चतुर बहू

चतुर बहू

श्रेणी: विशेष कहानियाँ

पढ़ने का समय: 3 मिनट | शब्द: 339

चतुर बहू अपनी विशेष इच्छाओं को कैसे पूरा करती है।

   रात का समय था, रेनू बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसका पति कुछ दिनों के लिए बाहर गया हुआ था। एक छोटी  रोमांटिक फिल्म देखने के बाद वह पानी पीने के लिए अपने कमरे से बाहर आई। उसने अपने ससुर के कमरे की और  देखा, वहाँ अभी भी थोड़ी रोशनी थी। वह थोड़ा हैरान हुई। आमतौर पर वह जल्दी सो जाते थे । उसने चुपके से खिड़की से अंदर देखा। उसका ससुर बिस्तर पर नंगा लेटा हुआ था। वह अपने लिंग को हाथ से सहला रहा था। टीवी पर खास फिल्म चल रही थी। रेनू उसके बड़े लिंग से प्रभावित हुई। उसकी योनि ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। उसने पानी पिया और अपने कमरे में वापस आ गई। बड़े लिंग की झलक उसके दिमाग में घूम रही थी।

“मैं उस लिंग को अइसमें  कैसे डाल सकती हूँ।” वह फुसफुसाई। फिर उसे एक अजीब विचार सूझा। उसने अपने ससुर को फोन पर संदेश भेजने का निर्णय लिया। जब उसके ससुर ने वह संदेश पढ़ा, तो वह दंग रह गए। 

वहाँ लिखा था, “प्रिय, मैं आपकी पत्नी बोल रही हूँ। मुझे पता है कि आप मुझे बहुत याद कर रहे हैं। आप जानते हैं कि मैं भी इतनी जल्दी मरना नहीं चाहती थी। लेकिन अब मैं आपकी स्थिति को सहन नहीं कर सकती। मेरी आत्मा आज रात रेनू में प्रवेश कर गई है । मुझे आपका प्यार चाहिए। बिना किसी डर के रेनू के कमरे में जाओ। मैं नंगी हूँ और तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ।” 

कुछ देर तक वह रेनू के बारे में सोचता रहा। उसने कभी उससे संभोग करने के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन उसे यह भी विश्वास था कि संदेश नकली नहीं हो सकता। उसने फिर से पढ़ा। अंत में उसने रेनू के कमरे में जाने का फैसला किया। उसने खिड़की से देखा। रेनू पूरी तरह से नग्न थी। उसकी टांगें खुली थीं। ऐसा लग रहा था कि वह उसी  का इंतजार कर रही थी। वह अंदर गया और उसे चूमा । रेनू  बहुत खुश थी कि उसे वह मिल गया जो वह चाहती थी।

जब उसने पैकेज खोला ,वह देखकर दंग रह गई। वहाँ दो सिलिकॉन योनि  थी। एक भूरी थी और दूसरी गोरी। वह हँसी और पैकेज को फिर से सावधानी से बंद कर दिया।

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