भाग-2

चंचल साली जी जीजू के घर पर

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 652 

हम पिछले दो महीनों से बहुत व्यस्त थे l बीबी स्कूल में काम करने लगी थी,मुझे भी ओफीस में बहुत काम था l
बीबी ने बताया कि उसकी बहन अगले सप्ताह आना चाहती थी l ये सुनने के बाद मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा l उसका आकर्षक बदन मेरी आँखों के सामने घूमने लगा l 

दिन तेजी से बीत गए l आज सुबह ही सालीजी ने मैसेज भेज दिया था बह दोपहर के बाद आ रही थी l बीबी स्कूल से जल्दी आ जाती थी l मैं तो शाम को उससे मिलने का इंतज़ार कर रहा था l

फिर बीबी ने मुझे मैसेज भेजा,बह देर से आ रही थी और मुझे घर थोड़ा पहले चले जाने को कहाँ l उसने कहा कि वह पहली बार हमारे घर आ रही है और उसे कुछ भी नहीं पता। लंच के बाद में घर की और चल पड़ा l

लगभग तीन बजे साली जी दरवाजे पर आ पहुंची l मैंने दरवाज़ा खोला, मेरा दिल तेज़ी से धड़क रहा था l पिंक पंजाबी सूट में वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं उसके लंबे बाल उसे ओर आकर्षक बनाते थे l लेकिन जैसे ही मैंने उसे देखा, उसके अंतर्वस्त्रों में उसकी छवि मेरे दिमाग में घूमने लगी।

“जीजा जी कहाँ खो गए?” साली जी ने मुस्कुराते हुए पूछा l

“आप अंदर आइए, हम आपका ही इंतजार कर रहे थे l” मैने उसका बैग उठाया और हम अंदर आने लगें l

वह बैठी और मैने उसे पानी दिया l वह बहुत खुश दिख रही थी।

“जीजू आपका कमरा तो बहुत सुन्दर है” उसने चारों ओर देखकर बोला l

“सालीजी,अब यह आपका ही कमरा है तुम थक गई होंगी,थोड़ा विश्राम कर लो,एलिना अभी भी काम कर रही है l ” मैंने कहा और मैं बाहर जाने लगा।

“यह क्या जीजू, मेरे पास बैठो कुछ बात करो, आई मिस यू ,” उसने मुस्कुराते हुए कहा l

में चुपचाप उसके पास कुर्सी पर बैठ गया l में इतना निःशब्द था मानो जीवन में पहली बार किसी लड़की से मिल रहा था,शायद में उसके बारे मैं बहुत ज्यादा सोचने लगा था l

“पिछले दो महीने कैसे बिताए आपने?, जॉब कैसे चल रहा है? अब तो दीदी भी जॉब करने लगी है l”

मैंने सिर हिलाते हुए कहा हां “सब कुछ अच्छा है,आप बताएं, सासु जी कैसी है?”

“वह अच्छी है , वह भी तुम्हें बहुत याद करती है l”

“जीजू में पंजाबी सूट में कैसी लग रही हूँ?” बह अपनी बॉडी को हिलाते बोली l

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “वाओ! तुम टॉप और जींस से सूट मे ज्यादा खूबसूरत लगती हो।”

“क्या दीदी भी कभी सूट पहनती है?” बो थोड़ा शरमाते हुए बोली l

मैंने जल्दी से बोला,”बह बिना सूट के भी बहुत खूबसूरत दिखती हैं l”

बह अपना चेहरा हाथों मे छिपाकर जोर से हंसी,उसने जानबूझकर अर्थ बदला l मुझे ऐसा महसूस हुआ l

“मैं तुम्हारे लिए चाय बनाता हूँ,” मैं रसोई में जाने लगा l

“नहीं जीजू!,मैं बनाऊंगी” बह भी मेरे साथ चल पड़ी l हम रसोई की तरफ जाने लगे l  मेरा हाथ एक फूलदान से टकराया, वह नीचे गिर गया और उसके फूल बिखर गए l

“ओह!” मैंने फूल इकट्ठा करने लगा l वह भी फूल उठाने के लिए झुकी lअचानक मेरी नज़र उसकी गर्दन पर पड़ी। मैंने उसके सूट से दिख रहे उसके नग्न शरीर को नज़र अंदाज़ करने की कोशिश की।

उसने मेरी ओर देखा, फिर अपने सूट की और देखा l वह मुस्कुराई l उसने कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की। मुझे लगा कि वह अब फूल और धीरे-धीरे इकट्ठा करने लगी है। मैं थोड़ा असमंजस में था, मैं सोच रहा था कि मैं उसे चाहता हूँ लेकिन वह भी हदें पार कर रही थी।

“जीजू, आप कहां खो गए?”, उसने टेबल पर फूलदान रखते हुए पूछा l

“तुम बहुत सुन्दर हो” मैंने भी बोल दिया l वह बस मुस्कुरा दी l  

फिर मेरी बीबी घर आ पहुँची l हम रसोई कि तरफ जाने लगे l

हमारी पिछली मुलाकातों के बाद शायद उसे लगने लगा  मुझे उसके स्तन देखना पसंद है।

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