समीर ने दो छेदों के बारे में पूछा। नूर शर्मा गई। - भाग 33
रात ढल रही थी। नूर समीर के कमरे में आई। वह अभी भी पढ़ रहा था। समीर ने नूर पर ध्यान दिए बिना पढ़ना जारी रखा। वह उसके पास बिस्तर पर लेट गई। कुछ मिनटों की चुप्पी के बाद समीर ने पूछा, “नूर, तुम मेरे बिस्तर पर क्या कर रही हो? अपने कमरे में क्यों नहीं सोती?”
“समीर, क्या तुम मुझसे नाराज़ हो?”
“हाँ, तुम्हारी वजह से मेरे दोस्तों ने मेरा मज़ाक उड़ाया। उन्हें लगता है कि मुझे कुछ नहीं पता ।”
“ क्या हुआ? मैं तुम्हें सिखा दूँगी। बताओ तुम्हें कहाँ मदद चाहिए?” नूर ने बैठते हुए कहा।
“तुम मेरी मदद नहीं करना चाहती थी। आज मेरे दोस्त ने यौन संबंधों के बारे में बात की। उन्होंने यह भी कहा कि योनि में दो छेद होते हैं। तुमने मुझे क्यों नहीं बताया? तुम्हारे पास योनि है, मेरे पास नहीं। तुमने मुझे अपनी योनि क्यों नहीं दिखाई?”
नूर हंस पड़ी और शर्मा गई। “तो यह समस्या है। समीर, मैं तुम्हें सही समय पर सभ बताऊंगी। मैं तुम्हें हर दिन नई-नई बातें बता तो रही हूं। हमने तुम्हारा दूध तो देख ही लिया है। आज हम कुछ नया करेंगे। समीर, तुम क्या करना चाहते हो?”
“तुम्हें पता है मैं सेक्स के बारे में जानना चाहता हूँ। मैं तुम्हारे साथ यौन संबंध बनाना चाहता हूँ क्योंकि तुम्हारे पास योनि है और मेरे पास लिंग है। हम कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन तुम मुझे अपनी योनि नहीं दिखाना चाहती थी। हम यौन संबंध कैसे बना सकते हैं?”
नूर मुस्कुराई, वह जानती थी कि समीर को यौन संबंध का मतलब नहीं पता । “समीर, हम एक दिन यौन संबंध जरूर बनाएंगे। लेकिन उससे पहले तुम्हें खुद को तैयार करना होगा। मैं तुम्हारी हर दिन मदद कर रही हूँ। जब तुम सब कुछ समझ जाओगे, तब हम यौन संबंध बनाएंगे, मैं वादा करती हूँ।”
समीर की आंखें चौड़ी हो गईं, उसे याद आया कि फ़िरोज़ ने उससे कहा था कि लड़की यौन संबंध से पहले अपने सभी गुप्त अंगों के बारे में उसे बता देगी। नूर उसे रोज़ बता रही थी। उसने पहले ही अपने नितंब और गुदा दिखा दिए थे, उसने उसे उंगली उसकी गुदा में डालने की अनुमति भी दी थी।
“नूर, मुझे तुम पर भरोसा है। मुझे पता है तुम मेरी मदद कर रहे हो। कभी-कभी मैं बेवजह गुस्सा हो जाता हूँ। मुझे माफ़ कर दो।”
नूर हँसते हुए बोला,” तुम मेरे सबसे अच्छे भाई हो। है ना?”
“नूर, चलो कुछ नया करते हैं। मेरे मन में एक विचार है।”
“ हाँ, बताओ।” नूर ने उत्सुकता से पूछा।