अज्ञात लड़की का रहस्य। इमरान हैरान।-42

अज्ञात लड़की का रहस्य। इमरान हैरान। - भाग 42

अज्ञात लड़की का रहस्य

दो बजे इमरान आया और कार में बैठ गया। वह फिर से इस उम्मीद में इंतजार करने लगा कि वह समय पर आएगी। वह उसकी बॉस की पत्नी थी। उसे कुछ भी कहने का अधिकार नहीं था। तभी उसकी कार का दरवाजा खुला, महिला अंदर आई। इमरानने कहा, “नमस्ते मैडम।” जब उनकी नजरें मिलीं तो वह दंग रह गया। यह वही महिला थी जिसे उसने बगीचे में एक आदमी के साथ देखा था।

महिला ने उसकी ओर देखा और पूछा, “आप कौन हैं? आप हमारी कार में क्या कर रहे हैं?” इमरान ने विनम्रता से कहा, उसका पति उसका बॉस है और उसने उसे पिक करने के लिए भेजा था क्योंकि वह महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त था। महिला को थोड़ी शर्म महसूस हुई। वह बैठ गई। वह जानती थी कि इमरान ने उसे दूसरे आदमी के साथ देखा है।

वह कुछ देर चुपचाप बैठी रही। फिर उसने कहा, “आप मेरे पति के साथ कब से काम कर रहे हैं।”

“लगभग एक साल से मैडम, वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं।”

“क्या आप शादीशुदा हैं?”

“मैडम, मेरा नाम इमरान है। मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है। माँ हमेशा कहती हैं, पहले नौकरी ढूंढो, फिर शादी।” इमरान मुस्कुराया l

“वह सही कह रही है, आप बहुत सुन्दर लग रहे हैं। आपकी निश्चित रूप से कई गर्लफ्रेंड होंगी।” 

इमरान हँसा। “नहीं मैडम, मेरी कोई नहीं है।”

“आपकी उम्र में लड़कों को लड़की की जरूरत होती है या लड़कियां भी लड़कों की तलाश में रहती हैं। आपकी गर्लफ्रेंड क्यों नहीं? क्या आप तंदुरुस्त है?” मैडम ने आगे कहा।

इमरान फिर से हँसा। वह जानता था कि मैडम बहुत आगे जा रही हैं। फिर भी उसने सम्मानपूर्वक उत्तर दिया, “मैडम, मैं ठीक हूँ लेकिन शायद मैं किसी लड़की को प्रभावित नहीं कर सकता।” वे बॉस के घर पहुँच गए। मैडम कार से बाहर आईं, “इमरान, अंदर आओ। मैं कुछ बात करना चाहती  हूँ।” इमरान अंदर चला गया, वे लिविंग रूम में बैठ गए। मैडम ने अपनी नौकरानी से कहा कि वह पानी लाए और इमरान के लिए चाय तैयार करे।

बॉस का घर बड़ा और सुंदर था। मैडम दूसरे कमरे में चली गईं। इमरान ने पानी पिया। वह इधर-उधर देख रहा था। वह हैरान था कि मैडम ने कहा कि वह बात करना चाहती थीं, लेकिन वह कहीं चली गईं। वह चुपचाप बैठा रहा। कुछ देर बाद मैडम वापस आईं। उन्होंने ड्रेस बदली हुई थी ।  एक छोटा टॉप और पायजामा पहना हुआ था और  पेट नंगा था। स्तन टॉप में अच्छे से उभर रहे थे। जब वह चलती थीं तो उनका पतला पायजामा  सफेद अंडरवियर को दिखा रहा था। नितंब अच्छे, गोल लग रहे थे।

इमरान को अपने शरीर में अजीब सी गर्मी महसूस हुई लेकिन वह चुपचाप बैठा रहा और सब कुछ अनदेखा करने की कोशिश करता रहा।

“इमरान तुम क्या सोच रहे हो?” मैडम ने उसके पास बैठते हुए पूछा। 

“मैं आपका  घर देख रहा था । यह बहुत सुंदर है।”

“ मैडम के बारे में क्या ख्याल है, अच्छा या बुरा।”

“ मैडम आप भी बॉस की तरह बहुत अच्छी हैं।”

“मुझे भी तुम्हारे जैसे जवान लड़के पसंद हैं। मुझे उनके साथ समय बिताना अच्छा लगता है। मुझे पता था कि तुम यह पहले से ही जानते हो।”

“मैडम,यह आपका निजी मामला है। मुझे कुछ नहीं कहना है। मैं तो एक सामान्य कर्मचारी हूं। मैं वही करूंगा जो आप चाहेंगी।” इमरान ने विनम्रता से कहा l

तभी नौकरानी चाय लेकर आई ।

इमरान थोड़ा घबराया हुआ था। वह नौकरी नहीं खोना चाहता था। वह मैडम की वास्तविकता जानना नहीं चाहता था, लेकिन वह अनजाने में जान गया। मैडम भी थोड़ी घबराई हुई लग रही थी। वह यह भी सुनिश्चित करना चाहती थी कि इमरान किसी को सब कुछ न बताए।

कुछ देर तक दोनों ने चुपचाप चाय पी। फिर मैडम बोलीं, “इमरान, मैं तुमसे कल मिलना चाहती  हूँ।

“ मैडम, मैं काम के बाद आ सकता हूँ। मैं कहाँ आऊँ?” उसने पूछा।

“हम उसी बगीचे में मिलेंगे जहां तुमने मुझे आज देखा था।” मैडम मुस्कुराईं। इमरान के पास कोई विकल्प नहीं था। उसने कहा, “ठीक है मैडम l” 



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