समीर ने लिली के बारे में उसे कुछ नहीं बताया।
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
समीर ने एक झूठी कहानी गढ़ी
समीर ने थोड़ी देर सोचा। उसने बाबा को पहले कभी नहीं देखा था। उसने तय किया कि वह अपने सपने के बारे में किसी को नहीं बताएगा। उसने एक झूठ बोला।
“बाबा, मेरा भाई और भाभी हमेशा लड़ते रहते हैं। इसलिए मैं यहाँ आकर बैठ गया। मुझे लड़ाई-झगड़ा पसंद नहीं है।”
“तुम्हारा भाई कितने साल का है?” बाबा ने पूछा।
“वह पच्चीस साल का है। मुझसे पाँच साल बड़ा है।”समीर ने कहाँ l
“क्या तुमने कभी सोचा है कि वे क्यों लड़ते हैं?”
“मुझे लगता है कि मेरी भाभी बहुत गुस्सैल है, वह छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती है,” समीर ने कहा।
“मुझे विस्तार से बताओ। क्या तुम्हारा भाई काम करता है? क्या वह भाभी को उनके माता-पिता से मिलने देता है? क्या वह देर से घर आता है या शराब पीता है?”
समीर कुछ देर सोचता रहा कि बाबा को उसके पारिवारिक मामलों में इतनी दिलचस्पी क्यों है। क्या बाबा उसके लिए किसी तरह का जाल बिछा रहे हैं?
“बेटे, तुम क्या सोच रहे हो? मैं तो बस तुम्हारी मदद करना चाहता हूँ। अगर तुम नहीं चाहते तो कुछ मत बताओ।”
“मैं समझ गया बाबा, मेरा भाई नौकरी करता है, शराब नहीं पीता और भाभी को उनके माता-पिता से मिलने भी देता है। ऐसी कोई समस्या नहीं है।” समीर ने उसके सवालों का जवाब दिया।
बाबा थोड़ी देर चुप रहे, फिर बोले, “बेटा,फिर इसका केवल एक ही कारण हो सकता है। तुम्हारा भाई तुम्हारी भाभी को शारीरिक रूप से संतुष्ट करने में असमर्थ है।”
समीर हँसते हुए बोला, “हो सकता है, कभी-कभी वे बेडरूम में भी लड़ते हों। लेकिन मैं इसके लिए क्या कर सकता हूँ, बाबा? उन्हें इसे खुद ही सुलझाना होगा।”
बाबा मुस्कुराए और बोले, “तुम बहुत कुछ कर सकते हो।”
समीर चुप हो गया। उसे बाबा की बात समझ नहीं आई।
“बाबा, आपका क्या मतलब है? मैं उनकी मदद कैसे कर सकता हूँ?”
“कभी अपनी भाभी की आँखों में देखो, तुम्हें समझ आ जाएगा।“ बाबा मुस्कुराए।
समर हंसते हुए बोला, “बाबा, मैं ऐसा नहीं कर सकता। मुझे डर लगता है। अगर वो मुझसे लड़ने लगी तो क्या होगा?”
“तुम उसके पति नहीं हो बेटा l”
समीर उन्हें हैरानी से देखता रहा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या कहे। बाबा मुस्कुराए और चलने लगे।