उसने उंगली से गुदा को छुआ - भाग 28
रात हो चुकी थी।नूर बेचैन महसूस कर रही थी। उसे लग रहा था जैसे उसका शरीर किसी दूसरे शरीर को छूना चाहता हो। वह समीर के कमरे में आई। वह अभी भी पढ़ रहा था।
“नूर, मुझे लगा तुम सो गई ।”
“सोने की कोशिश की थी लेकिन सो नहीं पाई।” नूर उसके पास बैठते हुए बोली। “तुम क्या कर रहे हो?”
“मैं कुछ सवाल हल करने की कोशिश कर रहा हूँ। तुम्हें पता है गणित मेरे लिए मुश्किल है।”
“मैं तुम्हारी मदद कर सकती हूँ। बताओ।”
“नहीं नूर। मैं थोड़ा थक गया हूँ, चलो कुछ बात करते हैं।”
“नूर, शाम को मेरा लिंग फिर से सख्त हो गया। जब वह सख्त था, तब मुझे तुम्हारी मालिश की इच्छा हो रही थी।” समीर हँसा।
“ओह। तुम चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिंग की फिर से मालिश करूँ? “
“नहीं, अभी नहीं, लेकिन मैं शाम को ऐसा सोच रहा था।”
“समीर, तुम्हारा लिंग बहुत बड़ा और मोटा है, मुझे ये पसंद है। जब भी तुम चाहो, मैं इसकी मालिश करूँगी। लेकिन किसी को मत बताना कि मैं तुम्हारे लिंग की मालिश करती हूँ।” नूर ने उसे चेतावनी दी l
“नूर, मैं तुम्हारी सहेली के बारे में सोच रहा था, जिसने अपने सौतेले भाई के साथ गुदा मैथुन किया था। अब मुझे समझ आया कि वो क्यों चिल्ला रही थी। तुम्हें याद है, जब तुम मेरे लिंग की मालिश कर रही तो वो कितना मोटा हो गया था । तुम्हारी गुदा भी बहुत छोटी है। अगर मैं अपना लिंग उसमें डालूँ तो तुम भी अपनी सहेली की तरह चिल्लाओगी।” समीर हँस पड़ा।
“हां, मैं चिल्लाऊंगी। मुझे पता है मेरा गुदा छोटा है, तुम्हारा लिंग बहुत मोटा है।” नूर मुस्कुराई।
“नूर, क्या मैं तुम्हारे नितंब और गुदा फिर से देख सकता हूँ?”
नूर पेट के बल बिस्तर पर लेट गई। “ठीक है, देख लो।” समीर ने अपना हाथ उसके अंडरवियर में डाला और नितंबों को सहलाने लगा। फिर उसने अपनी उंगली से गुदा के मुख को छुआ, नूर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसने अपनी उंगली को गुदा के चारों ओर घुमाया और फिर अपनी उंगली का सिरा थोड़ा सा गुदा के अंदर डाल दिया। नूर भी कुछ ऐसा ही चाहती थी। वह चाहती थी कि जब समीर उसके शरीर को छुए तो उसका लिंग प्रतिक्रिया करे।फिर समीर ने नूर का पायजामा थोड़ा नीचे सरका दिया। उसके सामने नूर के नंगे नितंब थे। नूर चुप थी। वह देखना चाहती थी कि समीरकहा तक जाना चाहता है।
समीर ने अपनी उंगली मध्य रेखा पर घुमाना शुरू कर दिया। कभी-कभी वह उंगली को उसके गुदा में धकेल देता था। नूर की योनि फिर से पूरी तरह से उत्तेजित हो गई थी। वह उसके स्पर्श का आनंद ले रही थी। उसने देखा कि समीर भी उसके नितंबों को छूने का आनंद ले रहा था।