भाग-3

चाची ने मीनू के जघन के बाल काटे।

श्रेणी : मीनु और चाची

पढ़ने का समय: 8  मिनट | शब्द: 911

शाम का समय था। मीनु और चाची बैठक में बैठी थीं। अंडरवियर की खरीदारी के बाद, मीनु को सेक्स के बारे में बात करने में थोड़ा और आत्मविश्वास महसूस हो रहा था। वह उन सवालों को पूछना चाहती थी जिनके बारे में उसने कई बार सोचा था।

“चाची, आपने मुझे बताया था कि पोर्न देखने के बाद आपने अपनी योनि को ज़ोर से रगड़ा था। उसके बाद क्या हुआ?”

“यह एक तूफान जैसा था। मैं रगड़ती रही, फिर मेरी उंगली एक खास जगह पर पहुँच गई। यह आग जैसा था। जब मेरी उंगली उस जगह को छूती, तो मेरा शरीर कांपने लगता, मेरी योनि में विशेष पानी भर जाता।”

यह एक अद्भुत एहसास था, लगभग पंद्रह मिनट तक चला, फिर मैं असहाय महसूस करने लगी। मेरी उंगली उसे बहुत तेज़ी से रगड़ रही थी, और अचानक मुझे अपनी योनि के अंदर कुछ गिरने का एहसास हुआ। उसके बाद, मैं बहुत थक गई, और उसे रगड़ने में अब उतना आनंद नहीं आ रहा था।

“मुझे लगता है तुमने हस्तमैथुन किया,” मीनु ने धीरे से कहा।

“शायद, मुझे उस समय पता नहीं था, मुझे नहीं पता मैंने ऐसा क्यों किया, लेकिन यह वाकई अद्भुत था।”

“क्या आपने उसके बाद अपनी वर्जिनिटी खो दी, चाची?”

“नहीं, मैंने उंगली अंदर नहीं डाली, बस बाहर से रगड़ा।”

“मुझे लगता था कि सिर्फ लड़के ही हस्तमैथुन करते हैं, लड़कियां भी कर सकती हैं।”

“हां, लेकिन अब मुझे बहुत कुछ पता है, मैं पहले से भी बेहतर कर सकती हूं।”

“क्या आप अभी भी कर रही हैं, चाची ?”

“मैंने खुद नहीं करती लेकिन कभी-कभी मैं तुम्हारे चाचा को करने के लिए कहती हूं, उन्हें भी करना पसंद है l”

“चाची, चाचा ऐसा कैसे करते हैं?” मीनू ने उत्सुकता से पूछा।

” शादी के बाद तुम्हें सब पता चल जाएगा ,” वह हँसी l

“चाची मुझे बताओ न , मैं जानना चाहती हूँ, कृपया, मुझे बताओ। तुमने  कहा था  मैं अब बड़ी लड़की हूं l”

“क्या तुम सच में चाहती हो, यह एक तूफ़ान की तरह है, मैं तुम्हारे लिए सब कुछ कर सकती हूँ, लेकिन अगर मैंने शुरू किया तो मैं अंत से पहले नहीं रुकगी “वह हंसी।

“मैं तैयार हूं चाची, मुझे क्या करना है कृपया मुझे बताएं l”

“क्या तुमने कभी शराब पी हैं ?”

“हाँ चाची, अपनी माँ के साथ पी थी,फिर मैं आक्रामक हो गाई थी ,” वह हँसी l

“वाह! मुझे आक्रामक पसंद है ,” वह हँसी, फिर बह दूसरे कमरे में गईं और  वाइन की बोतल ले आईं।

“मीनू दो गिलास ले आओ, हम पीएंगे l”

“वाह चाची, आपके पास तो सब कुछ है,” वो गिलास लेकर आईं और वह पीने लगे l

“चाची, चाचा कब घर आयेंगे , काफी देर से मैंने उन्हें नहीं देखा l”

“दो सप्ताह बाद , उन्हें वहां बहुत काम है l”

“मुझे क्या करना है चाची ,” उसने पहले ही अपना गिलास खाली कर दिया था,चाची ने फिर से भर दिया।

“अपने सारे कपड़े उतारो, ब्रा और अंडरवियर पहनो रखो ,” मीनू कपड़े बदलने चली गई, चाची ने भी अपने कपड़े उतार दिए और ब्रा, अंडरवियर पहन लिया, फिर वह  शेव करने के लिए सामान लेकर आई।

“चाची मेरी एक समस्या है,देखो बाल अंडरवियर से बाहर आ रहे हैं ,” फिर उसने शेविंग के लिए चीजें देखीं, 

“चाची तुम मुझे सिखाना चाहती हैं कि शेविंग कैसे की जाती है l”

“हाँ, अपना अंडरवियर उतारो, सोफे पर बैठो, और पैर मेज पर रखो, अपने पैर थोड़े खोलो l”

“चाची प्लीज़,मेरी मत काट देना, ध्यान से l” चाची ने फोम लगाया और शेव करने लगीं, मीनू ध्यान से देख रही थी, कुछ ही मिनटों में चाची ने उसकी  पूरी तरह से शेव कर दी l

“अब स्नान करने जाएं और सारा झाग धो लें। फिर इस लोशन को अपनी योनि के चारों ओर लगाना l”

मीनू नहाने गई,उसने अपनी धोई, बह साफ और चमक रही थी,चाची की योनि की तरह, वह बहुत खुश थी, उसने सुखाकर लोशन लगाया।

“देखो चाची, यह उबले अंडे की तरह चमक रही है, इसे तो पहचानना भी मुश्किल है,क्या यह मेरी ही है, ” वह हँसी l 

चाची ने उसकी योनि पर धीरे से हाथ फेरा,” तुम्हारी तो बहुत छोटी है, मेरी भी पहले ऐसी ही खूबसूरत थी l”
उसने उंगली से उसकी भगशेफ को धीरे से छुआ।

” आ….आ..! चाची, तुम क्या कर रही हो?मुझे बहुत अजीब लग रहा है l”  चाची रुकी नहीं, उसने छूना  जारी रखा, मीनू का शरीर कांपने लगा, उसकी आँखों से पानी आने लगा, वह सोफे पर गिर गई, चाची ने उसके पैर खोल दिए और अपनी जीभ से उसकी चाटने लगी ।

“आ..  आ.., चाची ..आ आ.. , मुझे लगता है कि मेरी योनि  में कुछ आ रहा है,रुकना मत, यह बहुत अच्छा है।..  आ.. आ… आ… ” मीनू को पहली बार चरम आनंद मिला , फिर  उसने चाची का हाथ  एक तरफ धकेल दिया। वह मरी हुई लड़की की तरह सोफे पर लेटी हुई थी, उसकी दिल की धड़कन तेज़ थी, शरीर गीला था। 

चाची फिर से  शराब पीने लगी l कुछ मिनट के बाद मीनू खड़ी हुई और अपनी अपनी अंडरवियर पहनने लगी।

“चाची आपने मेरी हस्तमैथुन किया l “

“हाँ प्रिय, क्या पसंद आया l “

“यह एक तूफान की तरह था, तुमने मेरी चाट ली ,” वह हंसी l “चाची स्वाद कैसा था ?”

“बहुत मीठा , अगर तुम चाहो तो मेरी का स्वाद चख सकती  हो, मैं तैयार हूँ l “


“नहीं नहीं चाची, मुझे आपकी नहीं चाटनी, मुझे अच्छा नहीं लगता l ” वे दोनों हँसे l

“अब आपको पता चल गया कि आपके चाचा कैसे  करते हैं।”

“वाह, चाची!”

चाची को पता था कि वह बहुत छोटी है, धीरे-धीरे  सब सीख जाएगी।

वह बिस्तर पर थी, उसकी आँखें बंद थीं, वह पूरी तरह से नग्न थी, जांघों के पास अपना हाथ घुमा रही थी। मीनू समझ गई कि उसे नींद नहीं आ रही है l

guest
0 Comments