भाग-27

जीजू की एक बेचैन रात

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 6  मिनट | शब्द: 792 

जीजू दफ्तर में बैठे थे। उन्होंने मिस एक्स को ईमेल लिखा, लेकिन उन्होंने अभी तक जवाब नहीं दिया था। वे सालीजी के लिए बिकिनी खरीदने की सोच रहे थे। फिर उन्होंने सालीजी को मैसेज भेजा और उनका साइज पूछा।

 “कल शाम आपने मेरे स्तन छुए थे।मुझे लगता है कि अब आपको आकार का पता चल गया होगा।” सालिजी ने लिखा।

“जी सालिजी, जब मैंने उन्हें पकड़ा तो मेरा हाथ भरा हुआ था। लेकिन नितंबों के आकार के बारे में क्या? मैंने उन्हें अभी तक नहीं देखा है।”

“ओह, जीजू, रात में मेरे बेडरूम में आकर मेरी हर चीज का आकार जांच लें।”

“यह अच्छा विचार है। हम शाम को और बात करेंगे।”

****

शाम हो चुकी थी, जीजू काम से आये और  फ्रेश होने के बाद वह लिविंग रूम में बैठे थे। साली जी रसोई में अपनी बहन की मदद कर रही थी, 

“बहन, आप दिन में शराब नहीं पीतीं, आज क्यों पी?”

“चुप, तुम्हारे जीजू को यह पसंद नहीं है कि मैं दिन में शराब पीऊं।”

“तो फिर तुमने  क्यों पी?” साली जी ने आश्चर्य से पूछा।

“तुम्हें याद है रवि, मेरा दोस्त, मैं उससे मिली  थी , हमने अपनी दोस्ती के बारे में बात की  और थोड़ी  पी ली।”

एलिना सालिजी को यह नहीं बताना चाहती थी कि उसे संजू से परेशानी है। वह बहुत असमंजस में थी। वह उसकी इच्छाओं को पूरा नहीं करना चाहती थी, लेकिन उसके पास ज्यादा विकल्प भी नहीं थे।

“रवि अब तुमसे क्या चाहता है? बहन l”

“वह सब कुछ जो उसे पहले नहीं मिला।”

“फिर आप क्या सोचती  हैं l”

“मैं एक बार उसकी शक्ति को देखना चाहती हु” एलिना हँसी l

“तुम मज़ाकिया हो, बहन l”

“जाओ और अपने जीजू को चाय दे आओ l”

सालीजी ने चाय के कप लिए और लिविंग रूम में चली गईं। वह जानती थी कि जीजू उस का इंतजार कर रहे हैं, वे कुछ नहीं कर सकते थे, एलिना घर पर थी।

“जीजू आपका दिन कैसा रहा?”

“बहुत अच्छा नहीं रहा, बहुत काम था l ”

“जीजू, क्या आप चाहते हैं कि मैं आपके कंधे की मालिश करूँ? ”

“मालिश नहीं, मुझे लगता है कि ताज़ा दूध मदद कर सकता है l”

“वह तो तुम्हें रात को एलिना से मिलेगा।” सालीजी ने शर्माते हुए कहा l

“हां, लेकिन मुझे अभी चाहिए।” 

“जीजू अब तुम  बहुत शरारती हैं, रात में आना, मैं जल्दी नहीं सोऊंगी।” सालिजी ने मुस्कुराते हुए कहा l

****

रात हो चुकी थी, जीजू और एलिना बिस्तर पर थे। जीजू उसके सोने का इंतज़ार कर रहे थे। एलिना को नींद नहीं आ रही थी। उसने संजू से सुबह मिलने का वादा किया। उसे पता था कि इस बार वह उसे नहीं छोड़ेगा।

वह तस्वीर के बारे में चिंतित थी l उसे यकीन नहीं था कि वह संजू को कब तक रोक पाएगी l क्या होगा अगर संजू कुछ समय बाद उसका शरीर नहीं चाहेगा। या वह कब तक सब कुछ छुपाने में सक्षम थी। उसके मन में कई सवाल उठ रहे थे। 

जीजू को समझ नहीं आया कि वह क्यों नहीं सो रही थी।

साली जी अपने बिस्तर पर लेटी हुई थी, उसे कोई चिंता या इंतज़ार नहीं था। उसे पता था कि जीजू शायद नहीं आएंगे l वह यह भी सोच रही थी कि एलिना ने शाम को क्या कहा था, बहन रवि को क्यों आज़माना चाहती थी ? वह भी अन्य आदमी चाहती थी l शायद उनके बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। एलिना कुछ छिपा रही थी।

आधी रात हो चुकी थी। जीजू ने एलिना की तरफ देखा, वह सो रही थी लेकिन उसे लेकर वह निश्चित नहीं था l  अब जीजू को एलिना से डर लगने लगा था क्योंकि सलीजी से उसका गुप्त रिश्ता था। वह धीरे-धीरे बेडरूम से बाहर आए।

 “प्रिय तुम बहुत काम कर रहे  हो, मेरे साथ बिस्तर पर आओ,” एलिना फुसफुसाई

“मैं आ रहा हूँ प्रिय l ” जीजू ने कहा और रसोई की ओर चले गए l  उन्होंने साली के कमरे के अंदर देखा। दरवाजा थोड़ा खुला था, साली सो रही थी l  जीजू अंदर गए, जैसे ही वह साली पर झुका , उसने  मुस्कुराते हुए अपनी आँखें खोलीं, जीजू ने एक तरफ से उसकी टी-शर्ट उठाई l  

सालीजी ने अपनी आंखें फिर से बंद कर लीं। उसका  स्तन मंद रोशनी में चमकने लगा , उसकी तीखी निप्पल जीजू की तरफ देख रही थी। यह पहली बार था जब जीजू ने उसके पूरे स्तन को  देखे l

जैसे ही जीजू ने अपने होंठ उसके स्तन पर रखे। साली जी का शरीर सिमटने लगा। होठ खुलने लगे l जैसे ही उसने उसके निपल्स को पिया, सालीजी चिल्लाई ,”आह…जीजू….l” उसने कुछ देर तक  चाटा। फिर उसने उसके खुले होंठों को चूमा और कहा। “एलिना अभी भी जाग रही है l”

जीजू को पता था कि सालिजी और चाहती है, लेकिन उसे वापस जाना ही था। एलिना किसी भी समय जाग सकती थी।

जीजू थोड़ा उलझन में थे। अगर सालीजी ने कहा  होता कि उसे पिछली रात का चुंबन पसंद आया, तो इसे जारी रखना आसान था। लेकिन अब उसे फिर से शुरू करना होगा।

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