समीर फिर बन गया घोड़ा। - भाग 30
नूर ने उसकी आँखों में देखा। उसकी आँखें वासना से भरी हुई थीं। उसका लिंग पूरी तरह उत्तेजित था। वह एक पूर्ण परिपक्व पुरुष की तरह व्यवहार कर रहा था। उसने नूर के होंठों को धीरे से चूमा। फिर उसने नूर की योनि को छुआ, लेकिन उसके अंडरवियर को नहीं उतारा । नूर चुपचाप उसे देख रही थी। उसने उसके अंडरवियर में ही उसकी योनि की थोड़ी मालिश की।
“नूर, तुम्हारी योनि इतनी गीली क्यों है? क्या मैं देख सकता हूँ?”
“नूर ने खुद को सभालते हुए कहा, “नहीं समीर,आज नहीं। मैं बहुत थकी हुई हूँ। मैं अब सोना चाहती हूँ।”
समीर हँसते हुए बोला, “देखो नूर, मेरा लिंग मीनार जैसा लग रहा है। क्या तुम इससे खेलना चाहती ?”
“मैं इसे फिर से निचोड़ना चाहती हूँ।” नूर ने उसका लिंग पकड़ते हुए कहा, “क्या तुम चाहते हो?”
“हाँ नूर। मैं अपना दूध फिर से देखना चाहता हूँ।”समीर फिर से घोड़े की मुद्रा में खड़ा हो गया।
नूर ने उसके नीचे अखबार बिछाया और धीरे-धीरे उसके लिंग की मालिश करने लगी। वह पहले से मोटा और सख्त था। धीरे-धीरे नूर ने अपनी गति बढ़ा दी। समीर का शरीर गीला होने लगा। नूर समझ गई कि वह वीर्य निकालने के करीब है। तभी समीर चिल्लाया, “तेज़ करो नूर, मेरा वीर्य निकल रहा है। ………आह… आह…l” लिंग फट गया और अखबार पर वीर्य की बौछार होने लगी। नूर ने इस बार गौर किया कि समीर के शुक्राणु गाढ़े और काफी अधिक थे। शायद वह यौन वासना से ओतप्रोत था। समीर फिर से बिस्तर पर लेट गया और नूर के स्तनों पर हाथ फेरने लगा।
नूर, “दूध निकलने के बाद मुझे बहुत प्यास लगती है।” नूर ने उसका हाथ स्तनों से हटाकर उसके होंठों पर चुंबन किया। “आज तुम्हें सिर्फ चुंबन मिलेगा, मेरा दूध नहीं।” दोनों हंस पड़े।
“देखो, तुम्हारा लिंग कितनी जल्दी छोटा हो गया।” नूर ने उसके लिंग को छूते हुए कहा।
“हां, तुमने इसकी बहुत अच्छी मालिश की है।”
“समीर, मैं अपने कमरे में जाना चाहती हूं। अब मुझे सच में बहुत थकान महसूस हो रही है।”
“नूर, मेरे साथ सो जाओ। क्यों न हम साथ सोएं?”
“नहीं, अगर मैं तुम्हारे साथ सो गई और तुमने अपना लिंग मेरी गुदा में डाल दिया तो… नहीं नहीं…” नूर हंस पड़ी और बिस्तर से नीचे उतर गई।
“नूर, तुम ऐसा क्यों कह रही हो? क्या मैंने अपना वादा तोड़ा ? मैंने तो बस तुम्हारे गुदा को छुआ था।”
“मुझे पता है तुम अच्छे लड़के हो, तुम अपना वादा निभाते हो। लेकिन अब मैं थक गई हूँ। कल फिर कुछ करेंगे।”
“ठीक है, शुभ रात्रि नूर, मैं तुमसे प्यार करता हूं।”