कुंवारी मीना जो कौमार्य खोने से डरती थी-भाग-6

भाग-6

नौकरानी लाली के स्तनों पर लाल धब्बे

श्रेणी : कुंवारी मीना

पढ़ने का समय: 5 मिनट | शब्द: 633

रविवार की सुबह थी। मीना को कॉलेज नहीं जाना था। वह अभी भी बिस्तर पर पेट के बल लेटी हुई थी। पायजामा उसके नितंबों से चिपका हुआ था। दोनों नितंब अच्छी तरह से उभरे हुए थे। कोई भी लिंग पल भर में उत्तेजित हो सकता था। वह पूरी तरह से कामुक थी। उसकी योनि भी पूरी तरह से सक्रिय थी, और वह उसे बिस्तर की ओर धकेल रही थी, आनंद ले रही थी।

तभी उनकी नौकरानी लाली उनके कमरे में आई और बोली, “मैडम चाय।” लाली पच्चीस साल की एक युवती थी। वह शादीशुदा थी और रसोई व घर के अन्य कामों में उनकी मदद करती थी। वह शामू की तरह खेतों में काम नहीं करती थी, लेकिन फसल कटाई के मौसम में मदद जरूर करती थी। मीना के साथ उसकी अच्छी समझ थी। कभी-कभी तो वह उससे अपने निजी मामले भी साझा करती थी। मीना उससे यौन संबंध के बारे में भी पूछती थी, ऐसी बातें जो वह किसी और से पूछने में शर्म महसूस करती थी।

“लाली, कितना समय हो गया है?”

“मैडम , दस बज चुके हैं।” लाली समझ गई कि मीना पूरी तरह से उत्तेजित है।

“मैडम , अब आप बड़ी हो चुकी हैं, मुझे लगता है आपको एक पुरुष की ज़रूरत है।”

“सुबह-सुबह मैं किसी पुरुष का क्या करूँगी? वो मेरे लिए चाय तो नहीं लाएगा, मुझे उसके लिए चाय बनानी पड़ेगी।” मीना पेट के बल लेटी हुई हँसी।

“नहीं मैडम, आप पुरुषों के साथ और  भी बहुत कुछ कर सकती हैं। पुरुष आमतौर पर सुबह  बहुत सक्रिय होते हैं।”

 “हां लाली,  पजामा उतारने को तो मेरा मन भी कर रहा है ।”

लाली जोर से हँसी, वह समझ गई कि मीना सेक्स करने के बारे में बात कर रही थी। 

“अच्छा लाली। क्या तुम सुबह उठते सेक्स  करती हो। मुझे तो सुबह जमकर सेक्स करने की इच्छा थी।”

“कभी-कभी, यह मेरे आदमी पर भी निर्भर करता है।” लाली ने हँसते हुए कहा l

“तुम्हारे स्तन पर क्या हुआ, वह निशान क्या है, लाली?” मीना  चाय लेते हुए चिल्लाई।

लाली ने ध्यान नहीं दिया कि उसके ब्लाउज के ऊपरी बटन खुले थे। इससे उसके स्तनों के बड़े हिस्से दिख रहे थे।

 “कुछ नहीं मीना मैडम, सब ठीक है।” लाली ने ब्लाउज के बटन बंद करते हुए कहा।

“लाली…लाली…l ”मीना ने उसकी आँखों में देखा और कहा,

 ” कोई गंभीर बात नहीं है मैडम, मेरे स्तन बिल्कुल ठीक हैं,”

“लाली…मेरी दोस्त लाली…अपना ब्लाउज खोलो, मैं तुम्हारे पूरे स्तन देखना चाहती  हूँ।” मीना ने फिर कहा l 

लाली के पास कोई विकल्प नहीं था , उसने शरमाते हुए धीरे-धीरे अपने ब्लाउज के बटन खोलने शुरू कर दिए l मीना का दिल तेजी से धड़क रहा था। उसने पहले कभी उसके  पूरे नग्न स्तन नहीं देखे थे। लाली ने अपना ब्लाउज खोला। उसके पूरे नग्न स्तन मीना के सामने थे।

“यह क्या है लाली। तुम्हारे स्तनों पर इतने निशान क्यों हैं।”

“ मैडम, कल रात मेरे पति नशे में थे, उसने मेरे स्तनों को जोर से चूमा और चाटा। । यह कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा, कोई गंभीर बात नहीं है।”

“तुमने उसे नहीं रोका नहीं”

“ मैडम, जब लिंग मेरी योनि में गहराई तक जाता है तो मैं भी स्तनों पर चुटकी लेने का आनंद लेती हूँ l” लाली ने शरमाते हुए कहा l

“लाली, तुम्हारे स्तन बहुत अच्छे और गोल है, निप्पल भी छोटे और तीखे हैं। मुझे उनका आकार पसंद है।” मीना ने मुस्कुराते हुए कहा, लाली ने अपने ब्लाउज के बटन बंद कर लिए।

“मैडम अगर आप अपने स्तनों की मालिश करें तो वे नरम और गोल हो जाएंगे,” लाली ने मुस्कुराते हुए कहा।

“ नहीं नहीं लाली मुझे गोल या नरम नहीं चाहिए, फिर मेरे पति भी हमेशा चुटकी भरेगा , मुझे  बहुत दर्द होगा “

तभी मीना की माँ अंदर आई और बोली, “मीना अब उठो और लाली के साथ खेत में जाओ और कुछ ताजी सब्जियां तोड़ लाओ।”

┃भाग – 7┃

मीना ने शामू के पजामे पर नजर डाली; उसका लिंग शिथिल लग रहा था। लेकिन फिर  सब कुछ बदलने लगा। लाली के ब्लाउज के ऊपर के बटन फिर से खुल गए। शायद बटन ठीक से बंद नहीं थे।

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