नूर का साहसिक कदम-23

नूर का साहसिक कदम - भाग 23

नूर को समीर का स्पर्श अच्छा लग रहा था, समीर धीरे-धीरे अपना हाथ फेर रहा था। कभी-कभी वह अपनी उंगली मध्य रेखा पर फेरता था। नूर ने गौर किया कि उसका लिंग अभी भी बिल्कुल शांत था। उसके पायजामे पर कोई उभार नहीं था।

“नूर, तुम्हारी दोस्त को क्या हुआ? क्या उसके सौतेले भाई ने उसके गुदा में अपना लिंग डालना जारी रखा?”

“हां समीर। बेचारी लड़की लगातार चिल्लाती रही। बड़ा, मोटा लिंग उसके गुदा को और अधिक खोलता जा रहा था। धीरे-धीरे उसके भाई ने अपना पूरा लिंग उसके गुदा में डाल दिया। उसने उसका गुदाद्वार पूरी तरह खोल दिया। इसीलिए मैं डर रही हूँ।”

“नूर, तुम क्यों डरा रहे हो?”समीर ने हैरानी से पूछा l

“मुझे डर लगता है अगर तुम मेरे नंगे नितंब और छोटी गुदा देखोगे, तुम्हारा लिंग भी  खड़ा हो जाएगा और फिर तुम अपना लिंग मेरी छोटी गुदा में डाल सकते हो।”नूर मुस्कुराई और बोली

“नहीं नहीं, मेरा लिंग केवल सुबह उठने पर ही खड़ा होता है। तुम जानती  हो ।”

“ठीक है समीर, अगर तुम्हारा लिंग खड़ा हो जाए तो मुझे बता देना। अभ  तुम मेरा पायजामा नीचे खींचकर देख सकते हो।” नूर ने धीरे से कहा l

समीर ने पजामा थोड़ा नीचे खींचा । नूर ने कोई अंडरवियर नहीं पहना था और उसने  पजामा पहले ही ढीला किया हुया  था। जैसे ही समीर ने उसके नंगे नितंबों को देखा और उस पर हाथ फेरा, नूर का शरीर कांप उठा। “मुझे यहाँ कुछ नहीं दिख रहा। यह सामान्य लग रहा है।” 

“समीर थोड़ा और नीचे देखाे । शायद वहाँ हो।” समीर ने उसका पजामा योनि तक खींच लिया। उसका पूरा नंगा नितंब उसके सामने था। “कुछ नहीं नूर, मैं तुम्हारी गुदा देख सकता हूँ।” वह हँसा। “तुम्हारी गुदा भी बहुत छोटी है।”

“तुम मेरी गुदा देख और छू सकते हो, लेकिन जब तुम्हारा लिंग खड़ा हो जाए तो मुझे चेतावनी देना।”

“ नूर, तुम्हारे नितंब बहुत सुंदर हैं। गोल और गोरे। मैं  चूमना चाहता हूँ। समीर हंसते हुए बोला। नूर का मन खुशी से भर गया। समीर मे मेंमर्दानगी उमड़ रही थी।

“तुम मेरे गुदा और नितंबों से खेल सकते हो, कोई बात नहीं। मुझे पता है तुम मुझे काटोगे नहीं।” वह पूरी तरह से आनंद ले रही थी। वह चाहती थी कि समीर का लिंग खड़ा हो जाए और वह कुछ आक्रामकता दिखाए।

कुछ देर बाद नूर ने कहा, “समीर, अब मुझे अच्छा लग रहा है। मेरा पायजामा वापस पहना दो, हम कुछ और करेंगे।”

“ठीक है। नूर” उसने देखा कि समीर ने कोई आक्रामकता नहीं दिखाई।

“तुम शरारती लड़के हो। तुमने मेरे नंगे नितंब और गुदा देखी । नूर हँसी। 

“तुम्हारे नितंब और गुदा बहुत सेक्सी हैं। मुझे पसंद आए। मैं तुम्हारे नितंबों को काटना चाहता हूँ।” समीर हँसा। 

“मैं भी तुम्हारी उस गाजर को काट लूँगी , अगर तुमने शरारत की।” नूर भी हँसी।

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