भाग-13

जीजू का फेक फेसबुक

श्रेणी : जीजू और सालीजी

पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 849

मैं लंच के बाद ऑफिस आया l मुझे कुछ जरूरी काम निपटाने थे। दो घंटे बहुत तेजी से बीत गए, फिर मुझे अपना ईमेल चेक करने का समय मिला। मैं मिस एक्स  के ईमेल के बारे में सोच रहा था l मैंने तय किया आज जो हुआ उसके बारे में मैं उसे नहीं बताऊंगा,शायद वह सोचेगी मैं कुछ नहीं कर सकता l चुप रहना ही बेहतर,सुझाव देना आसान होता है l

मैंने अपना ईमेल बॉक्स चेक किया। उसने लिखा l

“प्रियआप कैसे हैं?, मैं सुबह थोड़ा व्यस्त थी l मैंने कुछ नए अंतर्वस्त्र खरीदे । मुझे पता है हमारी मुलाकात नजदीक आ रही है। मैं नए अंतर्वस्त्र पहनकर आपका स्वागत करना चाहती हूँ।

सुबह तुम साली के साथ थे, क्या हुआ?, तुमने कुछ किया या नहीं? मैंने तुम्हें उसके साथ बगीचे में देखा था, वह सुंदर लग रही थी l”

 ये मिस एक्स गार्डन में भी पहुंच गई l अच्छा हुआ इसने मुझसे बात नहीं की, साली जी क्या सोचती? 

उसने सच कहा था कि वह मेरे परिवार में हस्तक्षेप नहीं करेगी। वह अच्छी थी l फिर मैंने सोचा कि मैं उसे सब कुछ बता दूंगा। 

मैंने उसे लिखा l

“प्रिय मिस एक्स मुझे आज मौका मिला था l वह मेरे साथ शॉवर में गीले तौलिए में लिपटी हुई थी। मैं आसानी से उसका तौलिया खींच सकता था, लेकिन मैं रुक गया। मैंने सोचा कि अगर उसको पसंद नहीं आया , तो शायद वह अपनी बहन या किसी और को कभी ना कहें,लेकिन वह जीवन भर दुखी रहेगी। मैं उसे दुखी नहीं देखना चाहता था l”  

मिस अक्स ने लिखा।

“प्रिय आप बिल्कुल सही कह रहे हैं l  कुछ रिश्ते  बहुत बड़े होते हैं l लेकिन तुम चाहते  हो उसे और अधिक करना होगा। निश्चित रूप से वह भी चाहती होंगी कि तुम कुछ आगे करो l

उसने पहले ही ब्रा और पैंटी उतार दी। उसने तौलिया डाला और तुम्हें पास बुलाया,अब इसने आपको तौलिया हटाने का मौका दिया। तुम क्या चाहते थे,तुम्हारी अंडरवियर भी वही खोलती l
अगर वह आपके सामने तौलिये में नहाए,न ब्रा, न पैंटी,। इसमें कोई शक नहीं, वह  क्या चाहती है l अंततः आपको ही निर्णय लेना होगा। मैं केवल सुझाव दे सकती हूँ l”

नहीं,नहीं मैं ऐसा नहीं करूंगा l पहले मुझे यह जानना होगा कि सलीजी के मन में क्या है l मिस एक्स चाहती थी मैं बस सालीजी को पकड़ लूँ l यह कोई सेब नहीं था जिसे मैंने बस तोड़ा और खा लिया l मुझे सालीजी को छूने से पहले सब कुछ सुनिश्चित करना होगा l मिस एक्स बहुत आक्रामक थी l मुझे वह “जीजू साली रिश्ता” बाली पुस्तक पूर्ण पढ़नी चाहिए l उस पुस्तक में लेखक ने कई अच्छे सुझाव दिये थे l

 मैं पहले ही कुछ पन्ने पढ़ चुका था l मैंने किताब निकाली l

लेखक ने एक जगह लिखा,” तुम कैसे जान सकते हो साली तुम्हारे बारे में क्या सोचती है,” मुझे यही चाहिए था l
मैंने पढ़ना शुरू किया,

“आप उसकी बहन, करीबी दोस्त और उसकी पर्सनल डायरी से जान सकते हैं,अगर वह लिखती हो, लेकिन लड़किया शादी से पहले कभी भी अपने रिलेशन के बारे  डायरी में नहीं लिखती l”

 यह सब मेरे लिए असंभव था l  मैं उस के कोई अच्छे दोस्त को भी नहीं जानता था l आगे कहाँ,

“यदि वह आपके साथ शराब पीती है, तो वह नशे में आपको अपनी कुछ सोच बता सकती है” l मुझे नहीं लगता था कि साली जी ने कभी शराब पी होगी l नहीं हो सकता l 

 “यदि आप उसके ऑनलाइन मित्र बन जाते हैं, तो वह अपने विचार साझा करना शुरू कर सकती है l वह जानती है, ऑनलाइन बात करना सुरक्षित है l उसकी अनलाइन सहेली को यह जानने की ज़रूरत नहीं है कि वह कोन है कहाँ रहती है, उस का नाम, परिवार आदि वह अपनी पहचान भी छिपा सकती है l”

मेरी आंखे चमक उठी l यह तो संभव था l मैं उसका ऑनलाइन दोस्त बन सकता था l अब मुझे उसका फेसबुक ढूंढना था, मुझे यकीन था मैं अपनी पत्नी के फोन से उसे ढूंढ पाऊंगा l

मैंने नकली फेसबुक अकाउंट बनाने का फैसला किया l

मैंने लिखा, रानी, 18 साल, छात्रा, मुझे एक युवा लड़की की तस्वीर इंटरनेट से मिली और मैंने उसे चिपका दिया l अब मेरा फेसबुक अकाउंट तैयार था l मुझे केवल साली जी का फेसबुक ढूंढना था l

फिर मैंने साली जी की फेसबुक प्रोफ़ाइल ढूंढने की कोशिश की,मैं उसकी सारी निजी जानकारी जानता था l
ज्यादा समय नहीं लगा, मुझे साली जी की प्रोफ़ाइल, तस्वीर के साथ मिल गई l

सालीजी का मुस्कुराता हुआ चेहरा बेहद खूबसूरत लग रहा था l मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था l मन में बहुत सारे विचार घूमने लगे l मैं कुछ भी पूछ सकता था,बिना किसी डर या रोकटोक के l मैंने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने का फैसला किया l

 “मैं रानी,18 साल की छात्रा हूँ l  मेरी प्रोफ़ाइल नई है l  मेरा कोई दोस्त नहीं है l  मुझे आशा है कि आप मेरा मित्र अनुरोध स्वीकार करेंगे l”

अब मैं इंतज़ार कर रहा था कि कब वह मेरी रिक्वेस्ट स्वीकार करेगी और बात होंगी l

प्रिय, क्या आप सालीजी को समय देते हैं? कभी-कभी मैं सोचती हूं कि अगर मैं साली जी से दोस्ती कर लूं तो मुझे पता चल जाएगा, वह क्या सोच रही थी l

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