वह आदमी जो हमेशा सेक्स के सपने देखता था-भाग 8

भाग-8

राहुल और उसकी सेक्सी आंटी

श्रेणी : यौन सपने

पढ़ने का समय: 4  मिनट | शब्द: 559 

अगले दिन जब वह अपनी मां से बात कर रहा था, तो उसने उसे अपने चाचा के घर जाने के लिए कहा। राहुल पहले ही खेतों में अपने चाचा से मिल चुका था, लेकिन वह अपनी चाची से नहीं मिला था। दरअसल राहुल को अपनी आंटी कुछ खास पसंद नहीं थी। वह लगभग चालीस साल की सेक्सी महिला थी। 

पिछले साल जब वह उसके घर गया तो वह घर पर अकेली थी। जब राहुल लिविंग रूम में बैठा था तो वह बार-बार उसके सामने झुक रही थी। उसे यकीन था कि चाची अपने सेक्सी स्तनों से उसे उत्तेजित करने की कोशिश कर रही थीं। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह उसके साथ सेक्स क्यों चाहती थी। 

राहुल को उसका चाचा पसंद था। वह उसके लिए कुछ भी बुरा नहीं करना चाहता था। उसने अपनी मां से कहा कि वह उनके घर जाएगा  लेकिन उसे नहीं पता था कि अगर चाची सेक्स के लिए कोशिश करेगी तो वह क्या करेगा।

वह जानता था कि चाचा दोपहर को घर आएंगे। चाची अकेली नहीं होंगी। जब वह उनके घर पहुंचा  तो चाची ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया। चाचा भी उसे अपने घर पर देखकर बहुत खुश हुए।

“राहुल मुझे खेतों मे  जाना है, तुम अपनी आंटी से बात करो। हम बाद में मिलेंगे।” अंकल बाहर चले गए हैं l 

 “राहुल लिविंग रूम में बैठो,मैं तो आपका इंतज़ार कर रही थी , मैं चाय बनाती हूँ।” आंटी ने कहा। 

राहुल बैठ गया और सोचने लगा कि आंटी अब क्या करेंगी। कुछ देर बाद आंटी चाय लेकर वापस आईं, 

“राहुल तुम कब तक रुकोगे।“

“आंटी अगले हफ्ते रविवार को मैं वापस जाऊंगा।” उसने चाय पीते हुए कहा l 

“तुम शादी कभ कर रहे हो, क्या तुम्हें कोई लड़की मिली, राहुल।” 

“नहीं आंटी, अभी  अकेला ही  रहता हूँ।” 

“तुम हर रात अकेले कैसे सोते हो, तुम्हें कभी लड़की की ज़रूरत महसूस नहीं हुई।” आंटी ने अपने स्तनों को हिलाते हुए कहा।

राहुल हंसा और बोला, “हां मुझे कभी-कभी ऐसा लगता है लेकिन मैं क्या कर सकता हूं।”

“तुम बहुत शर्मीले लड़के हो, मेरी तरफ देख कर  बात करो।”आंटी ने झुकते हुए कहा। उसने पहले ही अपने ब्लाउज के ऊपरी बटन खोल रखे  थे। वह चाहती थी वह उसके स्तनों को अधिकतम देख सके। राहुल का अपने आप पर पूरा नियंत्रण था। वह कभी भी आंटी को छूना  नहीं चाहता था, भले ही वह उसके सामने नंगी हो गई हो।

“आंटी अब आप पतली हो गई हैं। क्या आप व्यायाम कर रही हैं?”

“मुझे नहीं लगता, मेरे शरीर में क्या पतलापन आ गया ।”

“मेरा मतलब है कि आप पहले से ज़्यादा सुंदर लग रही हैं।” राहुल हँसा।

“तुम बहुत शर्मीले हो,तुमने अभी मेरा पूरा सुंदर शरीर नहीं देखा कहाँ है ,क्या तुम देखना चाहते हो?”

“मैं जानता हूँ कि तुम सुंदर हो। इसीलिए अंकल तुमसे प्यार करते हैं।”

“ मैं चाहती  हूँ कि तुम भी मुझसे प्यार करो। अपने अंकल की तरह।” आंटी ने राहुल का हाथ उठाया और उसे अपने आधे नग्न स्तनों पर रख दिया। इससे राहुल को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। वह जानता था कि आंटी कुछ भी कर सकती हैं। उसने धीरे से कहा। “आंटी आज नहीं, किसी और दिन।”

“राहुल अभी , केवल एक बार, मुझे तुम्हारा स्पर्श चाहिए।”

“आज नहीं, मैं तुमसे फिर मिलने आऊँगा आंटी l“ राहुल उसके घर से निकलना चाहता था।

“ठीक है मैं उस दिन इंतज़ार करूँगी।” आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा।

┃भाग – 9 ┃

उसने देखा कि साधना दूसरी ओर से आ रही थी। उसका दिल तेज धड़कने लगा। साधना के नितम्बों का आकर्षण उसे बेचैन करने लगा ।

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