भाग-28

जीजू गुस्से में,औरत तो औरत है।

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 4 मिनट | शब्द: 577

जीजू काम पर आये, वह बहुत खुश थे और भगवान को धन्यवाद दे रहे थे। साली जी अपनी इच्छा से गुप्त संबंध बनाना चाहती थी।

जीजू सोच रहे थे कि उन्हें वो सब मिल गया जिसकी उन्हें तलाश थी। लेकिन मासूम जीजू भूल गए, इस दुनिया में किसी को भी सब कुछ नहीं मिलता,यह सिर्फ हमारी गलतफहमी है। कभी-कभी हम सोचते हैं कि हमारे पास सब कुछ है, समय हमारे साथ है l

जीजू और सालीजी पहली बार यौन संबंध बनाने के बेहद करीब थे। 

एलिना भी अपने देवर के साथ पहली बार यौन संबंध बनाने के बेहद करीब थी।

जीजू दोपहर के भोजन तक काम में व्यस्त रहे। वे साली जी से गुड मॉर्निंग संदेश के अलावा अधिक बात नहीं कर सके।

एलिना ने पहले ही उसे संदेश भेज दिया था कि वह देर से आएगी, वह अपनी एक पुरानी सहेली से मिलने जा रही थी। एलिना जानती थी कि आज शाम तूफानी होने वाली है। संजू उसके साथ अपनी सारी गर्मी निकलेगा l पिछली बार वह बहुत आक्रामक था। उसने कई बार उसके शरीर को नोचा।

जीजू खुश थे कि एलिना फिर से देर से आ रही थी, वे सलीजी को लेकर बहुत उत्तेजित थे, सलीजी का शरीर और नग्न स्तन उसके दिमाग में घूम रहे थे। 

“सलीजी अब गर्म है ,कुछ जल्दी करना अच्छा होगा। औरतें बहुत तेजी से अपना मन बदल लेती हैं,” जीजू फुसफुसाए l

फिर जीजू ने सालीजी को मैसेज करके उसका मूड जानने का फैसला किया। “हेलो डियर, आप क्या कर रही हैं?”

“जीजू मैं नहा कर आई हूँ और कपड़े ढूँढ रही हूँ l आपने दोपहर का भोजन कर लिया, आपका दिन कैसा रहा?” सालीजी लिखा l

“सुबह बहुत व्यस्त था ,सलीजी लेकिन अब कोई काम नहीं है, मैं थोड़ा थका हुआ महसूस कर रहा हूँ l  रात अच्छी तरह से सो नहीं सका, आपकी रात कैसी रही?”

“मैं तो बहुत अच्छी तरह सोई,” सालिजी ने कहा l 

“सालीजी, जब मैं रात आपके कमरे में आया था  तो आपको कैसा लगा।”

“जीजू, आप मेरे कमरे में आये थे। मुझे याद नहीं , शायद मैं गहरी नींद में थी । तुमने मुझे क्यों नहीं जगाया?”

जीजू यह सुनकर दंग रह गए। सालीजी क्या कह रही थी। वह कैसे भूल सकती थी कि किसी ने उसके स्तन, निप्पल और होठों को चूमा था। 

जीजू को थोड़ा चिढ़ हुई। – ठीक है अगली बार  जोर से काटूंगा, तुम्हें कई दिनों तक याद रहेगा। जीजू  फुसफुसाया l 

“हाँ साली जी, मैंने देखा कि आप गहरी नींद में थीं। मैं बस आपके कमरे का दरवाज़ा बंद करने आया था।” जीजू ने भी वैसा ही उत्तर लिख दिया l

“जीजू अगर आप थके हुए महसूस करते हैं, तो जल्दी आ जाइये, मैं आपकी मालिश कर दूंगी, आप बहुत काम करते हैं।”

“सालीजी, मुझे यकीन नहीं है कि मैं जल्दी आ पाऊंगा, लेकिन मुझे आपकी मालिश चाहिए। इससे मेरी थकान दूर हो जाती है।”

जीजू अपने कार्यालय में चिढ़कर बैठे थे, वे सोच रहे थे कि लेखक ने उस पुस्तक में ठीक  कहा था, “महिलाएं तो  महिलाएं हैं, वे एक सेकंड में अपना मन बदल सकती हैं। वे एक सेकंड में अपनी भावनाएँ छिपा सकती हैं। वे एक सेकंड में पुरुषों को भ्रमित कर सकती हैं।”

जीजू थोड़ा उलझन में थे। अगर सालीजी ने कहा  होता कि उसे पिछली रात का चुंबन पसंद आया, तो इसे जारी रखना आसान था। लेकिन अब उसे फिर से शुरू करना होगा। शायद सालीजी चाहती थीं कि जब भी मैं उन्हें छूऊं तो मैं उन्हें एक नई प्रेमिका की तरह समझूं।

हमारी पिछली मुलाकातों के बाद शायद उसे लगने लगा  मुझे उसके स्तन देखना पसंद है।

guest
0 Comments