गोरी ने इमरान को घर बुलाया।-39

गोरी ने इमरान को घर बुलाया। - भाग 39

इमरान और गोरी कैफे में बैठे थे। दोपहर के भोजन का समय हो गया था। कुछ दिनों से गोरी काम में बहुत व्यस्त थी। वह इमरान से मिलने नहीं आई थी। वास्तव में इमरान भी सलमा के साथ व्यस्त था, इसलिए उसने गोरी की ज्यादा परवाह नहीं की। उसके दिमाग में आरज़ू ओर सलमा घूम रहीं  थी।

“इमरान, आज शाम को तुम क्या कर रहे हो? अगर तुम फ्री हो तो मेरे घर आओ, हम बातें करेंगे और खाना खाएंगे।” गोरी ने चाय पीते हुए कहा। 

“गोरी, मैं तुम्हारे घर आना चाहता  हूँ। तुम्हारे साथ खाना खाकर मुझे बहुत खुशी होगी। लेकिन मैं आज नहीं आ सकता , मैंने अपनी बहन से कहीं घूमने का वादा किया है।”इमरानने कहा l

 “ठीक है इमरान, तुम्हें पता है कि मैं छुट्टी पर जा रहा हूं, हम फिर से योजना बना सकते हैं l मैं काम पर वापस आऊंगा l” गोरी मुस्कुराई l 

इमरान जानता था कि अगर वह शाम को गोरी के घर गया  तो वे शराब पी सकते हैं। गोरी ने उसे बताया कि कभी-कभी वह नशे में हो जाती है। अगर वह फिर से नशे में हो गई , तो वह सेक्स  के लिए तैयार हो सकती है। वह आसानी से उसकी ले  सकता है।

लेकिन इमरान ने अपनी बहन के बारे में सोच रहा था । आरज़ू ने उससे कहा शायद वह आज तैयार हो जाएगी।वह उसकी योनि को किसी भी चीज़ से ज्यादा प्यार करता था।

गोरी की उसे एक दिन जरूर मिलेगी क्योंकि भूतनी लड़की ने उससे वादा किया था। गोरी भी उसे संकेत दे रही थी कि वह रिश्ते के लिए तैयार है।

काम के बाद फिरोज घर पहुंचा। वह अपने कमरे में बैठा था, आरज़ू चाय लेकर अंदर आई। इमरान ने चाय ली और पूछा। “अब सब ठीक है।”

आरज़ू मुस्कुराई और उसके सामने बिस्तर पर लेट गई। उसने अपने पैर उठाए और नितंबों से सलवार उतार दी। “देखो, यह कैसी  लग रही  है ?”

इमरान ने उसकी योनि  को देखा, दोनों होंठ एक साथ चिपके हुए थे। यह साफ और शेव की  हुई थी। 

“वाह। यह बहुत अच्छी  लग रही  है।” इमरान ने योनि  के होंठों को धीरे से छूते हुए कहा।

“यह तैयार है। अगर तुम चाहो तो अभी ले लो ।” आरज़ू मुस्कुराई।

“ मैं चाहता  हूँ लेकिन माँ कभी भी आ सकती है।” इमरान ने चाय पीते हुए कहा। आरज़ू ने अपनी सलवार ठीक की और बैठ गई।

“अच्छी तरह से मालिश करना । मैं अपनी योनि के अंदर शुक्राणु चाहती हूँ।”

“ हाँ, मैं आज अच्छी तरह से मालिश करूँगा ।” फिर उन्होंने सलाम की आवाज सुनी। इमरान का दिल तेजी से धड़कने लगा। आरज़ू बाहर चली गई, सलमा आरज़ू के कमरे में चली गई।

“आज तुम भी चमक रही हो। सलमा। मुझे लगता है कि तुमने ले लिया।” आरजू मुस्कुराई l

सलमा ने हंसते हुए कहा। “मैं चाहती थी कोई दे दे।”

जब आरज़ू ने सुना तो इमरान ने उसकी  नहीं ली । उसकी योनि  फूल की तरह खिल गई । “इसका मतलब है कि फ़िरोज़ का लिंग शुक्राणुओं से भरा हुआ है। वह उसे पूरी ताकत से लेगा।” 



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