भाग-20

साली जीजू के साथ नशे में

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 8  मिनट | शब्द: 1012 

वह शुक्रवार का दिन था l दोपहर के बाद हम रिसॉर्ट में पहुँचे। जगह बहुत अच्छी थी,पहाड़ और हरा-भरा जंगल, बड़ा रेस्टोरेंट, आकर्षक पूल था l हमें घर जैसा बड़ा कमरा मिला, दो बेडरूम। छोटा बैठक कक्ष और रसोईघर। लेकिन कोई भी खाना बनाने वाला नहीं था क्योंकि हम केवल दो रात रुकने वाले थे।

कई साल पहले मैं अपने भाई के साथ यहां आया था। लेकिन इस बार ये और भी खूबसूरत और खास लग रहा था l सालीजी हमारे साथ थीं l वह पीले पंजाबी सूट में बहुत सुंदर लग रही थी, लेकिन अब मुझे उसे नंगी देखने में ज्यादा दिलचस्पी थी।

हम कुछ समय पहाड़ों में चले। गर्म दिन था,शाम होने वाली थी फिर हमने पूल के पास रेस्टोरेंट में बैठने का फैसला किया। 

“क्या तुम पानी में जाना चाहती हो” मैंने अपनी पत्नी से पूछा। 

“ज़रूर, हम जल्द ही चलेंगे l”

मैंने सलीजी की ओर देखा।  “सलीजी तो पानी से डरती है, मुझे पता है..l “

“नहीं, नहीं, मैं बहन के साथ जा सकती हूं l” सालीजी ने कहा, शायद उन्हें याद आ गया कि उन्होंने बिकिनी पहनने का वादा किया था।

पूल में कुछ लोग थे।  कुछ लड़कियों  बिकनी में भी थी । मैं यह देखने का इंतज़ार कर रहा था कि सालीजी क्या पहनती हैं। मेरी पत्नी कभी भी सार्वजनिक पूल में छोटी पोशाक नहीं पहनेती थी।

“जीजू को तैरना आता है हमें भी तैरना सीखना चाहिए, ” सलीजी ने पूल देखते हुए कहा।

“यह मुश्किल नहीं है, कुछ तकनीक और आत्मविश्वास की जरूरत होती  है l ” मैंने सालीजी को देखते हुए कहा l तब मेरी पत्नी ने कहा कि वह मुझसे कुछ सीख चुकी है।

फिर मेरी पत्नी खड़ी हो गई और बोली, “चलो कपड़े बदलने चलते हैं। मैं और इंतज़ार नहीं कर सकती , मुझे बहुत गर्मी लग रही है। मैं पानी में कूदना चाहती हूं।” हम कपड़े बदलने जाने लगे।

सालीजी बहुत धीरे-धीरे चल रही थी l मैं सोच रहा था  सालीजी क्या पहनेंगी, गीले कपड़ों में वह कैसी दिखेगी l 

मैं और मेरी पत्नी कपड़े बदल रहे थे। उसने बिकिनी नहीं पहनी थी। उसने घुटनों तक लंबी कमीज पहनी थी। फिर उसने अंडरवियर पहना। मैं हँस पड़ा और बोला, “अंडरवियर क्यों पहन रही हो? किसी को पता ही  नहीं चलेगा कि तुमने कुछ पहना है या नहीं। तुम्हारी कमीज कितनी लंबी है?”

वह हंसते हुए बोली, “मैंने ये तुम्हारी वजह से पहनी हैं। तुम बहुत जल्दी उत्तेजित हो जाते हो।”

हम बाहर आए। सालीजी हमारा इंतजार कर रही थीं। उस ने भी मेरी पत्नी की तरह लंबी कमीज पहनी हुई थी।

“वाह! पानी इतना ठंडा नहीं है” सलीजी ने पूल में आते हुए कहा।

लड़कियाँ को  तैरना नहीं आता था, हम एक कोने में जाकर खड़े हो गये। सालीजी गीली टी शर्ट ब्रा से चिपकी हुई  थी। उसने काली ब्रा और अंडरवियर पहना हुआ था l 

 हम सब बातें कर रहे थे और रेड वाइन पी रहे थे। पानी गहरा नहीं था। पत्नी पास थी इसलिए मैं सालीजी को खुलकर नहीं देख सकता था । 

मैंने तैरने लगा l 

शाम ऐसे ही बीती,अब अंधेरा हो चुका था।  हम रात के खाने के लिए रेस्टोरेंट की ओर जाने लगे । मैं लड़कियों के पीछे चल रहा था आज फिर सलीजी नशे में थी। कभी-कभी वह मेरी तरफ देखकर मुस्कुराती थी। मुझे पता था कि वह कुछ करना चाहती है, लेकिन उसकी बहन वहाँ मौजूद थी।

मेरी पत्नी रिफ्रेश रूम में चली गयी,मैं भी दूसरे में चला गया l सालीजी बाहर खड़ी थीं। शायद वह अपनी बहन का इंतजार करना चाहती थीं। मैं जल्दी काम खत्म करना चाहता हूँ ताकि सालीजी के साथ कुछ बात कर सकूँ।

अचानक साली जी मेरे रिफ्रेश रूम में आ गईं, मैंने चिल्ला कर कहा। “साली जी अगले दरवाजे पर जाओ! यह सिर्फ पुरुषों के लिए है।” उस समय मैं कमरे में अकेला था।

वह हँसी, “जीजू…. मुझे पता है.. मैं तुमसे मिलने आई हूँ… जीजू…! ” वह नशे में थी। उसे इस बात की परवाह नहीं थी कि मेरी शॉर्ट्स लगभग खुली हुई थी।

“क्या साली जी”।  मैं बहुत डरा हुआ था।

“जीजू…. तुम .. तुम .. भूल गए … तुम मेरे नितंब देखना चाहते थे .. आओ….देखो… आओ… l”

मैं कांप रहा था, अगर मेरी पत्नी आ गई तो क्या होगा l 

फिर साली जी ने अपनी टी शर्ट उठाई, अपने नितंब  मेरी तरफ कर दिए। उसकी काली अंडरवियर पूरी तरह से गीली थी और उसकी त्वचा से चिपकी हुई थी। उसके नितंब मेरे सामने थे।

“देखो……देखो, ये बड़े हैं या छोटे…l”  मैं तो मूर्ति की तरह था l

बह चीलाई “जीजू…बताओ…क्या तुम चाहते हैं कि मैं अपना अंडरवियर भी उतार दूं…ठीक है.. l”

“नहीं, नहीं सालीजी.. मैं देख सकता हूँ…यह सुंदर है, इतना बड़ा नहीं है.. बहुत अच्छा है l”

“अपना हाथ मेरे नितंबों पर घुमाओ जीजू… देखो यह मुलायम और गोल है..l”

मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी नितंबों पर रख दिया।

जैसे ही मेरे हाथ ने उसकी नग्न त्वचा को छुआ मुझे ज़ोर का करंट लगा।  मैंने अपना कांपता हुआ हाथ कुछ देर तक  फिराया। मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था l

“रुक  जीजू… मुझे गुदगुदी  हो रही है….. हाँ…. बह हंसी l”

फिर मैंने अपना हाथ पीछे खींच लिया।

“जीजू, क्या आप मेरे अंडरवियर में हाथ डालना चाहते हैं? कोई बात नहीं। मेरी त्वचा को छुओ।”

मैं कांप रहा था। “नहीं सालिजी। अगली बार मैं आपके अंगों को छूऊंगा।”

“जीजू मैं बाहर जा रही हूँ.. तुम .. तुम .. अब अपना बाहर निकाल लो.. हा.. हा.. l” उसने दरवाज़ा बंद कर दिया।

मैंने एक लंबी सांस ली,साली जी सच में नशे में थी,मैं बाहर आया, साली जी अभी भी बाहर खड़ी थी l

“हो गया जीजू…. आपकी पत्नी अभी भी अंदर है… चलो मेरे बेडरूम में चलते हैं ..l”

“बेडरूम…क्यों? सालिजी” मैं सुनना चाहता हूँ कि वह क्या सोच रही थी।

“ओह, आज तुम्हारी जेब में कुछ नहीं है। सब कुछ कहाँ छिपा है?” वो हँसी, उसने मेरे अंडरवियर की तरफ देखा। 

सालीजी ने वो किया जिसकी मुझे कभी उम्मीद नहीं थी। वो सब कुछ करने को तैयार थीं। 

फिर मेरी पत्नी वहाँ आई। सालीजी एकदम शांत हो गईं। हम डिनर के लिए जाने लगे l 

हम फिर से पूल में थे और वाइन पी रहे थे। मैंने देखा कि सलीजी पिछले दिन की तुलना में अधिक पी रही थी । मुझे  डर लग रहा था कि कहीं वह ज्यादा नशे में न हो जाए और अपनी बहन के सामने कुछ कह दे।

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