भाभी का देवर साथ यौन खेल

भाभी का देवर साथ यौन खेल

श्रेणी: जबरदस्ती सेक्स

पढ़ने का समय: 13 मिनट | शब्द: 1526

इस वयस्क कहानी में, एक चतुर भाभी अपनी यौन इच्छाओं को पूरा करने के लिए अपने भोले-भाले देवर को बहकाती है।

   मीनू ने दरवाज़ा खटखटाया और अंदर चली गई l यह देव का शयनकक्ष था, वह अभी भी सो रहा था l

 “देव अब उठो, नौ बज चुके हैं l”

देव ने आँखें खोलीं और देखा, मीनू उसके बिस्तर के पास खड़ी थी। उसने कल शाम को उससे कहा था वह किसी से मिलने जा रहा है, वह बिस्तर पर बैठ गया l

“भाभी कृपया यहाँ आये, मेरे बिस्तर पर बैठो, मैं कुछ पूछना चाहता हूँ l”

वह उसके बिस्तर पर उसके पास बैठ गई l वह बहुत गंभीर लग रहा था,उसने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा,

 “तुम मुझसे वादा करो कि तुम गुस्सा नहीं करोगी l”

मीनू को थोड़ा आश्चर्य हुआ l  वह लगभग एक साल पहले देव के भाई साथ शादी के बाद इस घर में आई थी। उसके और देव के बीच बहुत अच्छे संबंध थे l देव उसे कई ऐसी बातें बता देता था जो वह अपने भाई या माता-पिता को नहीं बता सकता था।

देव कॉलेज के प्रथम वर्ष में था l वह अठारह वर्ष का था l मीनू लगभग तीस वर्ष की थी लेकिन वह अभी भी देव को बच्चा ही मानती थी, शायद उसकी बात करने की शैली के कारण।

“देव, तुम क्या बात करना चाहते हो?”

“भाभी, मैं किसी को घर लाना चाहता हूँ l”

 “तुम किसे घर लाना चाहते हैं?, देव l” उसने आश्चर्य से पूछा l

 “मेरी दोस्त नेरू, वह मेरी सहपाठी है l”

 “क्या, कौन नेरू, तुम्हारी गर्लफ्रेंड l”

“नहीं,नहीं भाभी , बस दोस्त , हमारे पास बात करने की जगह नहीं है, इसीलिए l”

“नहीं, नहीं देव, तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो, तुम अभी छोटे हो। तुम्हारा भाई बहुत क्रोधित होगा l”

“कृपया भाई को मत बताना, मान जाओ भाभी जी l “

“उठो और स्नान के लिए जाओ, मैं सोचूंगी l”

वह कमरे से बाहर चली गई l देव खुश नहीं था लेकिन वह कुछ नहीं कर सकता था l उसने फिर से बात करने का फैसला किया l वह नहाने चला गया l

मीनू ने चाय बनाई l देव नहाकर बाहर आया, वे फिर बात करने लगे l

“भाभी प्लीज़, मैं हमेशा वही करूँगा जो तुम चाहोगी l”

“मुझे सच बताओ। क्या तुम सिर्फ बात करना चाहते हो या कुछ और भी ?”

“वह सिर्फ बातें करती है।  किसी और चीज़  पर सहमत नहीं होती।”

मीनु शर्मा गई और मुस्कुराई।” फिर तुम्हें मेरे लिए एक काम करना होगा।”

“मैं तुम्हारी हर बात मानूंगा, वादा करता हूं।” देव ने कहा।

” ठीक हैl” 

देव बहुत खुश था।

****

दोपहर करीब एक बजे देव  नेरू को अपने घर ले आया। मीनू लिविंग रूम में बैठी थी, नेरू ने उस पर ध्यान नहीं दिया l  नेरू एक युवा अच्छी दिखने वाली लड़की थी। उसने स्कर्ट और टी-शर्ट पहनी हुई थी l  उसके लंबे काले बाल थे l वे देव के कमरे में चले गए।

मीनू लिविंग रूम में पढ़ रही थी l  सब कुछ बहुत शांत था l फिर  उसने देव के कमरे से कुछ आवाज़ सुनी। वह उसके कमरे के पास गई। दरवाज़ा बंद था लेकिन लॉक नहीं था l  वह खिड़की के पास गई और चुपचाप अंदर देखने लगी l

देव और नीरू बिस्तर पर बैठे थे। उसके बाल खुले हुए थे l  देव उसकी टी शर्ट के नीचे उसके स्तन  छू रहा था l  उसकी ब्रा उसकी गर्दन के पास ऊपर थी। वह धीरे-धीरे चिल्ला रही थी और बिस्तर पर गिर रही थी।

मीनू यह सब देखकर उत्तेजित होने लगी l  यह किसी कामुक फिल्म की तरह था और वह इसका आनंद ले रही थी l वह वहीं खड़ी रही l

नीरू बिस्तर पर लेट गई l  देव ने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और  वे चूमने लगे l  उसने अपना हाथ उसकी स्कर्ट के नीचे डाला और उसकी योनि  को छूने लगा। वे बहुत उत्तेजित थे l फिर उसने उसकी पैंटी उतार दी। उसकी स्कर्ट को उसकी जाँघेा से उठाया, अब वह उसकी शेव की हुई योनि देख सकता था l

“वाह !!  यह तो बहुत सुंदर लग रहा है। काश मैं इसे ले पाता।”

“नहीं, अभी आपको नहीं मिलेगी ,आप इसे देख या छू सकते हैं जैसा कि आपने वादा किया था।” नेरू ने मुस्कुराते हुए कहा।

मीनू सब देख रही थी l  उसका चेहरा लाल हो रहा , ब्लाउज में स्तन फूल रहे थे और साँसें तेज़ चलने लगी थीं l

देव ने अपनी टी शर्ट और फिर पैंट उतार दी। नीरू ने उसका बॉक्सर नीचे उतार दिया। उसका सख्त मोटा लिंग बाहर आ गया, वो उसे मसलने लगी l

मीनू उसके सख्त मोटे लिंग  को देखकर दंग रह गई l  यह उसकी बांहों जैसा था l  वह तो  हमेशा उसे बच्चा समझती थी और उसने कभी भी उसके  के इतने बड़े लिंग  की उम्मीद नहीं की थी l वह खुद पर नियंत्रण खो रही थी l योनि  उसकी पैंटी को गीला करने लगी थी और  ब्रा बहुत छोटी लगने लगी  थी l  उसने ब्रा उतार दिया, स्तन उसके ब्लाउज को भरने लगे l

फिर नेरु  बैठ गई और उसके लिंग  को अपने हाथों में पकड़ लिया और मालिश करने लगी l  

मीनु इससे ज्यादा नहीं देख सकी। वह अपने शयनकक्ष में आई और  बिस्तर पर लेट गई l वह बहुत उत्तेजित थी l

कुछ देर बाद नेरू अपने घर चली गई, देव धन्यवाद कहने के लिए मीनू के कमरे में आया l

वह मीनू को देखकर दंग रह गया। वह बिस्तर पर लेटी हुई थी l  उसकी आँखें बंद थीं l  ब्लाउज के आधे बटन खुले थे। स्तनों का कुछ  हिस्सा देख रहा  था। बाल बिस्तर पर फैले हुए थे l  पायजामा नीचे गिर रहा था और पैंटी की बेल्ट बाहर थी l वह बहुत सेक्सी लग रही थी l 

देव कुछ नहीं बोला। उसे शर्म आ रही थी। वह बिना दरवाजा खटखटाए उसके कमरे  में घुस आया। देव मुड़ा । तभी मीनु ने उसे पुकारा, “देव रुको, इधर आओ।”

देव वापस आया और बोला, “मुझे माफ करना भाभी। मुझे इस तरह तुम्हारे कमरे में नहीं आना चाहिए था।”

“कोई बात नहीं, मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी। मुझे तुम्हारी मदद चाहिए।” मीनु ने कहा।

“ठीक है भाभी । मुझे क्या करना है?” 

“अपने सारे कपड़े उतार दो। मैं तुम्हें  नग्न देखना चाहती  हूँ।” 

“भाभी, आप क्या कह रही हैं? मैं ऐसा नहीं कर सकता l “

“तुम ने सुबह वादा किया था कि तुम  वही करेंगे  जो मैं कहूँगी।” मीनु ने अपना चेहरा उसकी ओर घुमाते हुए कहा।

देव ने अपने सारे कपड़े उतार दिए, केवल अंडरवियर पहने रखा। उसके लिंग में कोई हलचल नहीं थी । वह असमंजस में दिख रहा था। 

उसने धीरे से पूछा, “भाभी, अब मैं क्या करूँ?”

“बिस्तर पर आओ और मेरी योनि की मालिश करो। मैं तुम्हारे हाथों का स्पर्श चाहती हूँ।”

देव बिस्तर के पास आया। मीनु ने उसकी  अंडरवियर नीचे की और उसका लिंग पकड़ लिया। वह छोटा था और अंडकोष पर गिर  रहा था। देव बहुत शांत था। वह उसके पैरों के पास खड़ा हो गया और उसके अंडरवियर पर हाथ फेरने लगा।

“ऐसा नहीं, देव। मेरे पायजामे और अंडरवियर उतारो। मेरी नंगी योनि की मालिश करो।”

देव ने वही किया जो वह कह रही थी। उसने  योनि बाहर निकाली और उसे सहलाने लगी। जब उसने नग्न योनि देखी तो उसका लिंग  भी प्रतिक्रिया करने लगा।

योनि पहले से ही गीली थी। उसने उसकी भगशेफ को छूना शुरू कर दिया। मीनु धीरे-धीरे चिल्लाने लगी। कुछ मिनटों बाद, देव का लिंग फिर से सख्त और मोटा हो गया। 

मीनु ने देखा और पूछा, “क्या तुम इसे मेरी योनि में डालना चाहते हो?”

“हां, क्या मैं अभी डाल  सकता हूं?” 

“नहीं। पहले आपको मुझे तैयार करना होगा।” 

“मुझे क्या करना होगा ,भाभी?” 

“मेरी योनि को चाटो। अपनी गर्म जीभ मेरी योनि के होंठों के अंदर डालो।”

“भाभी, मुझे योनि चाटना पसंद नहीं है। मैं हाथ से कर सकता  हूँ।” 

“नहीं, मैं जो कहूँ वही करो। फिर मैं तुम्हें अपनी दूँगी।”

देव ने अपनी आँखें बंद कर लीं और चाटना शुरू कर दिया। योनि का रस उसके मुँह में आने लगा। पहले तो उसे वह स्वाद अच्छा नहीं लगा और वह बार-बार मुँह साफ करता रहा। बाद में उसने स्वाद को नज़रअंदाज़ करना शुरू कर दिया और चाटना जारी रखा। उसके मन में यह सवाल उठ रहा था कि योनि से इतना अधिक रस क्यों निकलता है? यह पुरुषों के लिंग की तरह नहीं है। हमारे सारे शुक्राणु तो कुछ ही मिनटों में बाहर निकल जाते हैं।

मीनु की आँखें बंद थीं। वह देव के चाटने का आनंद ले रही थी। देव ने काफी देर तक उसकी योनि को चाटा। फिर मीनु बोली, “इधर आओ, मैं तुम्हारा लिंग देखना चाहती हूँ।” 

देव अपना लिंग उसके चेहरे के पास लाया, उसने उसे अपने मुँह में लिया और तेजी से चाटने लगी। देव बहुत उत्तेजित था, वह अपने वीर्य को रोक नहीं पाया और  मीनु के मुँह में छोड़ने लगा। मीनु को कोई समस्या नहीं थी। वह चाटती और खाती रही। जब लिंग नरम पड़ने लगा, तो उसने पूछा, 

“तुम मेरी योनि में क्या डालना चाहते हो?” 

देव ने कहा, “भाभी, यह कुछ मिनटों में फिर से सख्त हो जाएगा।” 

“ठीक है। तो मेरी योनि को तब तक चाटते रहो जब तक तुम्हारा लिंग फिर से सख्त न हो जाए।” 

देव फिर से चाटने लगा। मीनु ने फिर से अपनी आँखें बंद कर लीं और चाटने का आनंद लेने लगी। उसके चेहरे पर गहरी मुस्कान थी।

संदेश में उसके छोटे भाई की पत्नी की बिना कपड़ों वाली तस्वीर थी।और पूछा रही थी  कि वह अब कैसी दिखती है।

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