जब समीर के मोटे ने नितंबों को छुआ - भाग 29
रात तेजी से ढल रही थी। नूर ने घड़ी देखी, उसमें साढ़े ग्यारह बज रहे थे। आम तौर पर वे इस समय सो जाते थे। आज उनकी आंखों से नींद गायब थी। समीर अभी भी अपनी उंगली नितंबों के मध्य भाग और गुदा के आसपास घुमा रहा था। नूर उसकी और अपनी योनि की गतिविधियों का आनंद ले रही थी। समीर की उत्तेजना देखकर नूर ने अपने हाथ उसके अंडरवियर में डाला और उसके लिंग को पकड़ लिया। वह अभी तैयार नहीं था, लेकिन हमेशा की तरह छोटा भी नहीं था। उसके नितंबों के स्पर्श से धीरे-धीरे उसकी यौन भावनाएं जागृत होने लगीं थी । नूर को ठीक यही चाहिए था।
“नूर, तुम फिर से मेरे लिंग को निचोड़ना चाहती हो।”
“नहीं, मैं तो बस छूना चाहती थी । मैं देखना चाहती था कि यह मोटा है या पतला।” नूर ने कहा।
“नूर, जब मैं तुम्हें चूम रहा था तो मेरा लिंग मोटा हो रहा था।” समीर हँस पड़ा।
नूर को भी ऐसा ही महसूस हुआ था। कामुक नूर ने अपने होंठ समीर के होंठों पर रख दिए। वे जोश से चूमने लगे। कुछ ही सेकंड में समीर का लिंग लोहे की छड़ जैसा सख्त हो गया।
“देखो नूर, यह अब मोटा और सख्त हो गया है। क्या मैं अपने लिंग से तुम्हारी गुदा को छू सकता हूँ?”
“पहले आपको मुझसे वादा करना होगा कि आप अंदर नहीं डालेंगे, सिर्फ स्पर्श करेंगे।” नूर, समीर से इसी तरह की गतिविधियों की ही उम्मीद कर रही थी। वह खुश थी। उसे उसके लिंग को कठोर बनाने का रहस्य पता चल गया था। चुंबन के दौरान समीर का लिंग तेजी से प्रतिक्रिया करता था।
“ठीक है नूर, मैं वादा करता हूँ। मैं अंदर नहीं डालूंगा।” समीर ने अपनी अंडरवियर नीचे की और अपना लिंग बाहर निकाल लिया।
जैसे ही उसने अपने लिंग को नूर की गुदा से छुआ, नूर चीख पड़ी। “आह…आह…छूते रहो…समीर…आह…l” नूर की योनि चरम सुख से भर गई। लिंग के स्पर्श से नूर अपना सारा नियंत्रण खो बैठी। नूर की चीख सुनकर समीर का लिंग तुरंत पूरा उत्तेजित हो गया। अब वह गुदा में प्रवेश करने के लिए तैयार था। लेकिन समीर को अपना वादा याद था । उसने नूर को पीठ के बल घुमा दिया। उसके होंठ अभी भी खुले हुए थे। वह अभी भी चरम सुख का आनंद ले रही थी। समीर ने फिर अपने होंठ उसके खुले होंठों पर रख दिए। नूर का शरीर तुरंत कांप उठा।
नूर ने उसके लिंग को छुआ। वह पूरी तरह से उत्तेजित था। वह उसे अपनी योनि में डालना चाहती थी, लेकिन आखिरी क्षण में उसने खुद को रोक लिया।