वह आदमी जो हमेशा सेक्स के सपने देखता था-भाग 13

भाग-13

आक्रामक चाची के साथ राहुल का दिन

श्रेणी : यौन सपने

पढ़ने का समय: 4 मिनट | शब्द: 551

गर्म दिन था। राहुल अपने खेतों में जा रहा था। सुबह कुछ नहीं हुआ। साधना  उसके कमरे में नहीं आई। उसके लिंग में अभी भी कुछ सुबह की ऊर्जा थी। उसनेसाधना  से वादा किया था  कि वह बाद में उसके घर आएगा। 

खेत खाली थे। उसके चाचा और साधना  के माता-पिता घर पर नहीं थे। कोई भी वहां काम नहीं कर रहा था। वह पानी के पंप के पास गया। उसने पोदो को पानी देने का फैसला किया। 

सीमेंट की चार दीवारों में गिरता ताजा पानी उसे आकर्षित किया। उसने ताजे पानी में स्नान करने का निर्णय लिया, फिर उसने अपने कपड़े उतार दिए और जलाशय में चला गया।

वह पानी के अंदर बैठ गया,अपनी आँखें बंद कर लीं और गिरते पानी का आनंद लेने लगा। 

वाह, “मैं तो बहुत समय से यही चाहती थी,” तभी एक आवाज ने उसकी शांति भंग कर दी।

उसने एक दम अपनी आँखें खोली। उसकी चाची  वहाँ थी। वह पानी में कूदने के लिए तैयार थी।

“रुको चाची  मुझे कुछ कपड़े पहनने हैं।”

“नहीं – नहीं वहीं रुको। मैं आ रही हूँ। “चाची  ने एक दम अपनी सलवार उतार दी और राहुल पर कूद गई।

“चाची  आप क्या कर रही हैं l ”  

वह बहुत आक्रामक थी। जैसे ही चाची का नंगा शरीर उसके लिंग से छूआ, वह तुरंत उत्तेजित हो गया। चाची जानती थी कि उसे क्या चाहिए। उसने अपनी योनि को लिंग के बिल्कुल ऊपर रखा । उसके एक ज़ोरदार धक्के से लिंग अपनी जगह पर चला गया। फिर उसने अपने नितंबों को तेज़ी से हिलाना शुरू कर दिया। 

उसने अपना गीला टॉप और ब्रा ऊपर उठाया। अपने बड़े स्तन के निप्पल  राहुल के मुंह में डाल दिया।

“पी लो  प्रिय , पी लो इसे… आह… आह..  तुम बहुत अच्छे हो बेबी… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… l “ चाची  अपनी नितंब  बहुत तेजी से हिला रही थी और चिल्ला रही थी। 

अब राहुल भी उसकी चूचियाँ पीने लगा और मज़ा लेने लगा।

कुछ मिनटों के तूफान के बाद चाची  ने उसका लिंग निचोड़ लिया । सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि राहुल को सोचने का एक सेकंड भी नहीं मिला।

“धन्यवाद प्रिय , तुमने मेरा दिन बना दिया।” चाची ने खड़े होते हुए कहा। 

उसने अपना टॉप और ब्रा ठीक की और पानी से बाहर आ गई। फिर उसने सलवार पहन ली। उसकी सलवार के कुछ हिस्से उसके गीले नितंबों से चिपक गए थे। यह बहुत सेक्सी और आकर्षक लगने लगा। राहुल पानी में बैठा सब कुछ देख रहा था।

“चाची की बुरी नहीं थी।” वह फुसफुसाया l

राहुल पानी से बाहर आ गया। वह पूरी तरह से नंगा था। “वाह!!” चाची  ने उसके ढीले लिंग को पकड़ते हुए कहा। 

“चाची  यहाँ नहीं, मैं आपके घर जाऊँगा । अगर आप चाहें तो हम वहाँ करेंगे।”

“ठीक है प्रिय, मैं इंतज़ार करूँगी,” चाची  ने लिंग से अपना हाथ पीछे हटाते हुए कहा। राहुल ने अपने कपड़े वापस पहन लिए। वे बातें करने लगे।

 “चाची ,आप को डर नहीं लगा , हमें कोई देख लेता तो।”

चाची  हँसी और बोली,”जब मैंने तुम्हें पूरी तरह से नंगा देखा तो मैं पागल हो गई l मुझे यकीन था कि तुम मुझे अपना लिंग आसानी से नहीं दोगे। मुझे ऐसा ही कुछ करना होगा l आज मुझे मौका मिला, तो मैंने कर लिया।”

“आप सही कह रही हैं चाची ।” 

बातें करते हुए वे घर की ओर चलने लगे।

┃भाग – 14┃

राहुल ने उसकी  सलवार का नाड़ा खींचा और उसे उतार दिया। उसने फिर से अंडरवियर नहीं पहना था। उसने अपने होंठ उसकी योनि पर रख दिए और उसके भगशेफ को पकड़ लिया।

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