्या कर रहे हैं?”
“अभी-अभी नहाकर आई हूँ। जीजू, आपने मुझे बहुत ज़ोर से चूमा। मेरे शरीर पर कई लाल निशान हैं। अगर एलिना मुझसे पूछे कि ये किसने किया, तो मैं क्या कहूँगी?”
“माफ़ करना सालीजी। मैंने आपको ज़ोर से चूमा नहीं। आपका शरीर बहुत कोमल है। मुझे आपका दूध बहुत पसंद आया। यह अद्भुत था। मुझे अभी भी गर्मी महसूस हो रही है।”
“ओह, इसीलिए मुझे आज अपने स्तन छोटे लग रहे हैं। तुमने कल मेरा सारा दूध पी लिया। अब दो दिन आपको दूध नहीं मिलेगा।”
“तो फिर आप मुझे क्या देंगे, दो दिन?”
“तुम मुझे सिर्फ छू सकते हो। पीने के लिए कुछ नहीं है।“
“ठीक है, मुझे छूना अच्छा लगता है। तुमने और क्या किया?”
“मैंने अपने बाल साफ किए । कल मैंने बिकिनी पहनी थी, बाल अंडरवियर से बाहर निकल रहे थे।”
“मुझे पता ही नहीं चला। मैंने आपकी अंडरवियर नहीं उतारी, सालिजी।”
“जी । मुझे पता है आपने नहीं उतारी। आपने बस इधर-उधर चूमा। मुझे वहाँ कुछ लाल निशान भी दिख रहे हैं। लेकिन आपने मेरी अंडरवियर क्यों नहीं उतारी?”
“सालीजी, मैं एक ही दिन में सब कुछ नहीं हटाना चाहता था। अगली बार मैं आपकी अंडरवियर उतारकर उस जगह को चूमूंगा। अब वह जगह साफ और चमकदार होगी क्योंकि आपने सारे बाल हटा दिए हैं।”
“जीजू तुम ज्यादा शरारती होते जा रहे हैं, लेकिन मुझे आपका विचार पसंद आया।”
“जीजू आज एलिना घर पर होगी। हमें सावधान रहना होगा।”
“ओके सलीजी l”
“ठीक है जीजू हम शाम को बात करेंगे, आपको काम पर जाना होगा।”
जीजू बहुत खुश थे। उनकी योजना कारगर साबित हुई। चुंबन के निशान के कारण सालिजी यह नहीं कह पाईं कि उसे कुछ याद नहीं है।
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शाम का वक्त था। जीजू लिविंग रूम में बैठा था , एलीना किचन में खाना बना रही थी, सालीजी लिविंग रूम में आईं। जीजू की पत्नी एलिना घर पर थीं, सालीजी और जीजू कुछ नहीं कर सकते थे , सालीजी जीजू के लिए चाय लेकर आईं और टेबल पर रख दीं। जीजू ने उसका हाथ पकड़ा और खींच लिया। साली जी जीजू की जांघ पर बैठ गई, सलिज ने टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके स्तन स्वतंत्र थे, जीजू ने अपना हाथ उसकी टी शर्ट मे डाला और स्तनों को पकड़ लिया । “जीजू धीरे से, आपके हाथ बहुत सख्त हैं।”
साली ने अपने नितम्बों से जीजू के लिंग को दबाया। “वह कहाँ है? मुझे कुछ महसूस नहीं हो रहा जीजू।”
जीजू हंसे और बोले, “पहले मुझे दूध पीना है। तब आप इसे महसूस करोगी l”
वह खड़ी हुई , “तुम्हारी चाय में पहले से ही दूध है ।”
फिर सलीजी कुर्सी पर बैठ गई, जीजू चाय पीने लगे, जीजू धीरे से बोला ,” मैं कल जल्दी घर आऊंगा, अच्छे से शेव कर लेना। मुझे बाल पसंद नहीं है प्रिय l”
“तुमने आज शेव किया” जीजू हँसे l
सलीजी मुस्कुराईं, “पूरी शवेद है। आ जाना रात को दखने ।”
“मैं अभी देखना चाहता हूँ l”
“नहीं, जीजू। बहन कभी भी आ सकती है।”
“थोड़ा सी , प्लीज ।”
सलीजी ने रसोई की और देखा एलिना खाना बनाने में व्यस्त थी, सलीजी जीजू के पास खड़ी हो गई और अपना पायजामा और अंडरवियर नीचे कर दिया, उसकी योनि जीजू के सामने थी, उसने उस पर अपना हाथ फिराया, उसके होंठ पूरी तरह से चिपके हुए थे l
“वाह !!! यह बहुत नरम और साफ है, कोई बाल नहीं, मैं चूमना चाहता हूँ,”
“नहीं जीजू,” उसने तुरंत अपना पायजामा और अंडरवियर ऊपर खीच लिया और कुर्सी पर वापस बैठ गई l
फिर एलिना ने सलीजी को रसोई में बुलाया, उसे कुछ मदद की ज़रूरत थी।
जीजू साली से बहुत खुश थे। वह उनकी दूसरी पत्नी बन गई थी । लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी समस्या एलिना थी। वे एक साथ सो नहीं सकते थे।
एलिना समझती थी कि उसे संजू के साथ दोस्ताना व्यवहार करना होगा। संजू भी अब उससे नाराज़ नहीं था। उसे अपनी मनचाही चीज़ मिल रही थी। एलिना जानती थी कि उसके साथ शारीरिक संबंध ही उसकी शादी बचा सकता है