सलमा और इमरान की मुलाकात - भाग 37
दोपहर का समय था। इमरान काम से घर जा रहा था। वह सलमा के बारे में सोच रहा था। वह जानता था कि वह घर पर उसका इंतजार कर रही है। उसके छोटे नितंब और भरे हुए स्तन उसकी आँखों में घूम रहे थे। सलमा उससे मिलने के लिए उत्सुक थी। आरज़ू ने इमरान को पहले ही बता दिया था कि सलमा उससे प्यार करने लगी है। उसने सलमा को आरज़ू के साथ सेक्स के बारे में बात करते हुए भी सुना। लेकिन इमरान ने उसकी लेने का विचार छोड़ दिया था । वह अपनी बहन की योनि के साथ आनंद लेना चाहता था। वे लगभग हर दिन यौन संबंध बनाते थे।
उसने दरवाजा खटखटाया। थोड़ी देर बाद सलमा ने दरवाजा खोला। उसने मुस्कुराते हुए उसे अंदर आने को कहा।
“मैं तुम्हारा इंतजार कर रही थी इमरान।”
“मैं भी कई दिनों से तुम्हारे बारे में सोच रहा था। मुझे अच्छा लगा कि हमें अकेले मिलने का मौका मिला। आरज़ू ने भी मुझसे कहा तुम मिलना चाहती हो।” इमरान ने सोफे पर बैठते हुए कहा l
“आरज़ू ने और क्या कहा?” सलमा ने इमरान को पानी देते हुए पूछा।
“उसने कहा… मैं तुम्हें नहीं बताऊँगा । इमरान हँसा। वह जानता था कि वे सेक्स के बारे में बहुत सी बातें करती हैं। सलमा ज़रूर जानना चाहती होगी कि क्या आरज़ू ने उसे सेक्स के बारे में कुछ बताया।
“मुझे बताओ इमरान, मेरा दिल तेज़ी से धड़क रहा है” सलमा ने उत्सुकता से पूछा।
“पहले यहाँ आओ और मेरे साथ बैठो।” सलमा धीरे से उसके पास आकर बैठ गई। इमरान ने उसके कंधे पर हाथ रखा। सलमा शरमा गई। उसका शरीर कांपने लगा। इमरान ने उसकी आँखों में देखा। उसने अपनी आँखें नीचे कर लीं। “क्या हुआ?”इमरान ने मुस्कुराते हुए पूछा।
“ किसी आदमी ने मुझे नहीं छुआ। तुम पहली हो।”
“लेकिन मैंने पहले भी कई बार तुम्हारा हाथ पकड़ा है।”
“ हां, लेकिन आज मुझे कुछ अलग महसूस हो रहा है, पता नहीं क्यों। अब बताओ आरज़ू ने क्या कहाl” सलमा ने फिर पूछा l
“उसने कहा सलमा बहुत शर्मीली लड़की है। वह कुछ नहीं करेगी, आपको शुरुआत करनी होगी। वह गुस्सा नहीं करेगी।” इमरान ने उसके कंधे को और कसकर पकड़ते हुए कहा l
“हां, वह सही है, आप मुझसे कुछ भी पूछ सकते हैं जो आप पूछना चाहते हैं।”
“पिछली बार जब हम बारिश में चले थे, तो मैंने तुम्हारा शरीर गीले कपड़ों में देखा था। वह अभी भी मेरी आँखों में घूम रहा है। तुम बहुत सुंदर लग रही थीं। काश हम फिर से बारिश में चलें।”
“उस दिन तुमने बहुत कुछ देखा लिया था।” सलमा ने धीरे से कहा।
“ हाँ, लेकिन अब दिल तुम्हारे शरीर को देखना नहीं, बल्कि छूना चाहता है।”
सलमा हँसी और शर्मा गई। “मैं बस बात करना चाहती हूँ l इमरान । और कुछ नहीं।”
“ओके,सलमा l”