भाग-23
सालीजी की घर वापस जाने की इच्छा
श्रेणी : जीजू और सालीजी
पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 1031
जीजू बैठे-बैठे सोच रहे थे। रिसॉर्ट से लौटने के बाद सब कुछ पहले जैसा हो गया था। उन्हें सालीजी को शराब पिलाने के लिए बाहर ले जाने का कोई कारण नहीं सूझा। फिर उन्होंने मिस एक्स से कुछ और सुझाव मांगे। वह विचारों का भंडार थीं।
मिस एक्स ने उन्हें एक नए विचार के साथ दोबारा ईमेल लिखा।
“प्रिय अगर तुम कुछ दिनों के लिए सलीजी को नजरअंदाज कर दो और उसकी बातों पर ध्यान देना बंद कर दो, केवल ऐसे रहो जैसे कि तुम किसी बात से नाराज हो। हो सकता है कि वह आपके और आपकी इच्छाओं के बारे में अधिक गंभीरता से सोचने लगे और वह इसका कारण ढूंढने की कोशिश करे के आप ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं।”
मिस एक्स का विचार तो बुरा नहीं था, लेकिन क्या मैं यह कर सकता हूं। जब भी साली जी मेरे पास आती थी तो मैं बहुत तेजी से उत्तेजित हो जाता था l
लेकिन उसके विचार में दम था । मैंने मिस एक्स को लिखा, “मुझे आपका बढ़िया विचार पसंद आया, मैं इसे कुछ दिनों तक आज़माऊंगा। देखते हैं क्या होता है।”
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जीजू टीवी के सामने सोफ़े पर बैठे थे और लैपटॉप पर कुछ काम कर रहे थे, तभी सालीजी चाय का कप लेकर आईं और बोलीं, ”जीजू आप बहुत काम करते हैं, पहले चाय पी लीजिए।”
“प्लीज़ टेबल पर रख दीजिए, मैं अभी पी लूंगा।” जीजू ने लैपटॉप पर काम करते हुए कहा।
सालीजी ने जीजू के पास टेबल पर कप रखा और कुर्सी पर बैठ गईं, उस ने देखा कि जीजू पहले की तरह उस की ओर नहीं देख रहे थे। उसकी नजर कंप्यूटर पर थी। उस ने अच्छी फ्रॉक और अंडरवियर पहन रखी थी,खूबसूरत सेक्सी टाँगें जांघों तक नंगी थीं। जीजू को हमेशा उसकी टांगें देखने की बहुत इच्छा रहती थी।
कुछ मिनटों के बाद सालीजी ने फिर कहा, “जीजू कुछ बात करो, तुम हमेशा काम करते हो।”
“मैं आज व्यस्त हूं सालजी,मैं बात नहीं कर सकता।” जीजू ने लैपटॉप पर टाइप करते हुए कहा।
पूरी शाम जीजू ने न तो ज्यादा बात की और न ही सलीजी पर ध्यान दिया। सलीजी पूरी शाम चुपचाप बैठी रहीं l
जीजू ने देखा कि वह उदास थीं। जीजू को उसे परेशान देखना अच्छा नहीं लगता था, लेकिन वह उसे बिस्तर पर लाने के लिए हर संभव कोशिश करना चाहते थे।
तीन शाम ऐसे ही बीत गईं, जब भी सालीजी बात करना चाहती थीं, जीजू कहते थे कि मैं काम में व्यस्त हूं, हम बाद में बात करेंगे l
सालीजी बहुत असमंजस में दिख रही थीं।
जीजू ऑफिस में बैठे थे। उन्हें सालीजी को उदास देखना अच्छा नहीं लग रहा था फिर उसने सलीजी के बारे में कुछ जानने का फैसला किया ,उसने अपना नकली फेसबुक प्रोफाइल खोला।
सलीजी पहले से ही ऑनलाइन थी और रानी (जीजू) के लिए एक संदेश भी था।
सलीजी : हैलो रानी, आप कैसी हैं?
जीजू ने अपनी मनगढ़ंत कहानी जारी रखी।
रानी : हैलो लिली, मैं ठीक हूं, मैं अपनी गर्भवती समस्या के कारण थोड़ी व्यस्त थी, अब सब कुछ ठीक है। कैसी हैं आप?
सलीजी : आह, यह अच्छा है, आपकी समस्या हल हो गई। मैं ठीक हूं। मैं अपने घर वापस जाने के बारे में सोच रही हूं।
जैसे ही जीजू ने सुना सालीजी घर वापस जाने के बारे में सोच रही थी, वह तो कांप उठा । उसे लगा जैसे उसके सारे सपने एक मिनट में बिखर गए। “अगर साली जी घर वापस चली गईं, तो कुछ नहीं मिलेगा।” जीजू फुसफुसाए।
रानी : क्या हुआ लिली, क्या जीजू ने कुछ गलत किया l
सलीजी : नहीं , नहीं उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, लेकिन वह मुझसे पहले की तरह बात नहीं करते।
रानी : तुम ऐसा क्यों सोचती हो? शायद वह काम में व्यस्त होगा।
सलीजी : लेकिन रानी, मुझे लगता है कि वह मुझे नजर अंदाज कर रहा है, मुझे नहीं पता कि मैंने क्या गलत किया।
रानी : लिली मुझे लगता है कि इसके दो कारण हो सकते हैं।
सलीजी : वह क्या है रानी?
रानी : लिली, हो सकता है कि तुमने यात्रा के दौरान कुछ ऐसा किया हो जो उसे पसंद न आया हो। तुम ने कहा था कि तुम नशे में थी।
सलीजी : लेकिन मैंने उससे पूछा था , उसने कहा कि सब कुछ ठीक है l
फिर जीजू ने वही लिखा जो वह चाहते थे।
रानी : फिर लिली, दूसरी संभावना है शायद वह बात करते-करते थक गया है, अब वह और अधिक चाहता है।
सलीजी : और अधिक से तुम्हारा क्या मतलब है। रानी?
रानी : वह तुम्हें छूना चाहता है l
सलीजी : सालीजी हँसीं। तुम तो मज़ाकिया हो रानी। जीजू के पास मेरी बहन है तो , वह जब चाहे उसे छू सकता है, वह मुझे छूने के बारे में कैसे सोच सकता है?
रानी : वह सोच सकता है, वह आदमी है, शायद वह जीवन में कुछ नया चाहता हो।
सलीजी : नहीं, नहीं रानी मुझे ऐसा नहीं लगता, वह मेरी बहन से प्यार करता है l
रानी : आप चाहें तो पूछ सकते हैं, वह क्या चाहता है ?
सलीजी : हाँ, यदि उसने कहा, वह मुझे चाहता है, तो।
रानी : फिर आप हाँ कहें और उसे बिस्तर पर ले जाएँ।
सलीजी : वाउ !! वह निश्चित रूप से मुझे थप्पड़ मारेगा l
सालीजी क्या कह रही थीं? क्या उन्हें डर था कि अगर उन्होंने मुझे छूने की कोशिश की तो मैं गुस्सा हो जाऊंगा? क्या सालिजी ने मुझे शावर में आने के लिए कहकर अप्रत्यक्ष रूप से कुछ कहने की कोशिश की थी? फिर रिसॉर्ट में, क्या वह नशे में नहीं थी? क्या वह बस मुझे यह बताने की कोशिश कर रही थी कि वह उसे चाहती है? मेरे मन में कई सवाल उठने लगे।
मैंने लिखना जारी रखा,
रानी मुझे ऐसा नहीं लगता। थोड़ी हिम्मत दिखाओ और उसे कुछ स्पष्ट संकेत दो। लेकिन नशे की हालत में ऐसा मत करना। इससे सब कुछ बदल जाएगा।
सलीजी : रानी, मुझे नहीं पता कि मैं ऐसा कर पाऊंगी या नहीं, लेकिन मुझे आपका सुझाव पसंद आया।
रानी : ठीक है लिली, अपना ध्यान रखना।
तभी उनका फोन बजा, उनकी पत्नी एलीना फोन कर रही थीं। उन्होंने जीजू से कहा, वह आज देर से आ रही हैं, उनकी कुछ बच्चों के माता-पिता के साथ बैठक है l वह देर से घर आएगी l
सालीजी ने सोचा कि शायद जीजू को पता नहीं कि एलिना घर पर देर से आ रही है, उसने भी जीजू को खुश करने का फैसला किया और उनकी पसंदीदा पोशाक सुंदर पंजाबी गुलाबी सूट, सलवार पहनी।