नूर का उसे समझाने का निर्णय।-योनि क्या है?- भाग 21
नूर का युवा शरीर वासना से भरा उसे अपनी सारी सीमाएं तोड़ने के लिए विवश कर रहा था । रात की शांति और नींद गायब हो चुकी थी। वह चाहती है कि समीर उसकी योनि को छुए, लेकिन साथ ही वह यह भी चाहती है कि उसका लिंग कुछ आक्रामकता दिखाए। जब भी वह देखती समीर उसकी अंडरवियर को देख रहा है और उसकी योनि को छूने के बारे में सोच रहा है, उसका लिंग एकदम शांत होता । इससे वह बेचैन हो जाती है और उसकी यौन भावनाएं कमजोर पड़ने लगती।
कभी-कभी उसे लगता था कि समीर उसकी योनि को एक नए खिलौने की तरह समझता है। वह बिना किसी यौन भावना के बस उससे खेलना चाहता है। नूर ने फैसला किया कि उसे उसे यह समझाना ही होगा कि योनि को छूने का क्या मतलब होता है और यह लड़कियों की भावनाओं और संवेदनाओं को कैसे प्रभावित करता है।
“लकीन वह ऐसा कैसे कर सकती है?” उसने फुसफुसाते हुए कहा।समीर बिना किसी शर्म या झिझक के किसी भी समय अपना लिंग दिखाने को तैयार था। वह लिंग को खिलौने की तरह समझता था। नूर समझ गई कि योनि दिखाने से पहले उसे समीर में यौन भावनाएँ जगानी होंगी। ऐसी भावनाओं के बिना वह कुछ देर तक योनि को देखेगा और छुएगा, फिर उसे भूल जाएगा।
उसके मन में कई तरह के विचार आने लगे। फिर वह एक बिंदु पर रुक गई। समीर को घोड़ा बनाकर उसके लिंग को तब तक निचोड़ना जब तक कि वह वीर्य न निकाल दे, एक अच्छा विचार हो सकता है। समीर भी इसके लिए तैयार था।उसकी आँखें खुशी से चौड़ी हो गईं। “उसे इसे ज़रूर आज़माना चाहिए अपनी योनि दिखाने से पहले।”नूर ने फुसफुसाते हुए कहा।
लेकिन पहली बार किसी के लिंग को छूना उसके लिए आसान नहीं होगा। वह उसका बॉयफ्रेंड या पति नहीं था। उसके साथ उसका कभी ऐसा यौन संबंध नहीं रहा था। लेकिन उसे लगा कि समीर में कामुकता जगाने का यही एकमात्र तरीका है।