मीनु और अंजू चाची की कामुक रात -मीनु और चाची – भाग 4

भाग-4

मीनु और अंजू चाची की कामुक रात

श्रेणी : मीनु और चाची

पढ़ने का समय: 6  मिनट | शब्द: 748

रात के लगभग दस बज रहे थे, मीनू बिस्तर पर लेटी हुई थी, उसे नींद नहीं आ रही थी क्योंकि वह सोच रही थी कि चाची ने शाम को क्या किया l उसने अपना हाथ अपनी योनि पर घुमाया,यह बहुत मुलायम थी , कोई बाल नहीं था, फिर उसने उसके होठों को छुआ। वे एक-दूसरे से चिपके हुए थे l 

उसे याद था  उसकी माँ ने क्या कहा था, कि अंदर उंगली मत डालना , तुम वर्जिनिटी खो दोगे l लेकिन ज़ब चाची ने उसका हस्तमैथुन किया तो उसने  बहुत जोर से चाटा,तब वह चाहती थी अंदर कुछ डाला जाए l फिर उसने अपनी उंगली अपनी भगनासा पर घुमाई, उसे कुछ करंट महसूस हुआ, उसने अपनी उंगली हटा ली।

“चाची  एक्सपर्ट हैं, वो बेहतर कर सकती हैं,” उसने फुसफुसाते हुए कहा।

अगर कोई खुद की योनि को छूने के बजाय किसी और को योनि को छूने दे तो यह कहीं बेहतर एहसास होता है।। शायद इसीलिए चाची चाहती थीं कि मैं उसकी चाटूँ। 

“मैं भी कितनी  बेवकूफ हूं, मैंने उसकी मदद नहीं की, वह भी अच्छे अहसास या ऑर्गेज्म की हकदार थी। मुझे चाची से जाकर बात करनी चाहिए, शायद उसे भी नींद नहीं आई होगी।”

वह  चाची के कमरे में जाने लगी । दरवाज़ा बंद नहीं था, वह बिस्तर पर थी, उसकी आँखें बंद थीं, वह पूरी तरह से नग्न थी, जांघों के पास अपना हाथ घुमा रही थी। मीनू समझ गई कि उसे नींद नहीं आ रही है l उसने दरवाज़ा खटखटाया, चाची ने आँखें खोलीं और देखा कि मीनू वहाँ खड़ी थी।

“क्या हुआ प्रिये?, नींद नहीं आई!”

“चाची मैं कुछ बात करना चाहती थी अगर आप सो नहीं रही हो तो l “

“आओ प्रिये, मेरे साथ सोओ, हम बात कर सकते हैं l ” मीनू उसके बिस्तर लेट गयी।

“चाची आप हमेशा नंगी ही सोती हो l “

“हाँ,क्योंकि तुम्हारे चाचा चाहते थे, अब मुझे आदत हो गई है l “

“वाह चाची!, फिर तो चाचा जब चाहें तब तुम्हारी  चाट सकते  या जब आप चाहें l “

“नहीं पागली , वह केवल तभी चाटता था जब उसका अपना सख्त नहीं हो पाता था।”

बात करते-करते मीनू अपना हाथ धीरे-धीरे चाची की योनि पर ले गई और रगड़ने लगी।

“आप रोज शेव करते हैं, बहुत मुलायम है l ” फिर उसका हाथ उसकी भगनासा को छू गया l 

“आ, आ बेबी!“ मीनू उसके भगनासा स्थान को समझ गई और अपनी उंगली  भगनासा पर फिराने  लगी।

“आ..आ.. प्रिय, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, रुकना मत l “

मीनू ने अपनी उंगली को  फिराना जारी रखा l उसने देखा कि चाची के स्तन  बड़े और सख्त होते जा रहे थे, निपल्स उभर रहे थे l योनि और गीली होती जा रही थी l  फिर वह सोचने लगी कि उसकी योनि  का स्वाद कैसा होगा। कुछ भी हो, मैं आज चाटूंगी l चाची पूरा मजा ले रही थी, उस की आँखें बंद थीं l

मीनू अपना मुँह उसकी योनि  के पास ले गई, वह पूरी तरह से गीली थी, उसने टाँगें और  खोल दीं l चाची समझ गई कि उसने उसकी चाटने का फैसला कर लिए है, लेकिन वह छोटी थी और उसे कोई अनुभव  भी नहीं था, इसलिए चाची ने अपनी दोनों टाँगें ऊपर उठा लीं और योनि  को अपने हाथों से खोल दिया l

अब मीनू को उसकी भगनासा के बारे में निश्चिंतता हो गई थी। उसने अपनी जीभ बाहर निकाली और उसके भागनासा को छुआ l चाची चिल्लाई, “आ .. हाँ, प्रिय हाँ,   आ..l  मीनू को स्वाद पता चला , यह थोड़ा नमकीन और तैलीय था, उसे पसंद नहीं आया लेकिन उसने चाटना जारी रखा l

कुछ मिनटों के बाद उस का मुँह एक तरल से भर गया, उसने चाटना जारी रखा l चाची का शरीर कांपने लगा, वह चिलाने लगीं, ” प्रिय, मैं जल्दी आ रही हूँ, जोर से चाटो, और जोर से l “

“आ… आ… डिअर… थैंक्स… आई लव यू l “

चाची की टांगे बिस्तर पर गिर गईं, मीनू जानती थी कि चाची को वह मिल गया जो वह चाहती थी। वह भी लेट गई l
चाची की चाटते समय,वह भी उत्तेजित हो गई। चाची यह जानती थी। उसने उसकी  अंडरवियर खींची और  योनि को चाटना शुरू कर दिया। मीनु को सब कुछ बहुत जल्दी मिल गया। 

“चाची आपके पास बहुत अनुभव है, मुझे बहुत जल्दी चरमसुख प्राप्त हो जाता है l ” वे दोनों हँसी ।

“मीनू अगर तुम चाहो तो यहाँ सो सकती हो, मेरे साथ l “

“हाँ,अगर तुम वादा करो कि तुम रात को दोबारा मेरी  नहीं चाटोगी l ” वह हंसी, उसने अपनी चाची को गले लगाया और वे दोनों बहुत जल्दी सो गईं।

जब कोई योनि  को छूता  है तो उसके अंदर कुछ संवेदनशील हिस्से बहुत सक्रिय हो जाते हैं, हमारा शरीर प्रतिक्रिया करने लगता है और उम्मीद करता है कि कोई चीज़ उन्हें छू जाए

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