अनजानी मुलाकात का असर

अनजानी मुलाकात का असर

श्रेणी: विशेष कहानियाँ

पढ़ने का समय: 2 मिनट | शब्द: 211

कभी-कभी कोई विशेष गतिविधि मन को कैसे प्रभावित करती है।

   सुबह का समय था, और रिमित अपने कार्यालय की ओर तेज़ कदमों से बढ़ रहा था। उसे पता था कि आज उसका बॉस उसके पंद्रह मिनट की देरी पर नाराज़ होगा। दिल में बेचैनी और तनाव के बीच, वह लिफ्ट में दाखिल हुआ। लिफ्ट खाली थी।

उसने गहरी सांस ली और मंजिल का बटन दबाया। जैसे ही लिफ्ट पांचवीं मंजिल पर पहुँची, वह जल्दी से बाहर निकला। उसी समय, एक जवान लड़की  ने लिफ्ट में प्रवेश किया। वह भी जल्दी में लग रही थी l रिमित की नज़र अनजाने में लड़की पर पड़ी और उसका हाथ गलती से उसके स्तनों को छू लिया। तुरंत उसने माफी मांगी और आगे बढ़ने लगा।

लेकिन लड़की ने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरा बदन  बहुत नरम हैं। अगर आप छूना चाहते हैं, तो कृपया धीरे से छूएं।”

उसकी बात सुनकर रिमित ठिठक गया, पलटा और देखा।  लिफ्ट के दरवाज़े बंद हो गए  थे और वह चलने लगी। एक हल्की मुस्कान उसके चेहरे पर आई और उसने फुसफुसाया, “मैंने उसका चेहरा ठीक से क्यों नहीं देखा?”

उस पल का असर पूरे दिन उसके मन में गूंजता रहा, जिसने उसके तनाव को कुछ पल के लिए भुला दिया।

रात को सोने से पहले, एक सवाल उसके मन में बार-बार घूम रहा था। “काश ,मैंने उसका चेहरा देखा होता l”

नीलू ने कई बार संजू के उभरते हुए अंडरवियर को देखा था । कभी-कभी वह स्वाद लेना चाहती थी, लेकिन उसे उससे संभोग करने का कोई कारण नहीं मिल रहा था।

guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments