भाभी की वो एक बात। छोटा देवर हैरान।
श्रेणी : इंटरैक्टिव कहानियाँ
छोटे देवर के साथ कुछ पल
बाहर बारिश हो रही थी। अंजिल बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसके दोनों देवर काम पर गए थे, लेकिन छोटा देवर अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। वह अठारह साल का था l अंजिल जानती थी कि उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और न ही उसे लड़कियों के साथ कोई अनुभव था। उसने उसे अपने भाई से बात करते हुए सुना था; वह कह रहा था कि वह भाभी के साथ पहला अनुभव लेना चाहता है और उसे उसके नितंब बहुत पसंद हैं। जब वह टाइट्स पहनती है , तो वह उत्तेजित हो जाता है।
अंजिल ने अपने नितंबों पर हाथ फेरा और मुस्कुराई। फिर उसने दर्पण में अपने नितंबों को देखा। आज उसे वे पहले से कहीं अधिक आकर्षक लग रहे थे। फिर वह बिस्तर पर बैठ गई और अपने देवर अमित को बुलाया।
“भाभी, क्या बात है?” अमित ने पूछा।
“कुछ नहीं। बस बोर हो रही थी। सोचा अगर आप खाली हों, तो कोई खेल खेलते हैं।” अमित ने उसके खुले बालों और ब्लाउज के ऊपरी बटनों को देखा। उसकी नज़रें बटनों के बीच ठहर गईं। अंजिल ने ब्लाउज के नीचे कुछ नहीं पहना था।
“भाभी, आप क्या खेलना चाहती हैं?” अमित ने बिस्तर पर बैठते पूछा।
“कुछ भी, जो आपको पसंद हो…l “
“भाभी, कुछ भी…” अमित मुस्कुराया।
“हां, कुछ भी…” अंजिल ने फिर कहा और मुस्कुराई। अमित कुछ देर चुप रहा।
“तुम्हारे मन में क्या चल रहा है?” अंजिल ने धीमी आवाज़ में कहा l
“भाभी… क्या मैं अपना मनपसंद खेल खेल सकता हूँ?” अमित ने उसकी ओर देखते हुए कहा।
“ठीक है।” अंजिल ने एक कागज़ और कलम ली। “पहले मेरी तस्वीर बनाओ। फिर मैं तुम्हारी तस्वीर बनाऊँगी। मेरी तस्वीर बेझिझक बनाओ, मैं नाराज़ नहीं होऊँगी और न ही किसी को बताऊँगी।”
अमित को लगा कि भाभी के करीब आने का यह अच्छा मौका है। उसने हिम्मत दिखाई और उनकी तस्वीर बनाई। उसने तस्वीर में भाभी को बिस्तर पर छोटी बिकिनी पहने बैठे हुए दिखाया। अंजिल उसकी तस्वीर देखकर मुस्कुराई।
“तुमने मेरी तस्वीर बहुत अच्छी बनाई है, जबकि तुमने मुझे कभी बिकिनी में नहीं देखा,” तस्वीर देखते हुए उसने कहा।
“मैं कभी देखना चाहता हूँ,” अमित मुस्कुराया।
“ठीक है, मैं तुम्हें दिखाऊँगी, लेकिन पहले मुझे तुम्हारी तस्वीर बनानी है।” उसने उसकी तस्वीर बनाना शुरू कर दिया। अमित चुपचाप इंतज़ार करने लगा। थोड़ी देर बाद उसने उसकी तस्वीर दिखाई। तस्वीर में अमित पजामा पहने बिस्तर पर बैठा था। उसका पजामा ऊपर से फूला हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे वह बहुत उत्तेजित हो।
अमित मुस्कुराया और बोला, “भाभी, आपको सब पता है।”
अंजिल बिस्तर पर लेट गई और बोली, “यहाँ आओ और मुझे दिखाओ कि क्या यह सच है।” अमित उसके साथ लेट गया और अपने कपड़े ढीले कर लिए। अंजिल उसकी ओर मुड़ी और उसे अपनी बाहों में कसकर भर लिया। उनके होंठ आपस में छूने लगे।
जैसे-जैसे उनके बीच की दूरी कम हुई, उनके शरीरों की गर्माहट एक-दूसरे में घुलने लगी थी। अमित की उंगलियाँ अंजिल की कमर के घुमावों पर धीरे-धीरे सरकने लगी l
“मैं तुम्हें महसूस करना चाहती हूँ,” अंजलि ने धीरे से कहा। उसने अपना शरीर ढीला छोड़ दिया और बिस्तर पर अपनी बाहें फैला दीं। उसके कपड़े पहले ही अपनी सही जगह से गिर चुके थे। अमित के हाथ शरीर के उन अंगों पर पहले से ही घूम रहे थे जो हमेशा ढके रहते थे।
बिना किसी उलझन के अमित उसके शरीर पर आ गया। अंजिल ने उसे आराम देने के लिए अपने पैर और फैला दिए। उनके बहुत संवेदनशील अंग एक-दूसरे को छूने लगे।
उस भौतिक जुड़ाव ने कमरे के माहौल को और भी अधिक कामुक बना दिया।
अमित की सांसें अब अंजिल को त्वचा पर महसूस हो रही थीं। जैसे ही अमित ने धीरे से प्रवेश किया, अंजिल के गले से एक खुशी भरी चीख निकली और उसने कसकर अमित को पकड़ लिया। अमित के लिए यह अनुभव बिजली के एक झटके जैसा था—एक ऐसा अहसास जिसने उसे पूरी तरह से झकझोर दिया और उसे एक अलग ही दुनिया में पहुँचा दिया।
जब वे चरम सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तो कमरे की खामोशी अब उनकी गहरी सांसों और हल्की सिसकियों से भर रही थी। अमित के लिए यह केवल शारीरिक सुख नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक विस्फोट था। उसने महसूस किया कि कैसे उसका पूरा शरीर तनाव और राहत के बीच झूल रहा था।
उनकी “पहली बार” वाली उलझनें धीरे-धीरे दूर हो रही थीं। एंजिल की कामुक चीखें उसे और ज़्यादा आत्मविश्वास दे रही थीं। इस तरह की कामुक आवाज़ की उसने पहले सिर्फ़ कल्पना ही की थी।
जब अंततः वह चरम बिंदु आया, तो उसे ऐसा लगा जैसे उसके भीतर का सारा बांध टूट गया हो और वह भावनाओं के एक सैलाब में बह गया हो। वह पूरी तरह से निढाल हो गया, लेकिन उसके चेहरे पर एक ऐसी तृप्ति थी जिसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन था।
अंजिल ने उसे अपनी बाहों में कसकर जकड़ रखा था, मानो वह कभी नहीं चाहती हो कि वह उसके शरीर से अलग हो।
जब कमरे में फिर से शांति छा गई और वे एक-दूसरे से अलग हुए, तो अमित ने कहा, “यह बहुत शानदार था, भाभी, आप बहुत हॉट हैं। मैं आज रात आपके साथ सोना चाहता हूँ।” अंजिल मुस्कुराई और बोली, “ठीक है, लेकिन मैं तुम्हें सोने नहीं दूँगी।” दोनों हँस पड़े।